नई गाइडेंस ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन
Infosys के Q4 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। एक तरफ कंपनी का ₹8,501 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) विश्लेषकों के अनुमान से ज्यादा रहा और EBIT मार्जिन 21% तक पहुंच गया। लेकिन, दूसरी तरफ, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) कांस्टेंट करेंसी में सालाना आधार पर सिर्फ 4.1% बढ़ा, जो कि उम्मीद से काफी कम है। इससे यह साफ संकेत मिला कि डिमांड में कुछ दिक्कतें हैं।
FY27 के लिए चिंताजनक अनुमान
असली चिंता का सबब Infosys का फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के लिए दिया गया ग्रोथ का अनुमान है। कंपनी ने कहा है कि इस साल रेवेन्यू ग्रोथ 1.5% से 3.5% के बीच रह सकती है। यह अनुमान पहले की उम्मीदों से काफी कम है और इसी वजह से कई बड़े ब्रोकरेज हाउस ने अपने टारगेट प्राइस (Target Price) घटा दिए हैं।
ब्रोकरेज की गिरी राय
- Kotak Securities ने Infosys का टारगेट प्राइस ₹1530 से घटाकर ₹1440 कर दिया है, लेकिन 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। उन्होंने कहा कि कंपनी को 'सब-पาร์ ग्रोथ' (sub-par growth) का एक और साल झेलना पड़ सकता है।
- Jefferies ने भी टारगेट ₹1290 से घटाकर ₹1235 कर दिया है और 'Hold' रेटिंग दी है, जिसका मुख्य कारण ग्रोथ को लेकर चिंताएं हैं।
- Citi ने भी अपना टारगेट ₹1395 से कम करके ₹1300 कर दिया है और 'Neutral' की राय बरकरार रखी है। ये बदलाव दिखाते हैं कि एनालिस्ट्स Infosys की बदलते मार्केट में ग्रोथ बढ़ाने की क्षमता पर शक कर रहे हैं।
वैल्यूएशन पर सवाल
Infosys अभी करीब 18.31 के TTM P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। यह लगभग 19 के P/E वाले Tata Consultancy Services (TCS) और 23 के P/E वाले HCL Technologies की तुलना में कम है। ऐतिहासिक रूप से, Infosys को हमेशा प्रीमियम वैल्यूएशन मिला है, लेकिन अब नए ग्रोथ आउटलुक के कारण इस पर सवाल उठ रहे हैं। कंपनी की मार्केट कैप करीब $60.06 बिलियन है। नतीजों के बाद Infosys ADRs में 7% की गिरावट ने दिखाया कि निवेशक ग्रोथ के अनुमानों को लेकर कितने संवेदनशील हैं।
सेक्टर की चुनौतियां और AI का असर
पूरा इंडियन आईटी सेक्टर अभी मुश्किलों का सामना कर रहा है। AI को अपनाने और डेटा सेंटर एक्सपेंशन के बावजूद, जनरेटिव AI पारंपरिक आईटी सर्विसेज की कीमतों को कम कर सकता है, जिससे रेवेन्यू 2-3% सालाना घट सकता है। Infosys भी OpenAI के साथ पार्टनरशिप करके AI टूल्स को अपने Topaz प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट कर रहा है, लेकिन कंपनी का कहना है कि कॉम्पिटिटिव प्रेशर और AI-जनित प्रोडक्टिविटी से मार्जिन और ग्रोथ पर असर पड़ रहा है। कम्युनिकेशन्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में क्लाइंट्स मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितता के कारण खर्च करने में सावधानी बरत रहे हैं।
धीमी ग्रोथ और वैल्यूएशन का रिस्क
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि Infosys बदलती टेक्नोलॉजी दुनिया में लगातार हाई-मार्जिन ग्रोथ कैसे बनाए रखेगी। FY27 का अनुमान धीमी रफ्तार से विस्तार का संकेत देता है। Infosys ने FY26 में $14.9 बिलियन TCV के मजबूत डील जीते हैं, लेकिन मार्केट के धीमे आउटलुक को देखते हुए यह सवाल है कि क्या ये डील्स रेवेन्यू ग्रोथ में तब्दील हो पाएंगी। Wipro जैसी कंपनियां, जिनका P/E करीब 16 है, अभी बेहतर वैल्यूएशन पर उपलब्ध हो सकती हैं। कंपनी का पिछली बड़ी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स पर निर्भर रहना भी एक रिस्क है, क्योंकि क्लाइंट्स के बजट शिफ्ट हो सकते हैं।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
फिलहाल, एनालिस्ट्स Infosys पर ज्यादातर 'Hold' रेटिंग दे रहे हैं, और औसत टारगेट प्राइस करीब $16 के आसपास है। यह दिखाता है कि मौजूदा ट्रेडिंग लेवल से ज्यादा अपसाइड की उम्मीद कम है। एनालिस्ट्स Infosys के AI को अपनाने की रणनीति, सेक्टर की चुनौतियों से निपटने की क्षमता और क्लाइंट्स के खर्च के पैटर्न पर बारीकी से नजर रखेंगे।
