Infosys, HCL Tech AI की दौड़ में, पर बाजार में 'डर'! Valuation पर दबाव

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AuthorNeha Patil|Published at:
Infosys, HCL Tech AI की दौड़ में, पर बाजार में 'डर'! Valuation पर दबाव
Overview

Infosys और HCL Tech आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनी ग्रोथ का नया इंजन बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। Infosys 'AI-first' वैल्यू फ्रेमवर्क ला रही है, जबकि HCL Tech भी AI सेगमेंट में निवेश बढ़ा रही है। हालांकि, इन कंपनियों के शेयर पर AI के disruptive असर और valuation को लेकर निवेशकों में थोड़ी घबराहट दिख रही है।

Infosys और HCL Technologies द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किया जा रहा यह बड़ा निवेश, बदलती टेक्नोलॉजी दुनिया में अपनी ग्रोथ की राह को फिर से परिभाषित करने की एक रणनीतिक जरूरत को दर्शाता है। जहां ये भारतीय IT दिग्गज नई साझेदारियां बना रहे हैं और अपनी AI क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं, वहीं बाजार इनका मूल्यांकन AI के disruptive प्रभाव और बिजनेस मॉडल में आने वाले बड़े बदलावों को लेकर चिंतित है। कंपनियों के फाइनेंशियल नतीजे और संशोधित अनुमान फिलहाल की परफॉर्मेंस की एक झलक देते हैं, लेकिन असली परीक्षा AI से होने वाली प्रॉफिटेबल कमाई में है।

AI से कमाई पर सवाल?

Infosys, जिसे कभी 'Dalal Street का पोस्टर बॉय' कहा जाता था, अब अपने "AI-first वैल्यू फ्रेमवर्क" Infosys Topaz और Anthropic के साथ रणनीतिक साझेदारी का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक $300 अरब के AI सर्विसेज मार्केट में अपनी जगह बनाना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Infosys के रेवेन्यू का 5.5% AI से आ रहा है, और टॉप 200 क्लाइंट्स में से 90% के साथ AI पर काम चल रहा है। इसी तरह, HCL Tech के एडवांस्ड AI सेगमेंट ने दिसंबर 2025 क्वार्टर में $146 मिलियन जेनरेट किए, जो कि रेवेन्यू का 3.9% है।

हालांकि, Infosys के Q3 FY26 नतीजों में रेवेन्यू ग्रोथ सिर्फ 0.6% (कॉन्स्टेंट करेंसी में) रही, और कर्मचारियों पर बढ़े खर्च के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन 30 बेसिस पॉइंट्स घटकर 23.4% पर आ गए। HCL Tech ने 4.2% QoQ रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन लेबर कोड एडजस्टमेंट के चलते नेट प्रॉफिट में गिरावट आई। इन कोशिशों के बावजूद, Infosys का शेयर प्राइस अपने 52-हफ्ते के लो ₹1,265 के करीब बना हुआ है, और HCL Tech का शेयर भी अपने हालिया लो के आसपास मंडरा रहा है। Infosys का RSI लगभग 33.08 है, जो इसे न्यूट्रल से थोड़ा ओवरसोल्ड दिखा रहा है, जबकि HCL Tech का RSI करीब 49.11 है, यह भी न्यूट्रल है।

कॉम्पिटिशन और सेक्टर पर दबाव

AI सर्विसेज के फील्ड में कॉम्पिटिशन काफी बढ़ रहा है। बड़ी ग्लोबल कॉम्पिटिटर Accenture के शेयर 26 फरवरी 2026 को 5.98% उछले, क्योंकि उन्होंने Mistral AI के साथ AI पार्टनरशिप की घोषणा की और कुछ कंपनियों का अधिग्रहण किया। Accenture ने Q1 FY26 में उम्मीद से बेहतर रेवेन्यू दर्ज किया था। कंपनी का शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई से 42% गिर चुका था, जो AI में आक्रामक पोजीशनिंग को दिखाता है। Accenture ने कर्मचारियों के लिए AI टूल का इस्तेमाल जरूरी कर दिया है और प्रमोशन को इससे जोड़ा है, साथ ही 'रिवेंपशन सर्विसेज' पर फोकस कर रही है।

यह सब भारतीय IT कंपनियों पर दबाव डाल रहा है कि वे सिर्फ AI क्षमताएं ही न बनाएं, बल्कि क्लाइंट्स को वैल्यू और प्रॉफिटेबल स्केलेबिलिटी भी दिखाएं। सेक्टर की बात करें तो, भारतीय IT इंडस्ट्री 2026 में AI डिमांड के कारण रिकवरी की उम्मीद कर रही है, जहां AI डील्स अब लगभग 74% कॉन्ट्रैक्ट्स में शामिल हैं। लेकिन AI के डर से सेक्टर में अपने पीक से लगभग 30% की गिरावट आई थी, जिससे Valuation ऐतिहासिक औसत से नीचे चले गए। ग्लोबल स्लोडाउन और अमेरिका जैसे अहम बाजारों में क्लाइंट्स के धीमे खर्च से भी ग्रोथ की उम्मीदों पर असर पड़ रहा है। एनालिस्ट्स का भी यही मानना है; Infosys को 'Hold' रेटिंग मिली हुई है, जबकि HCL Tech को 'Neutral' से 'Moderate Buy' की रेटिंग है। Jefferies ने AI के स्ट्रक्चरल बिजनेस इंपैक्ट को देखते हुए Infosys को 'Hold' पर डाउनग्रेड किया है।

⚠️ निवेशकों की मुख्य चिंताएँ

AI के disruptive असर को लेकर बाजार की चिंता बनी हुई है। Infosys और HCL Tech AI की तरफ मुड़ रहे हैं, लेकिन असली चुनौती AI इनवेस्टमेंट को प्रॉफिटेबल और टिकाऊ ग्रोथ में बदलना है, बिना मौजूदा रेवेन्यू को नुकसान पहुंचाए या मार्जिन कम किए। Infosys के ऑपरेटिंग मार्जिन पहले ही कम हुए हैं, और कर्मचारियों पर ज्यादा खर्च एक लगातार चिंता बना हुआ है। HCL Tech का सॉफ्टवेयर डिवीजन मजबूत है, लेकिन कोर सर्विसेज बिजनेस पर भी कॉम्पिटिशन का दबाव है। कई डाउनग्रेड और 'Hold' रेटिंग्स इस संदेह को दर्शाती हैं कि वे AI को कितनी तेजी से और मुनाफे के साथ अपना पाएंगे। Jefferies ने खास तौर पर कहा है कि AI IT बिजनेस को 'स्ट्रक्चरली बदल' सकता है। IT इंडेक्स में अपने पीक से लगभग 30% की गिरावट, भविष्य की रेवेन्यू जनरेशन और इन पुरानी IT कंपनियों की AI-नेटिव कॉम्पिटिटर्स से तेजी से निपटने की क्षमता को लेकर निवेशकों की गहरी चिंताओं को दिखाती है।

टेक्निकल इंडिकेटर्स की बात करें तो, HCL Tech का RSI लोअर लेवल पर है, जो ओवरसोल्ड कंडीशन और संभावित उछाल का संकेत देता है, लेकिन ओवरऑल टेक्निकल इंडिकेटर्स 'Strong Sell' की ओर इशारा करते हैं। Infosys का RSI भी कमजोरी के संकेत दे रहा है, कुछ इंडिकेटर्स 'Strong Sell' बता रहे हैं। नए AI प्लेटफॉर्म्स को प्रॉफिटेबल तरीके से स्केल करने और Accenture जैसे फुर्तीले प्लेयर्स से मार्केट शेयर बचाने में फेल होने का रिस्क काफी बड़ा है।

आगे की राह

Infosys ने FY26 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 3%-3.5% (कॉन्स्टेंट करेंसी में) तक बढ़ाया है, जिसका कारण AI से बढ़ते रेवेन्यू का योगदान है। HCL Tech ने भी FY26 सर्विसेज रेवेन्यू ग्रोथ फोरकास्ट को 4.75%-5.25% तक बढ़ाया है। Infosys के लिए एनालिस्ट प्राइस टारगेट लगभग $17-$18.33 के आसपास हैं, जबकि HCL Tech के टारगेट लगभग ₹1,740 से ₹1,790 तक हैं, जिसमें लगभग 25-29% का संभावित अपसाइड दिख रहा है। हालांकि, दोनों कंपनियों के लिए कंसेंसस अभी भी सतर्क है, Infosys के लिए 'Hold' रेटिंग और HCL Tech के लिए 'Neutral' से 'Moderate Buy' रेटिंग है। यह AI के लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी पर पूर्ण प्रभाव को लेकर अनिश्चितता को दर्शाता है।

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