IT कंपनियों के नतीजों पर AI का ग्रहण?
Infosys ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजे पेश किए, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी ने 21% का सालाना मुनाफा बढ़कर ₹8,501 करोड़ दर्ज किया, और रेवेन्यू भी 13.4% बढ़कर ₹46,402 करोड़ रहा।
लेकिन, इन दमदार नतीजों पर FY27 के लिए कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान (Guidance) ने पानी फेर दिया। Infosys ने 1.5% से 3.5% (कांस्टेंट करेंसी में) की धीमी ग्रोथ का अनुमान लगाया है, जो एनालिस्ट्स की उम्मीदों से काफी कम है। इस Outlook के आते ही Infosys के शेयर में 4.38% की भारी गिरावट आई और यह ₹1,186.30 पर आ गया, जो 52-हफ्ते का निचला स्तर भी रहा।
यह सिर्फ Infosys की कहानी नहीं है, पूरे Nifty IT index में करीब 5% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो पूरे सेक्टर की कमजोरी को दर्शाता है।
AI का बढ़ता खतरा औरvaluation reset
अब AI को सिर्फ ग्रोथ का टूल नहीं, बल्कि IT सर्विस रेवेन्यू को कम करने वाले फैक्टर के तौर पर देखा जा रहा है। हालिया विश्लेषण बताते हैं कि AI अगले कुछ सालों में ट्रेडिशनल IT सर्विसेज रेवेन्यू को सालाना 2-3% तक घटा सकता है। FY26 और FY28 के बीच इसका सबसे ज्यादा असर देखने की उम्मीद है। इस 'AI-led disruption' ने मार्केट में कंपनियों केvaluation को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
ग्लोबल टेंशन और IT कंपनियों पर दबाव
IT सेक्टर की इस गिरावट के पीछे ग्लोबल टेंशन भी एक बड़ी वजह है। Brent क्रूड ऑयल $106 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जो सप्लाई कंसर्न्स और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण महंगाई और आर्थिक अनिश्चितताओं को बढ़ा रहा है। यह स्थिति सीधे तौर पर क्लाइंट्स के IT बजट्स पर असर डालती है।
Infosys के आगे की चुनौतियां
Infosys का P/E ratio फिलहाल 16.6-18.46 के आसपास है, जो TCS (P/E 24.96, मार्केट कैप ₹11,40,150 करोड़) जैसे बड़े खिलाड़ियों से कम है। Infosys के लिए सबसे बड़ी चुनौती मार्जिन बनाए रखते हुए AI में भारी निवेश करना और क्लाइंट्स के गिरते खर्च के बीच डील विन रेट को बढ़ाना होगा। कंपनी के शेयर में 3% की तिमाही-दर-तिमाही हेडकाउंट में कमी और 19% साल-दर-साल नेट नए डील विन में गिरावट चिंताजनक है। Foreign Investors ने 2025 में करीब $8.5 बिलियन IT स्टॉक्स से निकाले थे।
भविष्य की राह
भले ही Nifty IT index इस साल 25% गिर चुका हो, IT सेक्टर का भविष्य AI-आधारित सर्विसेज और प्रोडक्ट्स को अपनाने की क्षमता पर निर्भर करेगा। एनालिस्ट्स का मानना है कि AI, IT मार्केट को 2030 तक $300-400 बिलियन तक बढ़ा सकता है, लेकिन यह ट्रांजीशन उथल-पुथल भरा होगा। इस दौरान, वे कंपनियां बेहतर करेंगी जो मजबूत परफॉर्मेंस, स्थिर मुनाफा और स्पष्ट AI प्लान दिखाएंगी। India VIX का 19.32 पर पहुंचना बाजार में बढ़ती घबराहट को दिखाता है।
