नतीजों पर ब्रोकरेज की पैनी नजर
KPIT Technologies ने अपने 3QFY26 के नतीजे जारी किए, जिसमें $181 मिलियन का रेवेन्यू आया। यह ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal के 2.8% ग्रोथ अनुमान से कम, केवल 1.5% की बढ़ोतरी को दर्शाता है। कंपनी के लिए प्रदर्शन मिला-जुला रहा; कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में 10.5% की जोरदार ग्रोथ दिखी, लेकिन पैसेंजर कार सेगमेंट में 1.2% की गिरावट दर्ज की गई।
मार्जिन पर दबाव, पर उम्मीदें बरकरार
कंपनी की ईबीआईटी (EBIT) मार्जिन में भी 80 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई और यह 15.6% पर आ गई, जो Motilal Oswal के 16.1% के अनुमान से कम था। एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1,804 मिलियन रहा, जो पिछली तिमाही से 6.6% ज्यादा है, लेकिन पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 3.5% कम है। इस आंकड़े में लेबर लॉ में हुए बदलाव से जुड़ा ₹469 मिलियन का एकमुश्त प्रभाव शामिल नहीं है।
आगे की राह: ब्रोकरेज का भरोसा
इन नतीजों के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने KPIT Technologies पर अपना 'BUY' रेटिंग और ₹1,350 का टारगेट प्राइस बनाए रखा है। फर्म को उम्मीद है कि कंपनी अगले कुछ सालों में दमदार ग्रोथ दिखाएगी। Motilal Oswal के अनुसार, कंपनी FY25 से FY28 के बीच 12% की ईपीएस (EPS) सीएजीआर (CAGR) दर्ज कर सकती है। यह टारगेट प्राइस शेयर में 29% के संभावित उछाल की ओर इशारा करता है, और कंपनी का वैल्यूएशन FY28 के अनुमानित ईपीएस का 33 गुना है।
सेक्टर में दांव और भविष्य की तस्वीर
ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर इस वक्त दोराहे पर खड़ा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और ऑटोनोमस ड्राइविंग (Autonomous Driving) जैसे क्षेत्रों की मांग मजबूत बनी हुई है, जिसका फायदा KPIT जैसी कंपनियों को मिल रहा है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और खासकर पैसेंजर वाहनों की घटती मांग कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां पैदा कर रही है। इसी सेक्टर की दूसरी कंपनियां जैसे Tata Elxsi और L&T Technology Services भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रही हैं, लेकिन उनके शेयर प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं। KPIT का खास फोकस और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में लंबी अवधि के बदलावों के बीच उसकी पोजिशनिंग, मौजूदा वैल्यूएशन को सपोर्ट करती है।