Indian IT Stocks पर AI का साया, Nifty IT Index में **20%** से ज़्यादा की गिरावट!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian IT Stocks पर AI का साया, Nifty IT Index में **20%** से ज़्यादा की गिरावट!
Overview

AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर निवेशकों में घबराहट के चलते Indian IT Stocks में भारी गिरावट आई है। इस साल Nifty IT Index **20%** से ज़्यादा गिर चुका है, जबकि Nifty 50 में सिर्फ **4.5%** की मामूली गिरावट देखी गई है।

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AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर फैली घबराहट ने Indian IT Stocks पर भारी दबाव बना दिया है। इस साल Nifty IT Index 20.7% तक लुढ़क गया है, जो Nifty 50 के 4.5% के मुकाबले कहीं ज़्यादा है। यह गिरावट काफी हद तक अटकलों पर आधारित लगती है, क्योंकि ऐसे ठोस सबूत कम हैं जो ये बताते हों कि AI पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं (Software Services) को पूरी तरह से बदल देगा।

Valuations पर AI का असर: क्या है असलियत?

इस अनिश्चितता के माहौल में, IT कंपनियों के Valuations यानी मूल्यांकन काफी गिर गए हैं। HSBC के एनालिस्ट्स का कहना है कि AI के कोर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को रिप्लेस करने के ठोस डेटा की कमी है। इस वजह से निवेशक सतर्क हैं और Valuations पर दबाव बना हुआ है। उदाहरण के लिए, Infosys अभी 18.3x - 19.3x के P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो अपने 5-साला औसत के करीब है। वहीं HCL Technologies 21.5x - 24.8x के P/E पर है। TCS 17.9x - 19.4x पर और Wipro 15.4x - 16.7x पर कारोबार कर रहा है, जिसमें Wipro अपनी वैल्यूएशन के हिसाब से काफी आकर्षक दिख रहा है।

आगे क्या? Q1FY27 नतीजों और Macro Trends पर नज़र

आने वाले जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे IT सेक्टर के लिए अहम होंगे। HSBC को उम्मीद है कि कंपनियां अब पहले के मुकाबले ज़्यादा जमीनी और यथार्थवादी अनुमान (Realistic Outlooks) पेश करेंगी। Infosys से 2.5% से 5% तक के रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान है, जिसमें बैंकिंग और एनर्जी से डिमांड का सहारा मिलने की उम्मीद है। HCL Technologies अपने स्टेबल बिजनेस मिक्स और नए डील्स के दम पर 4.5% से 6.5% ग्रोथ का अनुमान दे सकती है।

वैश्विक स्तर पर भी हालात IT कंपनियों के पक्ष में दिख रहे हैं। अमेरिका की बड़ी कंपनियों के दमदार नतीजे बताते हैं कि क्लाइंट्स (Clients) टेक खर्च (Tech Spending) जारी रख सकते हैं। S&P 500 के भविष्य के नतीजों का अनुमान (Future Earnings Outlook) भी 2025 के आखिर में बेहतर हुआ है।

असली खतरे और Bearish Views

हालांकि, कुछ असली खतरे भी मौजूद हैं। Jefferies का अनुमान है कि AI अगले 4 सालों में इंडस्ट्री रेवेन्यू को 9% से 12% तक कम कर सकता है। 2025 में फॉरेन इन्वेस्टर्स (Foreign Investors) ने Indian IT Stocks से $8.5 बिलियन की बिकवाली की, जो सेक्टर के प्रति व्यापक सावधानी को दर्शाता है। HCL Technologies ने पिछले 5 सालों में सिर्फ 10.6% सेल्स ग्रोथ दर्ज की है। Infosys के आखिरी तिमाही नतीजों में रेवेन्यू 3.5% गिरा और ऑपरेटिंग मार्जिन 0.3% कम हुआ। Wipro की रेटिंग 'Sell' की गई थी, जो सेक्टर में व्यापक चिंताओं को दर्शाती है। IT Stocks में टेक्निकल कमजोरी (Technical Weakness) भी दिख रही है।

Outlook: बदलाव के बीच सतर्क आशावाद

HSBC का मानना है कि AI कुछ IT सेवाओं पर 14% से 16% तक का दबाव डाल सकता है। लेकिन, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर (Enterprise Software) और क्लाउड माइग्रेशन (Cloud Migration) जैसे क्षेत्रों में निवेश इसे संतुलित कर सकता है, जिससे कुछ कंपनियों के लिए मिड-सिंगल-डिजिट ग्रोथ (Mid-single-digit growth) की उम्मीद बनी रहेगी। Infosys के लिए एनालिस्ट्स की रेटिंग ज़्यादातर 'Hold' है, जबकि HCL Technologies को 'Moderate Buy' रेटिंग मिली है। यह सेक्टर AI को अपनाने के साथ बड़े बदलावों से गुज़र रहा है। यह शिफ्ट भले ही Disruptive हो, पर यह नई कमाई और बेहतर एफिशिएंसी के मौके भी पैदा करेगा। अगले कुछ क्वार्टर यह दिखाएंगे कि IT लीडर्स इन मौकों का कितना फायदा उठा पाते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.