दमदार नतीजे, लेकिन बाजार की चिंता
Infosys ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं, जो उम्मीद से बेहतर रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 20.8% बढ़कर ₹8,501 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू में 13.4% का इजाफा हुआ और यह ₹46,402 करोड़ पर पहुंच गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की बात करें तो, Infosys का नेट प्रॉफिट 10.20% बढ़कर ₹29,440 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि रेवेन्यू 9.6% बढ़कर ₹1,78,650 करोड़ रहा। कंपनी ने पूरे साल में $14.9 बिलियन की बड़ी डील्स (Large Deal Wins) भी हासिल कीं, जो ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सर्विसेज़ में उसकी मजबूत पकड़ को दिखाता है।
शेयर में गिरावट की वजह: धीमा आउटलुक और हायरिंग का बोझ
इतने मजबूत वित्तीय नतीजों के बावजूद, Infosys के शेयर में गुरुवार, 23 अप्रैल, 2026 को 2.04% की गिरावट आई और यह ₹1,242 पर बंद हुआ। निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण कंपनी का फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का बेहद सतर्क (cautious) अनुमान है। Infosys को अगले फाइनेंशियल ईयर में अपने बिजनेस में केवल 1.5% से 3.5% तक की ही ग्रोथ की उम्मीद है।
आक्रामक हायरिंग प्लान्स ने बढ़ाई निवेशकों की मुश्किलें
Infosys ने अगले फाइनेंशियल ईयर 2027 में 20,000 फ्रेश ग्रेजुएट्स को हायर करने की भी योजना बनाई है। कंपनी का कहना है कि यह कदम भविष्य की ग्रोथ और AI से जुड़ी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया जा रहा है। हालांकि, मौजूदा धीमी रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमानों को देखते हुए, इतनी बड़ी संख्या में नई हायरिंग की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठ रहे हैं। निवेशकों को डर है कि हायरिंग का यह भारी-भरकम खर्च, मौजूदा नतीजों पर भारी पड़ सकता है और कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
सेक्टर की चाल और वैल्यूएशन
IT सेक्टर में Infosys की राह थोड़ी मुश्किल दिख रही है। इसके एक बड़े कंपटीटर, HCLTech ने भी FY27 के लिए 1-4% जैसी ही मामूली रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया है, जो पूरे सेक्टर में एक व्यापक मंदी के संकेत दे रहा है। Infosys का मौजूदा प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पिछले बारह महीनों के आधार पर 18 और 19 के बीच है। यह Tata Consultancy Services (TCS) के 19.10 के करीब है, Wipro के 16.21 से ज्यादा है, लेकिन HCL Technologies के 23.75 से कम है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹5.14-5.32 लाख करोड़ के दायरे में है।
एनालिस्ट्स की राय और भविष्य का अनुमान
ज्यादातर एनालिस्ट्स Infosys के शेयर को 'होल्ड' (Hold) रेटिंग दे रहे हैं। उनका औसत 12-महीनों का प्राइस टारगेट ₹15.82 से ₹17.00 के बीच है। यह सतर्क रुख कंपनी के मौजूदा मजबूत प्रदर्शन और अनिश्चित आर्थिक माहौल के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश है। IT सेक्टर का FY27 के लिए कुल आउटलुक सतर्क ही है। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, भू-राजनीतिक मुद्दे और AI की ओर बढ़ता झुकाव बड़े IT फर्मों के लिए रेवेन्यू ग्रोथ को सीमित कर सकते हैं।
प्रॉफिटेबिलिटी पर चिंता और AI का असर
धीरे-धीरे बढ़ रही रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमानों के बीच 20,000 नए कर्मचारियों को हायर करने की योजना Infosys की भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर चिंताएं बढ़ा रही है। भले ही कंपनी AI सर्विसेज़ और पार्टनरशिप पर जोर दे रही हो, निवेशकों को यह डर सता रहा है कि AI के कारण पारंपरिक IT सेवाओं पर मार्जिन कम हो सकता है। HCLTech के सतर्क FY27 आउटलुक ने पहले ही सेक्टर की भावना को प्रभावित किया है। Infosys का नए कर्मचारियों में बड़ा निवेश महंगा साबित हो सकता है, अगर मांग उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी।
आगे की राह: ग्रोथ और सतर्कता में संतुलन
Infosys की भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपनी बड़ी डील पाइपलाइन और AI स्ट्रेटेजी को लगातार, प्रॉफिटेबल रेवेन्यू ग्रोथ में कैसे बदल पाती है। एनालिस्ट्स शेयर को उचित वैल्यू वाला मान रहे हैं, कुछ प्राइस टारगेट्स के आधार पर थोड़ी तेजी की संभावना देख रहे हैं, जबकि अन्य हालिया चुनौतियों पर गौर कर रहे हैं। कंपनी शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड के जरिए रिटर्न भी देती है, जिसमें ₹25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड शामिल है। कुल मिलाकर, बाजार Infosys के लिए एक सतर्क दृष्टिकोण बनाए हुए है। कंपनी का प्रदर्शन जारी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा लाए गए महत्वपूर्ण बदलावों के बीच FY27 के गाइडेंस को लागू करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
