📈 तिमाही नतीजों पर एक नज़र
Q3 FY26 के लिए JMJ Fintech Limited के स्टैंडअलोन अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स बोर्ड ने अप्रूव कर दिए हैं। नतीजों से पता चलता है कि एक तरफ कंपनी ने प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में कमाल दिखाया है, वहीं दूसरी ओर कंपनी की कमाई (Revenue) घट गई है।
तिमाही प्रदर्शन (Q3 FY26 vs. Q3 FY25):
- रेवेन्यू: कंपनी का टोटल इनकम फ्रॉम ऑपरेशन्स (Net) साल-दर-साल 27.6% गिरकर ₹519.80 Lacs हो गया।
- प्रॉफिटेबिलिटी: कम रेवेन्यू के बावजूद, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 51.7% बढ़कर ₹173.63 Lacs (पिछले साल ₹114.43 Lacs से) हो गया।
- मार्जिन: इस PAT ग्रोथ की वजह नेट प्रॉफिट मार्जिन का दोगुना से ज्यादा बढ़कर 33.40% हो जाना है, जो पिछले साल 15.92% था।
- EPS: बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) 39.3% बढ़कर ₹0.85 हो गया।
नौ महीने का प्रदर्शन (9MFY26 vs. 9MFY25):
- रेवेन्यू: नौ महीने की अवधि के लिए, रेवेन्यू 19.2% घटकर ₹1516.78 Lacs रहा।
- प्रॉफिटेबिलिटी: PAT में 12.8% की गिरावट आई और यह ₹450.76 Lacs पर आ गया।
बैलेंस शीट और कैश फ्लो:
कंपनी की बैलेंस शीट में अच्छी ग्रोथ और फंड जुटाने की एक्टिविटी दिख रही है। 31 दिसंबर, 2025 तक टोटल एसेट्स (Total Assets) 31 मार्च, 2025 की तुलना में 43.7% बढ़कर ₹6,906.92 Lacs हो गए। इसे 59.9% इक्विटी शेयर कैपिटल (Equity Share Capital) में बढ़ोतरी ₹2,048.00 Lacs से सपोर्ट मिला, जो कि काफी फंड जुटाने का संकेत देता है। सबऑर्डिनेटेड डेट्स (Subordinated Debts) भी 44.3% बढ़कर ₹2,896.30 Lacs हो गए, जो डेट फाइनेंसिंग पर ज्यादा निर्भरता दिखा रहा है। प्रॉपर्टी, प्लांट एंड इक्विपमेंट (Property, Plant & Equipment) में भी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई, जो कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) को दर्शाती है।
ऑपरेशन से कैश फ्लो (Cash Flow from Operations) पॉजिटिव हो गया है, जो 9MFY25 में ₹933.04 Lacs के नेगेटिव से 9MFY26 में ₹286.34 Lacs का पॉजिटिव टर्नअराउंड है। फाइनेंसिंग एक्टिविटीज (Financing Activities) से ₹1,493.96 Lacs मिले, जो मुख्य रूप से इक्विटी इश्यू और बरोइंग्स से आए, जबकि इन्वेस्टिंग एक्टिविटीज (Investing Activities) में ₹1,337.02 Lacs का आउटफ्लो हुआ।
स्ट्रैटेजिक कदम और ऑडिट की चिंताएं:
कंपनी के अहम फैसलों में नया लोगो अप्रूव करना और नया डिजिटल लेंडिंग ऐप, 'M/Money bro', लॉन्च करना शामिल है। इससे टेक्नोलॉजी और मार्केट एक्सपेंशन पर कंपनी का फोकस दिखता है। बोर्ड ने पलक्कड़ ब्रांच को हेड ऑफिस के साथ मर्ज करने का भी फैसला लिया है।
हालांकि, एक इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट में कुछ गंभीर चिंताएं जताई गई हैं: कलेक्शन में कमी, एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपेंस (Administrative Expenses) में बढ़ोतरी, और ड्यू अमाउंट्स (Due Amounts) में भारी इजाफा। रिपोर्ट में इन बातों को कंपनी की ऑपरेशनल सस्टेनेबिलिटी (Operational Sustainability) के लिए संभावित खतरे के तौर पर देखा गया है, भले ही कंपनी ने तिमाही में शानदार प्रॉफिट दिखाया हो।
इसके अलावा, बोर्ड ने शेयरहोल्डर अप्रूवल के अधीन, JMJ Finance Limited (एक रिलेटेड पार्टी) को ₹10,00,00,000 तक का लोन देने की मंजूरी दी है, जिस पर निवेशकों को खास नजर रखनी चाहिए।