Infosys ने अपने शेयरधारकों को थोड़ा राहत देने का फैसला किया है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। यह डिविडेंड 25 जून 2026 तक उन शेयरधारकों को मिलेगा, जिनका नाम 10 जून 2026 तक रिकॉर्ड में दर्ज होगा।
शेयर में क्यों है दबाव?
डिविडेंड का यह ऐलान शेयर के प्रदर्शन में ज्यादा जान नहीं डाल पाया है। Infosys के शेयर इस समय अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹1,215.10 के करीब कारोबार कर रहे हैं। 23 अप्रैल 2026 को शेयर का भाव लगभग ₹1,250 के आसपास था। कंपनी का मार्केट कैप अप्रैल के अंत तक करीब ₹5.15 ट्रिलियन था, जो बाजार की व्यापक चिंताओं को दर्शाता है।
IT सेक्टर का हाल और प्रतिद्वंद्वियों से तुलना
अब बात करते हैं कि Infosys की तुलना इसके प्रतिद्वंद्वियों (Peers) से कैसी है। कंपनी का P/E रेशियो (Price-to-Earnings Ratio) 17.3x से 19.0x TTM के बीच है। यह TCS ( 17.35-19.3x ) और Wipro ( 16.03-16.20x ) के मुकाबले प्रतिस्पर्धी है, लेकिन HCL Technologies ( 21.7-23.5x ) और Tech Mahindra ( 29.19x ) से आकर्षक है। Infosys का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 31.88% है, जो मजबूत है लेकिन TCS के 48.29% से कम है। वहीं, कंपनी की डिविडेंड यील्ड करीब 3.49% है, जो Wipro ( 5.39% ) और HCLTech ( 4.16% ) से थोड़ी कम है।
पूरा भारतीय IT सेक्टर इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहा है। जनरेटिव AI (Generative AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं और आर्थिक अनिश्चितता के चलते, मार्च 2026 तक Nifty IT इंडेक्स में करीब 25% की गिरावट आ चुकी है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि AI आने वाले सालों में ट्रेडिशनल IT सर्विसेज से 2-3% सालाना रेवेन्यू की कमी कर सकता है। हालांकि, AI एक बड़ा अवसर भी पैदा कर रहा है, जिससे 2030 तक मार्केट का आकार $300-400 बिलियन तक बढ़ सकता है। 2026 में भारत का कुल IT खर्च $176 बिलियन से अधिक होने की उम्मीद है, जिसमें IT सर्विसेज की ग्रोथ 11.1% रहने का अनुमान है। ऐसे में, AI से ट्रेडिशनल सर्विसेज को खतरा है, लेकिन AI-बेस्ड प्रोजेक्ट्स से ग्रोथ की उम्मीदें भी हैं।
निवेशकों की चिंताएं और रिस्क
डिविडेंड के बावजूद, निवेशकों की चिंताएं बनी हुई हैं। Infosys का शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब अटका हुआ है। एनालिस्ट्स आम तौर पर इसे 'होल्ड' (Hold) रेटिंग दे रहे हैं, और उनके टारगेट प्राइस में फिलहाल बड़ी तेजी की उम्मीद कम है। Infosys सीधे TCS और Wipro जैसी कंपनियों से मुकाबला कर रही है, जिनके वैल्यूएशन ज्यादा कॉम्पिटिटिव हैं और डिविडेंड यील्ड भी बेहतर है। AI के कारण ट्रेडिशनल IT सर्विसेज में रेवेन्यू की संभावित कमी एक बड़ा रिस्क है। इसके अलावा, ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता के चलते क्लाइंट्स खर्च करने में देरी कर रहे हैं, जिससे प्रोजेक्ट्स रुक रहे हैं। कंपनी पर पिछले दिनों अमेरिकी वीजा और टैक्स फ्रॉड के आरोप भी लगे थे। पिछले क्वार्टर में ऑपरेटिंग मार्जिन में साल-दर-साल थोड़ी गिरावट आई है, साथ ही कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू में भी कमी देखी गई है, जो मौजूदा दबावों को दर्शाता है।
एनालिस्ट्स की राय और आगे का रास्ता
एनालिस्ट्स ने Infosys के लिए $14.31 से $17.00 के बीच टारगेट प्राइस तय किए हैं, जिनका औसत $15.82 है। यह फिलहाल 11-17% तक की तेजी का संकेत देता है। कुल मिलाकर, एनालिस्ट्स की राय 'होल्ड' (Hold) पर टिकी है। निवेशक अब Infosys के FY27 के गाइडेंस, AI-संचालित इंडस्ट्री बदलावों के प्रति उसके नजरिए और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच नए कॉन्ट्रैक्ट जीतने की उसकी क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे। इन सेक्टर ट्रेंड्स के मुकाबले कंपनी का प्रदर्शन उसके शेयर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
