AI के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत ने एक बड़ा कदम बढ़ाया है। Sarvam AI ने देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 105 अरब पैरामीटर वाला अपना अत्याधुनिक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) पेश किया है। यह लॉन्च भारत की 'संप्रभु AI' (Sovereign AI) रणनीति का एक अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विदेशी तकनीकों पर निर्भरता कम करना और स्वदेशी AI क्षमताओं को विकसित करना है।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को सरकार का भी पूरा सहयोग मिला है। ₹10,372 करोड़ की इंडिया AI मिशन के तहत Sarvam AI को ज़रूरी GPU रिसोर्सेज तक पहुंच मिली, जिससे 10,000 GPU की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी का दावा है कि यह नया LLM भारतीय भाषाओं के बेंचमार्क पर DeepSeek R1 (जो 600 अरब पैरामीटर का है) और Google के Gemini 2.5 Flash से बेहतर प्रदर्शन करता है, वह भी Gemini 2.5 Flash की तुलना में कम लागत में।
यह लॉन्च वैश्विक AI बाज़ार के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिसका आकार 2023 में लगभग $5.94 अरब था और इसके 2031 तक $60 अरब से अधिक होने की उम्मीद है। Sarvam AI का 30 अरब और 105 अरब पैरामीटर वाले मॉडल, ख़ासकर अपने 1,28,000-टोकन कॉन्टेक्स्ट विंडो के साथ, बाज़ार में एक नई प्रतिस्पर्धा खड़ी कर रहे हैं।
हालांकि, यह सफर आसान नहीं है। Google, Microsoft और OpenAI जैसी कंपनियां भारी-भरकम संसाधनों के साथ इस क्षेत्र में पहले से मौजूद हैं। Sarvam AI को अभी स्वतंत्र परीक्षणों के ज़रिए अपने दावों को साबित करना होगा। इसके अलावा, NVIDIA जैसे विदेशी निर्माताओं पर GPU के लिए निर्भरता और AI प्रतिभाओं को आकर्षित करने व बनाए रखने जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं। ऐसे बड़े मॉडलों को विकसित करने में हज़ारों से लाखों डॉलर का खर्च आता है, और इन्हें व्यावसायिक रूप से सफल बनाना एक बड़ी चुनौती होगी।
फिर भी, Sarvam AI का यह कदम भारत की AI महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। इंडिया AI मिशन के तहत कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ने और MSMEs के लिए इकोसिस्टम बनने के साथ, Sarvam AI की सफलता आगे चलकर और स्वदेशी AI नवाचारों को बढ़ावा दे सकती है। ओपन-सोर्स मॉडल और बहुभाषी क्षमताओं पर ज़ोर देकर, भारत घरेलू और वैश्विक दोनों बाज़ारों के लिए विशेष AI समाधान पेश करने की राह पर है।
