Infosys Share Price: AI का बूस्ट नहीं दे पाया सहारा, शेयर **17%** गिरा!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Infosys Share Price: AI का बूस्ट नहीं दे पाया सहारा, शेयर **17%** गिरा!
Overview

**Infosys** के चेयरमैन नंदन नीलेकणी (Nandan Nilekani) भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर बड़े उत्साहित हों और कंपनी ने Anthropic के साथ एक बड़ी पार्टनरशिप का ऐलान किया हो, लेकिन बाजार में कंपनी के शेयर की चाल बिल्कुल उलट रही। पिछले महीने यानी फरवरी 2026 में Infosys के शेयर **17%** से ज़्यादा गिरे, जो निफ्टी (Nifty) के मुकाबले काफी कमज़ोर प्रदर्शन है।

AI को लेकर बड़ा दाँव, पर शेयर फिसला?

17 फरवरी 2026 को 'इन्वेस्टर AI डे' (Investor AI Day) पर Infosys के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने AI के भविष्य को लेकर बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि AI के इस दौर में 'मौके की कोई कमी नहीं' है और 'अवसर पहले से कहीं ज़्यादा बड़ा है'। इस बयान के साथ ही उन्होंने AI कंपनी Anthropic के साथ एक रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) का ऐलान भी किया। इस पार्टनरशिप के तहत दोनों कंपनियां मिलकर टेलीकॉम, फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे खास सेक्टरों के लिए एडवांस्ड एंटरप्राइज AI सॉल्यूशंस (Advanced Enterprise AI Solutions) तैयार करेंगी। नीलेकणी का लक्ष्य 2030 तक ₹300-400 बिलियन के AI मार्केट का एक बड़ा हिस्सा हासिल करना है।

शेयर का प्रदर्शन उम्मीदों से कोसों दूर

इन बड़े दावों के बावजूद, Infosys का शेयर बाजार में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया। 18 फरवरी 2026 को यह शेयर 1.9% गिरकर ₹1,365 पर बंद हुआ। फरवरी महीने में अब तक शेयर 17% से ज़्यादा टूट चुका है, जो निफ्टी (Nifty) की बढ़त के मुकाबले काफी कमज़ोर है। 17 फरवरी 2026 को शेयर में थोड़ी तेज़ी आई थी और यह तीन दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, लेकिन बाद में यह तेज़ी बरकरार नहीं रह सकी। एनालिस्ट्स का मानना है कि यह खरीदारों के थकने के संकेत हो सकते हैं। स्टॉक का टेक्निकल चार्ट भी अभी कमज़ोर दिख रहा है, क्योंकि यह अपने 50-दिन और 200-दिन के मूविंग एवरेज (Moving Average) से नीचे कारोबार कर रहा है। विश्लेषक अब ₹1,340 के स्तर पर सपोर्ट देख रहे हैं, और अगर शेयर ₹1,300 के नीचे फिसलता है, तो आगे और गिरावट की आशंका बढ़ सकती है।

IT सेक्टर पर बढ़ता दबाव और AI का असर

Infosys की यह मुश्किल भारतीय IT सेक्टर (IT Sector) पर मंडरा रहे व्यापक दबाव के बीच आई है। फरवरी 2026 की शुरुआत में, Nifty IT इंडेक्स (Index) मात्र पांच कारोबारी दिनों में करीब 11% गिर गया था, जिससे AI ऑटोमेशन के डर से अरबों की मार्केट वैल्यू खत्म हो गई। BSE IT इंडेक्स भी फरवरी की शुरुआत से करीब 15% लुढ़क चुका है, जो सेक्टर-व्यापी मंदी का संकेत है। Infosys जैसी कंपनियां Anthropic के साथ पार्टनरशिप कर रही हैं और AI-फर्स्ट स्ट्रैटेजी (AI-First Strategy) पर जोर दे रही हैं, लेकिन मुकाबला कड़ा है। जून 2024 को समाप्त होने वाले 12 महीनों में, Accenture जैसी ग्लोबल कंपनियों ने Infosys के 200 AI प्रोजेक्ट्स की तुलना में लगभग 2,250 AI-संबंधित प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं, जो AI क्लाइंट एंगेजमेंट (Client Engagement) में एक गैप का संकेत देता है। वैल्यूएशन की बात करें तो, Infosys का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) करीब 19-20.07x है, जो TCS (20.41x) और Wipro (16.93x) के आसपास है, जबकि HCLTech (23.0x-25.55x) थोड़ा महंगा है। JM Financial के एनालिस्ट्स ने मैक्रो इकोनॉमिक स्लोडाउन (Macroeconomic Slowdown) और AI प्रोडक्टिविटी शिफ्ट (AI Productivity Shift) को 'डबल ब्लो' (Dual Blow) बताते हुए IT सेक्टर के टारगेट कम किए हैं और FY27 के लिए इंडस्ट्री ग्रोथ 4% रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि, Gartner का अनुमान है कि AI को अपनाने से 2026 में भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर 11.1% बढ़ सकता है।

गवर्नेंस को लेकर पुरानी चिंताएं और एग्जीक्यूशन का सवाल

कंपनी की AI महत्वाकांक्षाओं और हालिया पहलों के बावजूद, कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और एग्जीक्यूशन (Execution) को लेकर पुरानी चिंताएं बनी हुई हैं। 2019 के आखिर में, Infosys पर व्हिसलब्लोअर (Whistleblower) के आरोप लगे थे, जिसमें CEO सलिल पारेख (Salil Parekh) और CFO निलांजन रॉय (Nilanjan Roy) पर छोटे अवधि के मुनाफे को बढ़ाने के लिए 'अनैतिक प्रथाओं' (Unethical Practices) को अपनाने का आरोप था। बोर्ड और ऑडिट कमेटी ने इसकी जांच की थी। 2017 में संस्थापकों और मैनेजमेंट के बीच सैलरी पैकेज और रेमनरेशन (Remuneration) को लेकर विवाद भी पारदर्शिता और मैनेजमेंट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं, जो निवेशकों के संदेह का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, फरवरी 2026 के मध्य तक ज्यादातर एनालिस्ट्स की 'होल्ड' (Hold) कंसेंसस रेटिंग (Consensus Rating) और 9 फरवरी 2026 को टेक्निकल कमजोरी और नज़दीकी अवधि में कमाई में वृद्धि को लेकर चिंता जताते हुए रेटिंग में की गई कटौती, कंपनी के तत्काल भविष्य को लेकर आशंकाएं बढ़ाती है। Infosys का प्रति कर्मचारी रेवेन्यू (Revenue Per Employee) $59,856 (4Q24 तक) अच्छा है, लेकिन AI प्रोजेक्ट्स हासिल करने की गति प्रमुख ग्लोबल कंपनियों से पीछे है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह AI बूम का तेजी से फायदा उठा पाएगी।

आगे क्या? एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई

एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है और उनके प्राइस टारगेट (Price Target) में बड़ा अंतर है। JPMorgan ने 'ओवरवेट' (Overweight) रेटिंग के साथ ₹2,050 का टारगेट दिया है, जबकि Motilal Oswal ने 'बाय' (Buy) रेटिंग और ₹1,850 का टारगेट रखा है। दूसरी ओर, ICICI Securities के पास 'होल्ड' (Hold) रेटिंग और ₹1,470 का टारगेट है। JM Financial ने Infosys पर 'बाय' बनाए रखते हुए अपना टारगेट घटाकर ₹1,660 कर दिया है। यह अंतर बाजार में AI की परिवर्तनकारी क्षमता और नज़दीकी अवधि के एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) व सेक्टर-व्यापी चुनौतियों के बीच चल रहे संघर्ष को दर्शाता है। Infosys के लिए यह ज़रूरी होगा कि वह इन चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटे ताकि अपनी महत्वाकांक्षी AI कहानी और स्टॉक मार्केट वैल्यूएशन (Stock Market Valuation) के बीच के अंतर को पाट सके।

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