नतीजों पर गिरी एक-मुश्त लागत का साया
Intellect Design Arena के लिए बीता तिमाही (Q3 FY26) नतीजों के लिहाज से थोड़ा कमजोर रहा। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले तीन महीनों के मुकाबले 72% लुढ़ककर ₹28.4 करोड़ पर आ गया। इसकी मुख्य वजह भारत में नए लेबर कोड लागू होने के कारण ₹30.8 करोड़ की एक-मुश्त ग्रेच्युटी (Gratuity) लागत का आना है। इस एक बार की लागत ने शेयरधारकों को मिले प्रति शेयर मुनाफे (EPS) को भी प्रभावित किया, जो ₹2.06 रहा।
रेवेन्यू और मार्जिन में भी आई गिरावट
मुनाफे में बड़ी गिरावट के साथ ही कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में भी 3.5% की गिरावट आई, जो ₹731.3 करोड़ रहा। इसके अलावा, ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margins) भी घटकर 8.1% रह गए, जबकि पिछली तिमाही में यह 15.3% थे। अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्सेस (EBIT) में भी 48% की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹59.6 करोड़ रहा। हालांकि, साल-दर-साल (Year-on-Year) के आधार पर रेवेन्यू में ₹609.63 करोड़ से बढ़कर ₹731.38 करोड़ होने के संकेत मिले हैं।
अमेरिका में AI पेमेंट पर बड़ा दांव
इन तिमाही नतीजों के बावजूद, Intellect Design Arena अमेरिका के रियल-टाइम पेमेंट मार्केट में अपनी पैठ बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी 27 जनवरी 2026 को इस क्षेत्र में अपने AI-फर्स्ट पेमेंट प्लेटफॉर्म को और तेजी से लॉन्च करने की योजना बना रही है। यह प्लेटफॉर्म बैंकों को आधुनिक वित्तीय लेनदेन के लिए जरूरी तेजी और मजबूती देगा। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक $2 बिलियन के अमेरिकी रियल-टाइम पेमेंट मार्केट को साधना है, जिसके 40% की सालाना वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है। यह प्लेटफॉर्म मौजूदा बैंकिंग सिस्टम के साथ आसानी से जुड़कर काम करेगा।
मार्केट में कैसी रही प्रतिक्रिया?
नतीजों के बीच, शेयर बाजार में Intellect Design Arena के शेयर ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को 1.58% की मामूली बढ़त दर्ज की और ₹917.20 पर बंद हुआ। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि निवेशक कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति और एक-मुश्त लागत के असर को समझ रहे हैं। कंपनी उत्तरी अमेरिका में 18 बैंकों और 176 क्रेडिट यूनियनों को अपनी सेवाएं दे रही है।