AI का डबल रोल: पुराने बिज़नेस पर मार, नए अवसरों पर बहार
भारत की दिग्गज IT कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही हैं। AI दोधारी तलवार साबित हो रहा है: एक तरफ यह पारंपरिक, लेबर-इंटेंसिव IT सर्विसेज से होने वाली कमाई को घटा रहा है, तो दूसरी तरफ AI-नेटिव प्रोजेक्ट्स से आय के नए बड़े रास्ते खोल रहा है। ग्राहक अब IT सर्विसेज खरीदने का तरीका बदल रहे हैं, और वे केवल प्रोजेक्ट के कुल आकार के बजाय विशिष्ट परिणामों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
FY26 नतीजे: टॉप IT फर्म्स में साफ दिखी दरार
वित्त वर्ष 2026 के नतीजों ने टॉप पांच कंपनियों के बीच प्रदर्शन को लेकर एक स्पष्ट विभाजन दिखाया है। Tata Consultancy Services (TCS) ने मार्च तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट में 12.22% की मजबूत बढ़ोतरी और पूरे साल के लिए 1.35% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹49,210 करोड़ रहा। Infosys ने भी ग्रोथ दिखाई, जिसमें चौथी तिमाही के नेट प्रॉफिट में 20.8% का उछाल और पूरे फाइनेंशियल ईयर में 10.20% की बढ़ोतरी के साथ कुल ₹29,440 करोड़ का मुनाफा हुआ। TCS और Infosys दोनों ने संकेत दिया है कि आर्थिक चुनौतियां अब कम हो सकती हैं। वहीं, HCL Technologies ने पूरे साल रेवेन्यू में 11.18% की बढ़ोतरी के बावजूद, पूरे साल के प्रॉफिट में 4.30% की गिरावट दर्ज की। Wipro का नेट प्रॉफिट पूरे फाइनेंशियल ईयर में केवल 0.47% बढ़ा। Tech Mahindra ने चौथी तिमाही के प्रॉफिट में 16% और पूरे साल के लिए 13.15% की बढ़ोतरी दर्ज की।
