बाजार में क्यों मची खलबली?
बाजार में आई इस तेज गिरावट की जड़ें कई बड़े कारणों में छिपी हैं, जिन्होंने निवेशकों का भरोसा हिला दिया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में होने वाले निवेश की अवधि और उसके पैमाने को लेकर पनपी शंकाएं, साथ ही अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता, इन सबने मिलकर एक व्यापक बिकवाली को जन्म दिया, खासकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में, जिसने पहले काफी बढ़त हासिल की थी।
AI खर्चों पर सवालिया निशान
इस गिरावट की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में होने वाले भारी-भरकम निवेश पर मंडरा रहे बादल हैं। Nvidia के CEO, Jensen Huang, के एक बयान के बाद बाजार में खलबली मच गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि OpenAI में ₹100 बिलियन के निवेश की चर्चा 'कभी भी कोई प्रतिबद्धता नहीं थी'। इस बयान ने AI सेक्टर में भविष्य की पूंजीगत व्यय (capital expenditure) की निश्चितता और गति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह टिप्पणी AI से जुड़े शेयरों में मुनाफावसूली (profit-taking) को बढ़ावा दे सकती है। 2026 तक $2.52 ट्रिलियन के वैश्विक AI खर्च का अनुमान, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्वर की मांग से प्रेरित था, अब निकट भविष्य में इसकी हकीकत पर और अधिक जांच का सामना कर रहा है।
फेडरल रिजर्व (Fed) की चिंताएं बढ़ीं
बाजार की चिंताएं यहीं खत्म नहीं हुईं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) के अगले चेयरमैन के तौर पर Kevin Warsh के नामांकन ने भी अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि Warsh के राष्ट्रपति Trump से करीबी संबंध और वॉल स्ट्रीट से जुड़ाव है, लेकिन उनकी ब्याज दर नीति को लेकर सवाल बने हुए हैं। विश्लेषकों को आशंका है कि Warsh ब्याज दरों को कम रखने का पक्ष ले सकते हैं, लेकिन वे कितनी तेजी से और किस हद तक कटौती करेंगे, यह अभी अटकलों का विषय है। इस अस्पष्टता ने बाजार में अस्थिरता को बढ़ाया है, जो अमेरिकी मौद्रिक नीति में अनिश्चितता के प्रति एशियाई बाजारों की पिछली प्रतिक्रियाओं जैसा ही है। वहीं, अमेरिका-चीन ट्रेड टैरिफ (tariffs) भी बाजार के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
सेमीकंडक्टर सेक्टर पर दबाव
KOSPI में हुई तेज गिरावट की अगुवाई इसके सबसे बड़े घटक, Samsung Electronics और SK Hynix ने की। Samsung Electronics, जो सेमीकंडक्टर और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में ग्लोबल लीडर है, का P/E Ratio करीब 24.33 है और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन KRW 889 ट्रिलियन से अधिक है। वहीं, मेमोरी चिप्स में एक प्रमुख कंपनी SK Hynix का पिछले बारह महीनों का P/E Ratio लगभग 15.9x है। हाल ही में सेमीकंडक्टर निर्यात में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला था, जो जनवरी 2026 में दक्षिण कोरिया के कुल निर्यात का 30% से अधिक था। हालांकि, KOSPI में इस सेक्टर की 40% की भारी हिस्सेदारी का मतलब है कि यह किसी भी मंदी के प्रति बेहद संवेदनशील है। तुलनात्मक रूप से, Nvidia जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियां 47x जैसे उच्च P/E पर कारोबार कर रही हैं, जो मजबूत ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाती है।
क्षेत्रीय बाजारों में भी गिरावट
यह बिकवाली सिर्फ दक्षिण कोरिया तक सीमित नहीं रही। व्यापक एशियाई क्षेत्र में भी यह 'रिस्क-ऑफ' (risk-off) सेंटीमेंट हावी रहा, जिससे MSCI Asia Pacific Index 1.7% नीचे आ गया। टेक्नोलॉजी सेक्टर में कमजोरी और वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण, खासकर अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता, क्षेत्रीय बाजारों में भी एक-दूसरे को प्रभावित करती है, जिससे निवेशक जोखिम भरे निवेशों से दूरी बना लेते हैं।