भारतीय शेयर बाज़ार में तूफानी वापसी! रुपया हुआ मजबूत, IT शेयरों में तेजी, Sensex-Nifty की शानदार रिकवरी

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AuthorAditya Rao|Published at:
भारतीय शेयर बाज़ार में तूफानी वापसी! रुपया हुआ मजबूत, IT शेयरों में तेजी, Sensex-Nifty की शानदार रिकवरी
Overview

अप्रैल 2, 2026 को भारतीय शेयर बाज़ारों ने एक ज़ोरदार वापसी की। Sensex और Nifty ने दिन के दौरान भारी गिरावट के बाद अच्छी खासी रिकवरी दर्ज की। इस बाज़ार की तेजी के पीछे भारतीय रुपये में आई मजबूती और आईटी (IT) शेयरों में हुई खरीदारी मुख्य वजह रही।

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बाज़ार में दिखी जबरदस्त रिकवरी

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क, Sensex और Nifty, ने दिन के कारोबार में एक नाटकीय मोड़ दिखाया। दिन की शुरुआत गिरावट के साथ और सेशन लो (session low) पर पहुंचने के बावजूद, दोनों सूचकांकों में शानदार रिकवरी आई। Sensex अपने निचले स्तर से 1,500 पॉइंट्स से ज़्यादा भागा, जबकि Nifty 460 पॉइंट्स से ज़्यादा चढ़कर 22,600 के पार बंद हुआ। आईटी सेक्टर (IT index) में 2.4% से ज़्यादा की बढ़त देखी गई, जिसने बाज़ार को सबसे ज़्यादा सहारा दिया। मेटल्स (Metals) और ऑटो (Auto) जैसे सेक्टर में भी वैल्यू बाइंग (value buying) देखी गई, जिसने शुरुआती भारी नुकसान को कम करने में मदद की।

इस रिकवरी में भारतीय रुपये (Indian Rupee) ने अहम भूमिका निभाई। ऑनशोर फॉरवर्ड मार्केट (onshore forward market) में अटकलों पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उठाए कदमों के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। रिकवरी के दौरान यह 93 के नीचे तक चला गया था और दिन के अंत में थोड़ा ऊपर बंद हुआ।

अंदरूनी दबाव अभी भी कायम

दिन के अंत में मजबूती के बावजूद, बाज़ार पर अंदरूनी दबाव बना हुआ है। आरबीआई के दखल से रुपये को मिली अल्पकालिक राहत, उसकी लंबी अवधि की कमजोरी को ढक नहीं सकती। विदेशी पूंजी का लगातार बाहर जाना (foreign capital outflows) भी एक बड़ी चिंता है, क्योंकि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार 22वें सेशन में बिकवाली कर रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह स्थिति बाज़ार को प्रभावित कर रही है।

ऊंचे क्रूड ऑयल (Crude Oil) के दाम, जो $110-$118 प्रति बैरल के करीब बने हुए हैं, भारत के लिए एक बड़ा आर्थिक जोखिम पैदा करते हैं। भारत अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई, चालू खाते के घाटे (current account deficit) और कंपनियों के मुनाफे पर सीधा असर डालती हैं।

विभिन्न सेक्टरों का प्रदर्शन मिलाजुला

आईटी सेक्टर (IT Sector) की मजबूती ने बाज़ार की रिकवरी में खास योगदान दिया, जिसमें Coforge और LTIMindtree जैसे शेयरों में 4% से 7% तक की बढ़त देखी गई। हालांकि, इस सेक्टर का भविष्य मिलाजुला दिख रहा है। कुछ कंपनियां ऐतिहासिक औसत और व्यापक बाज़ार से नीचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं, जबकि अन्य पर ऊंचे मल्टीपल (higher multiples) का दबाव है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा पारंपरिक आईटी सेवाओं के मॉडल को बाधित करने की चिंताएं भी सेक्टर के सेंटिमेंट (sentiment) पर असर डाल रही हैं।

इसके विपरीत, ऑटो सेक्टर (Auto Sector) पर काफी दबाव देखा गया, जहां Nifty Auto इंडेक्स लगभग 2.7% नीचे रहा। ब्रोकरेज फर्मों (Brokerages) ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ती महंगाई के कारण मांग में जोखिम जताया है।

बाज़ार के लिए मुख्य जोखिम

2 अप्रैल को बाज़ार की तेज रिकवरी के पीछे कुछ संरचनात्मक कमजोरियां भी छिपी हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मजबूत डॉलर के कारण विदेशी पूंजी का लगातार निकलना (sustained flight of foreign capital) घरेलू इक्विटी (domestic equities) और रुपये पर दबाव बना रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा हैं और विभिन्न उद्योगों के मार्जिन को प्रभावित कर रही हैं।

विश्लेषकों का सेंटिमेंट भी सतर्क हो गया है। हाल ही में, गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने अपनी 12 महीने की Nifty टारगेट प्राइस को कम किया और भारतीय इक्विटी को डाउनग्रेड किया। उनका मानना है कि ऊर्जा झटकों (energy shocks) के कारण जोखिम-इनाम का दृष्टिकोण (risk-reward outlook) कमजोर हो गया है। आरबीआई के कदम ने अस्थायी राहत तो दी है, लेकिन यह रुपये की नाजुकता को भी दर्शाता है। बाज़ार की दिशा भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता पर निर्भर करेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.