Zomato पर Investec मेहरबान, Swiggy को 'Hold' रेटिंग! 'Q-Commerce' रेस में कौन आगे?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Zomato पर Investec मेहरबान, Swiggy को 'Hold' रेटिंग! 'Q-Commerce' रेस में कौन आगे?
Overview

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Investec ने भारत के फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) स्पेस पर अपनी नई कवरेज शुरू की है, जिसमें Zomato को **'Buy'** रेटिंग और **₹375** का टारगेट प्राइस दिया गया है, वहीं Swiggy को **'Hold'** रेटिंग के साथ **₹310** का टारगेट प्राइस मिला है।

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Investec की विश्लेषक राय (Analyst View)

Investec ने भारतीय फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनियों का विश्लेषण शुरू कर दिया है, जिसमें उन्होंने Zomato (Eternal) को Swiggy से काफी ऊपर रखा है। फर्म का मानना है कि Zomato क्विक कॉमर्स मार्केट में एक मजबूत स्थिति में है, खासकर Blinkit के जरिए। ब्रोकरेज फर्म ने Zomato को 'Buy' रेटिंग दी है, जिसका टारगेट प्राइस ₹375 रखा गया है। वहीं, Swiggy को 'Hold' रेटिंग के साथ ₹310 का टारगेट प्राइस मिला है।

क्विक कॉमर्स में Blinkit का दबदबा

Investec के अनुसार, क्विक कॉमर्स एक 'Survival of the Fittest' वाला मार्केट है, जिसमें 40% सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में Zomato का Blinkit, Swiggy के Instamart से काफी आगे निकल चुका है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि Blinkit अपने बड़े पैमाने (Scale) और बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स (Unit Economics) के कारण Instamart से कई साल आगे है। Q1 FY25 के आंकड़ों के मुताबिक, Blinkit का क्विक कॉमर्स मार्केट शेयर 46% रहा, जिसने रोजाना लगभग 1.57 मिलियन ऑर्डर संभाले। इसकी तुलना में Swiggy Instamart ने 1.21 मिलियन ऑर्डर और 25% मार्केट शेयर हासिल किया।

सबसे अहम बात यह है कि Blinkit ने FY25 में अपने घाटे को 92% तक कम कर लिया, जबकि Instamart का घाटा 60% बढ़ गया। Blinkit, दिसंबर 2025 तक अपने डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़ाकर 2,000 करने की योजना बना रहा है, जो Instamart की तुलना में प्रॉफिट की ओर एक अधिक व्यवहार्य रास्ता दिखाता है। Blinkit की औसत डिलीवरी टाइम 10-12 मिनट है, जबकि Instamart इसमें 12-15 मिनट लेता है।

फूड डिलीवरी अभी भी मजबूत, नए वेंचर भी बढ़ रहे

क्विक कॉमर्स के अलावा, मुख्य फूड डिलीवरी मार्केट को फिलहाल 'Defensible' यानी सुरक्षित माना जा रहा है। Zomato और Swiggy दोनों में FY26 से FY30 के बीच 17% की ग्रोथ और 20% से अधिक EBITDA ग्रोथ की उम्मीद है। Zomato के मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस ने Q4 FY23 और Q4 FY25 के बीच अपने रेवेन्यू को दोगुना से अधिक करके ₹840 करोड़ तक पहुंचा दिया है।

वैल्यूएशन और मार्केट ग्रोथ का आउटलुक

Investec का मानना है कि Zomato का वैल्यूएशन आकर्षक है। यह FY26-28 के लिए अनुमानित 2.4x रेवेन्यू और 4.5x EBITDA पर ट्रेड कर रहा है। भारतीय ऑनलाइन फूड डिलीवरी मार्केट एक बड़ी ग्रोथ वाली जगह है, जिसके 2034 तक USD 337.15 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। क्विक कॉमर्स सेगमेंट, 2026 में अनुमानित USD 3.65 बिलियन के मूल्य के साथ, 2031 तक 12.74% की वार्षिक वृद्धि दर से USD 6.64 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।

Zomato के लिए चुनौतियां और जोखिम

Blinkit के तेजी से विस्तार के कारण Q4 FY25 में Zomato का नेट प्रॉफिट 78% घटकर ₹39 करोड़ रह गया। कंपनी ने 'Quick' और 'Everyday' जैसी 15-मिनट डिलीवरी सेवाएं भी बंद कर दी हैं। Zepto जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा, GST डिमांड (₹23.26 करोड़) और CCI की जांच जैसे कई जोखिम भी कंपनी के सामने हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.