Indian IT Sector: AI का डर नहीं, धीमी ग्रोथ है असली खतरा! फंड मैनेजर ने चेताया

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian IT Sector: AI का डर नहीं, धीमी ग्रोथ है असली खतरा! फंड मैनेजर ने चेताया
Overview

Allspring Global Investment के पोर्टफोलियो मैनेजर प्रशांत पारोडा का मानना है कि भारतीय IT सेक्टर के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का खतरा उतना बड़ा नहीं है जितना शोर मचाया जा रहा है। उनका कहना है कि असल चिंता सेक्टर की 'बहुत धीमी' रेवेन्यू ग्रोथ की है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

AI का डर ओवरडन? असली चिंता क्या है?

प्रशांत पारोडा, जो Allspring Global Investment में पोर्टफोलियो मैनेजर (Emerging Markets) हैं, ने कहा कि भारतीय IT स्टॉक्स को लेकर जो कमजोर सेंटिमेंट बना हुआ है, वह AI को लेकर की जा रही अत्यधिक चिंताओं का नतीजा है। पारोडा का कहना है, "मुझे लगता है कि यह थोड़ा ज्यादा हो गया है, क्योंकि लोग मान रहे हैं कि AI कल ही सब कुछ बदल देगा, जो शायद नहीं होने वाला है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेक्टर की टॉप-लाइन ग्रोथ 'बहुत धीमी' बनी हुई है, और यह चुनौती तब तक बनी रहेगी जब तक चीजें ज्यादा स्पष्ट नहीं हो जातीं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले तीन सालों में जिन निवेशकों ने IT की बजाय टेलीकॉम में पैसा लगाया, उन्हें शायद बेहतर रिटर्न मिला होगा।

हेडज फंड्स का दांव और बाजार का रिएक्शन

हालिया बाजार की हलचल में हेडज फंड्स की पोजीशनिंग का बड़ा असर दिख रहा है। कई फंड्स सेमीकंडक्टर में लॉन्ग (खरीदारी) और सॉफ्टवेयर स्टॉक्स में शॉर्ट (बिकवाली) पोजीशन ले रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन फंड्स ने सॉफ्टवेयर इक्विटी के खिलाफ दांव लगाकर पहले ही $24 बिलियन से ज्यादा का मुनाफा कमाया है और वे अपनी शॉर्ट पोजीशन और बढ़ाना चाहते हैं।

भारतीय IT स्टॉक्स में बिकवाली लगातार दूसरे दिन (5 फरवरी) भी जारी रही। इसकी वजह AI से होने वाली संभावित रुकावटों को लेकर ग्लोबल चिंताएं और कमजोर अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों से उपजी सतर्कता है। यह वॉल स्ट्रीट पर 4 फरवरी को आई बड़ी गिरावट के बाद हुआ, जहां Anthropic द्वारा कानूनी कामों को टारगेट करने वाला एक नया AI टूल लॉन्च किए जाने के बाद सॉफ्टवेयर स्टॉक्स धड़ाम हो गए थे। इस घटना ने पारंपरिक सॉफ्टवेयर और सेवाओं की मांग का व्यापक पुनर्मूल्यांकन शुरू कर दिया।

कुल मिलाकर, इस बड़ी बिकवाली ने ग्लोबल सॉफ्टवेयर कंपनियों का लगभग $300 बिलियन का मार्केट वैल्यू मिटा दिया। हालांकि बाद में सॉफ्टवेयर शेयरों में कुछ स्थिरता आई, लेकिन चिपमेकर Advanced Micro Devices Inc. (AMD) ने उम्मीद से कमजोर गाइडेंस देने के बाद 17% की गिरावट दर्ज की, जिससे टेक्नोलॉजी सेक्टर में अस्थिरता और बढ़ गई।

भारतीय IT के लिए क्या हैं सकारात्मक पहलू?

इन चुनौतियों के बावजूद, पारोडा ने भारतीय IT सर्विसेज कंपनियों के लिए कुछ खास फायदे बताए। उन्होंने कहा, "भारतीय IT सर्विसेज की तुलना में, जैसे कि अमेरिका में कई SaaS (सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस) प्ले हैं, अच्छी बात यह है कि इनके वैल्यूएशन बहुत ज्यादा नहीं हैं। ये असल में डिविडेंड भी देते हैं।" इससे पता चलता है कि भले ही ग्रोथ धीमी हो, लेकिन कुछ अमेरिकी कंपनियों की तुलना में यह सेक्टर काफी आकर्षक वैल्यूएशन और इनकम के मौके दे रहा है।

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