CEO के लिए बड़ा पैकेट: परफॉर्मेंस, ESG और शेयरहोल्डर रिटर्न्स पर आधारित
Infosys ने बोर्ड मीटिंग में CEO Salil Parekh के लिए ₹51.75 करोड़ के स्टॉक अवार्ड्स को मंजूरी दे दी है। यह अवार्ड्स सीधे कंपनी के लंबे समय के प्रदर्शन, एनवायरनमेंटल, सोशल और गवर्नेंस (ESG) गोल्स, और शेयरहोल्डर रिटर्न्स से जुड़े होंगे।
CEO को ₹34.75 करोड़ का परफॉर्मेंस इक्विटी अवार्ड मिला है, जो कि रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स (RSUs) के रूप में होगा। यह अवार्ड तभी वेस्ट (vest) होगा जब बोर्ड द्वारा तय किए गए टारगेट पूरे होंगे। इसके अलावा, ₹2 करोड़ का ESG अवार्ड और ₹5 करोड़ का टोटल शेयरहोल्डर रिटर्न (TSR) अवार्ड भी शामिल है। ESG अवार्ड तभी मिलेगा जब तय पर्यावरण और सामाजिक लक्ष्य हासिल होंगे, जबकि TSR अवार्ड दो साल की अवधि में कंपनी के प्रदर्शन पर आधारित होगा और मार्च 2027 के बाद वेस्ट होगा। ₹10 करोड़ का एक और अवार्ड 2019 के स्टॉक ओनरशिप प्रोग्राम के तहत मिलेगा, जो परफॉर्मेंस क्राइटेरिया पर निर्भर करेगा। ये सभी अवार्ड्स 2 मई, 2026 से प्रभावी हैं।
एम्प्लॉई रिटेंशन के लिए भी स्टॉक ग्रांट्स
सिर्फ CEO ही नहीं, Infosys ने अपने कर्मचारियों के लिए भी स्टॉक ग्रांट्स को मंजूरी दी है। इसमें रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स और परफॉर्मेंस-बेस्ड इंसेंटिव्स शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत ₹1.90 करोड़ है। इन अवार्ड्स के वेस्टिंग पीरियड दो से तीन साल के होंगे और ये कंपनी के परफॉर्मेंस गोल्स पर निर्भर करेंगे। भारतीय IT सेक्टर में हाई एम्प्लॉई टर्नओवर को देखते हुए, टैलेंट को बनाए रखने के लिए ये कदम काफी अहम हैं।
Q4 FY26 नतीजे और FY27 का अनुमान
Infosys ने Q4 FY26 के लिए ₹8,501 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में 20.8% ज्यादा है। वहीं, रेवेन्यू 13.4% बढ़कर ₹46,402 करोड़ हो गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में रेवेन्यू कांस्टेंट करेंसी में 3.1% बढ़ा। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए कंपनी का रेवेन्यू अनुमान 1.5% से 3.5% के बीच रहने की उम्मीद है, जो कि इंडस्ट्री के ट्रेंड्स के अनुरूप है। ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता और AI डिसरप्शन जैसी चुनौतियों के कारण IT सेक्टर में ग्रोथ धीमी रहने की संभावना है।
मार्केट वैल्यूएशन और पीयर कंपैरिजन
Infosys का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो फिलहाल 16.6-17.05 के आसपास है। यह Wipro (लगभग 16.03) से बेहतर है, लेकिन TCS (लगभग 18.86) और HCLTech (लगभग 23.53) से थोड़ा कम है। करीब ₹5.03 लाख करोड़ की मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली Infosys के लिए FY27 का यह हल्का रेवेन्यू अनुमान निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाल सकता है।
एनालिस्ट्स की चिंताएं: ग्रोथ और AI का असर
एनालिस्ट्स Infosys की नियर-टर्म ग्रोथ को लेकर थोड़े सतर्क हैं और ज्यादातर 'होल्ड' रेटिंग दे रहे हैं। FY27 के लिए कंपनी का कंजर्वेटिव रेवेन्यू गाइडेंस कई ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद से कम लग रहा है। AI से होने वाले रेवेन्यू लॉस का खतरा, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कमजोर मांग वाले माहौल में प्राइसिंग प्रेशर, ये सभी Infosys के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। AI से मिली प्रोडक्टिविटी गेन को क्लाइंट्स के साथ शेयर करने की Infosys की रणनीति भी मौजूदा बिजनेस वॉल्यूम को प्रभावित कर सकती है।
आगे की राह: बड़े डील्स और AI पर फोकस
इन चिंताओं के बावजूद, Infosys ने FY26 में $14.9 बिलियन के बड़े डील्स जीते हैं, जिसमें Q4 में $3.2 बिलियन शामिल हैं। कंपनी अपने एंटरप्राइज AI ऑफर्स और ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स में मार्केट शेयर बढ़ाने पर जोर दे रही है। एक्जीक्यूटिव्स और कर्मचारियों के लिए तय किए गए इंसेंटिव्स इन चुनौतियों से निपटने में मदद करेंगे। Infosys का Topaz AI प्लेटफॉर्म और पार्टनर्शिप्स भविष्य में नए एंगेजमेंट्स ला सकते हैं, हालांकि इसका तत्काल रेवेन्यू पर असर शायद देर से दिखे। FY27 और उसके बाद Infosys की परफॉर्मेंस डील पाइपलाइन को ग्रोथ में बदलने, AI से जुड़े कॉस्ट प्रेशर को मैनेज करने और प्रतिस्पर्धा से निपटने पर निर्भर करेगी।
