Infosys ने अपने AI Investor Day पर भविष्य का रोडमैप पेश किया है, जिसका फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर है। कंपनी ने 2030 तक ग्लोबल AI सर्विसेज मार्केट के $300-400 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। यह स्ट्रेटेजी Infosys के मौजूदा क्लाइंट्स और इंडस्ट्री के संदर्भ का फायदा उठाकर इस तेजी से बढ़ते AI मार्केट में बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए तैयार की गई है।
AI का वादा और बाजार का संशय
Infosys के AI Investor Day में दो मुख्य बातें सामने आईं: पहला, 2030 तक $300-400 बिलियन के ग्लोबल AI सर्विसेज मार्केट के मौके का पूरा फायदा उठाना, और दूसरा, अपने पारंपरिक बिजनेस पर AI के संभावित असर को कम करना। कंपनी ने यह भी बताया कि नई AI सर्विसेज पहले से ही Q3FY26 के रेवेन्यू में 5.5% का योगदान दे रही हैं। CLSA के एनालिस्ट्स का मानना है कि यह आंकड़ा AI द्वारा मौजूदा सेवाओं को बदलने (cannibalization) के डर से कहीं ज्यादा होगा। JPMorgan का कहना है कि AI की वजह से 'buy' की जगह 'build' की ओर बढ़ रहा एंटरप्राइज सेक्टर, सर्विसेज के लिए फायदेमंद है।
इन उम्मीदों के बावजूद, Infosys के शेयर मंगलवार को 1.88% बढ़कर ₹1,391.30 पर बंद हुए, लेकिन वे 2026 की शुरुआत से अब तक 15% से ज्यादा गिर चुके हैं। यह साफ दिखाता है कि भविष्य की बड़ी योजनाओं के बावजूद, बाजार में IT सेक्टर के मौजूदा दबावों के चलते कुछ चिंताएं बनी हुई हैं।
ब्रोकरेज की राय और वैल्यूएशन
एनालिस्ट्स का एक बड़ा वर्ग Infosys को लेकर अभी भी पॉजिटिव है। HSBC (Buy, ₹1,870 टारगेट) का मानना है कि AI-आधारित सेवाएं पारंपरिक बिजनेस पर पड़ रहे दबाव को कम करेंगी। Jefferies (Buy, ₹1,880 टारगेट) AI को लागू करने में IT सर्विसेज के अहम रोल पर जोर देता है, जिसमें Infosys के प्लेटफॉर्म और पार्टनरशिप काफी मददगार साबित होंगे। Nuvama (Buy, ₹1,900 टारगेट) हालिया IT स्टॉक करेक्शन को जरूरत से ज्यादा मानता है और AI-संचालित आधुनिकीकरण को ग्रोथ का मुख्य जरिया बताता है। JPMorgan (Overweight, ₹2,050 टारगेट) और Morgan Stanley (Equalweight, ₹1,760 टारगेट) ने भी अपने प्राइस टारगेट दिए हैं।
कुल मिलाकर, 52 में से 38 एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, 12 'Hold' और सिर्फ दो 'Sell' की सलाह दे रहे हैं।
जब बात वैल्यूएशन की आती है, तो Infosys का TRAILING TWELVE MONTH (TTM) P/E RATIO करीब 19.78x है। यह TCS (20.41x) और Wipro (16.93x) के बीच में है, जबकि HCLTech का P/E 23.0x से 25.55x के आसपास है। इसका मतलब है कि बाजार Infosys की AI संभावनाओं को इसके बड़े भारतीय IT साथियों के बराबर ही आंक रहा है। फरवरी 2026 के मध्य तक, Infosys का शेयर ₹1,840-₹1,850 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले एक साल में काफी बड़ी गिरावट दर्शाता है।
⚠️ चिंता की वजहें (Bear Case)
बुलिश एनालिस्ट सेंटीमेंट और मजबूत AI स्ट्रेटेजी के बावजूद, कुछ वजहें चिंता बढ़ाती हैं। भारतीय IT सेक्टर काफी दबाव में रहा है, जिसमें BSE IT इंडेक्स फरवरी 2026 की शुरुआत से लगभग 15% गिर चुका है। यह व्यापक कमजोरी बताती है कि सिर्फ AI की कहानी सेक्टर-व्यापी चुनौतियों पर भारी नहीं पड़ सकती।
इसके अलावा, Infosys के शेयर को 9 फरवरी 2026 को 'Buy' से 'Hold' रेटिंग में डाउनग्रेड किया गया था, जिसकी वजह स्टॉक की तकनीकी कमजोरी और निकट-अवधि की कमाई में ग्रोथ की चिंताएं थीं। इससे पहले मार्च 2025 में Morgan Stanley ने भी ग्रोथ आउटलुक और FY25 में कम डील विन के कारण 'Overweight' से 'Equalweight' कर दिया था।
IT सर्विसेज मॉडल में एक बड़ा बदलाव आ रहा है, जिसे Infosys के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने "जड़ से बदलाव" बताया है। यह मॉडल हेडकाउंट-आधारित से "आउटकम-आधारित, IP-आधारित" कॉन्ट्रैक्ट्स की ओर जा रहा है, जिसके लिए बड़े संगठनात्मक और स्किल बदलावों की जरूरत है। Infosys का FY26 के लिए 0-3% का रेवेन्यू गाइडेंस, HCLTech के 2-5% के अनुमान से कम, इस बदलाव को अपनाने में संभावित चुनौतियों का संकेत देता है।
साथ ही, 2019 में CEO Salil Parekh और CFO Nilanjan Roy पर लगे अनैतिक व्यवहार के आरोपों की जांच और हाल ही में जनवरी 2026 में एक कर्मचारी द्वारा व्यवस्थित उत्पीड़न का आरोप, कंपनी के इंटरनल इश्यूज की ओर इशारा करते हैं, जो कर्मचारियों के मनोबल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर असर डाल सकते हैं। इन एग्जीक्यूशन रिस्क और स्ट्रक्चरल शिफ्ट्स के बीच, शेयर का फरवरी 2026 के मध्य में 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब पहुंचना, निवेशकों के भरोसे पर पड़ रहे दबाव को दिखाता है।
आगे का रास्ता
हालांकि निकट-अवधि में चुनौतियां और कुछ एनालिस्ट्स की सतर्कता बनी हुई है, लेकिन AI का लॉन्ग-टर्म अवसर बहुत बड़ा है। Gartner का अनुमान है कि 2026 में भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर AI की वजह से 11.1% की ग्रोथ हासिल करेगा। Infosys अपनी 'AI First' वैल्यू फ्रेमवर्क, क्लाइंट एंगेजमेंट और पार्टनरशिप पर फोकस करके इस बाजार का एक बड़ा हिस्सा हासिल करने की कोशिश कर रही है। ब्रोकरेज फर्म्स के टारगेट ₹2,050 तक के हैं, जो मौजूदा स्तरों से संभावित अपसाइड दिखाते हैं, बशर्ते कंपनी अपनी AI स्ट्रेटेजी को सफलतापूर्वक लागू करे और सेक्टर ट्रांसफॉर्मेशन से निपटे।