Apple India Record: रिकॉर्ड **28%** मार्केट शेयर! iPhone 16 की धूम, इंडिया में Apple का दबदबा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Apple India Record: रिकॉर्ड **28%** मार्केट शेयर! iPhone 16 की धूम, इंडिया में Apple का दबदबा
Overview

भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में Apple ने एक नया इतिहास रच दिया है। साल **2025** में कंपनी ने **28%** का अब तक का सबसे बड़ा वैल्यू शेयर हासिल किया है, जो कि प्रीमियम सेगमेंट की बढ़ती डिमांड और iPhone 16 की ज़बरदस्त परफॉरमेंस का नतीजा है।

इंडिया का प्रीमियम स्मार्टफोन मार्केट: एक नया दौर

भारतीय स्मार्टफोन बाज़ार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कंज्यूमर्स अब तेज़ी से महंगे और हाई-एंड डिवाइसेस की ओर बढ़ रहे हैं। 2025 में, ओवरऑल स्मार्टफोन की बिक्री वॉल्यूम में महज़ 1% की मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन बाज़ार के कुल वैल्यू में 8% का ज़बरदस्त उछाल आया। इसकी मुख्य वजह 'प्रीमियम सेग्मेंट' की भारी डिमांड रही, जहाँ ₹30,000 से ऊपर के स्मार्टफोन्स की वॉल्यूम में 11% की ग्रोथ देखी गई। यह सेग्मेंट अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है, जो कुल शिपमेंट्स का 22% हिस्सा रखता है। इस ट्रेंड को आसान फाइनेंसिंग विकल्पों ने और भी बढ़ावा दिया, जो कुल वॉल्यूम बिक्री का 40% थे। प्रीमियम डिवाइसेस खरीदने वाले करीब दो-तिहाई (लगभग 67%) ग्राहकों ने ईएमआई (EMI) का सहारा लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रीमियम सेग्मेंट अब लो-एंड और बजट कैटेगरीज को पीछे छोड़कर बाज़ार की ग्रोथ का मुख्य इंजन बन गया है।

Apple का दबदबा: iPhone 16 की सबसे बड़ी जीत

इस कंज्यूमर ट्रेंड का फायदा उठाते हुए, Apple ने भारतीय बाज़ार में अपना अब तक का सबसे बड़ा वैल्यू शेयर हासिल किया, जो 2025 में 28% पर पहुँच गया। कैलिफोर्निया की इस टेक दिग्गज कंपनी की यह सफलता iPhone 16 सीरीज़ की ज़बरदस्त डिमांड और आक्रामक फाइनेंसिंग व ट्रेड-इन ऑफर्स के कारण रही। साल 2025 में Apple का iPhone 16 भारत में सबसे ज़्यादा शिप होने वाला मॉडल बन गया, जो देश में कंपनी के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है। Apple की ग्लोबल परफॉरमेंस भी शानदार रही। फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली तिमाही (जो 27 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई) में कंपनी ने रिकॉर्ड $143.8 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 16% ज़्यादा है। अकेले iPhone से रेवेन्यू 23% बढ़कर $85.3 बिलियन हो गया, जबकि सर्विसेज से होने वाली कमाई भी $30 बिलियन के ऑल-टाइम हाई पर पहुँच गई। जनवरी 2026 के अंत तक, Apple का मार्केट कैप लगभग $3.8 ट्रिलियन था।

कॉम्पिटिशन और आने वाली चुनौतियां

हालांकि Apple वैल्यू के मामले में आगे है, लेकिन अन्य कंपनियां भी अपनी जगह बनाए हुए हैं। Samsung ने फोल्डेबल सेगमेंट में अपना दबदबा कायम रखा, जहाँ 2025 में 88% वॉल्यूम शेयर के साथ 28% की YoY ग्रोथ दर्ज की। वहीं, Motorola वॉल्यूम के हिसाब से सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली ब्रांड बनकर उभरी, जिसमें 54% की YoY ग्रोथ देखी गई। CMF सब-ब्रांड भी 83% YoY की ग्रोथ के साथ तेज़ी से आगे बढ़ा। लेकिन 2026 के लिए बाज़ार में कुछ चुनौतियां नज़र आ रही हैं। मेमोरी और स्टोरेज जैसे कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत डिमांड को कम कर सकती है, खासकर ₹15,000 से नीचे के स्मार्टफोन्स के लिए। अनुमान है कि इंडिया का कुल स्मार्टफोन वॉल्यूम एकल-अंकीय (single-digit) गिरावट दिखा सकता है। Q4 2025 में ग्लोबल एवरेज सेलिंग प्राइस (ASPs) $400 के पार निकल गए थे, और लागत बढ़ने व रुपये के कमजोर होने के कारण 2026 में भारतीय ASPs में 5-7% की बढ़ोतरी का अनुमान है।

2026 का आउटलुक: राह होगी मुश्किल?

एक्सपर्ट्स 2026 को भारतीय स्मार्टफोन मार्केट के लिए चुनौतीपूर्ण मान रहे हैं। अनुमान है कि यूनिट शिपमेंट्स में लगभग 4% की गिरावट आ सकती है। बढ़ती लागत और डॉलर के मुकाबले कमजोर होते भारतीय रुपये के कारण मैन्युफैक्चरर्स को हैंडसेट की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी। ऐसे में, बाज़ार में कंसॉलिडेशन (consolidation) तेज़ हो सकता है, जिससे Apple जैसी बड़ी कंपनियों को फायदा होगा जिनके पास मजबूत प्रीमियम पोर्टफोलियो है। Apple इन चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर स्थिति में है, लेकिन उसे संभावित सप्लाई की दिक्कतें और बढ़ती मेमोरी कीमतों पर भी नज़र रखनी होगी, जिनका असर उसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ सकता है।

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