Indian IT Stocks: AI का डर छाया, शेयर धड़ाम! बंपर ग्रोथ के अनुमान के बावजूद बड़ी गिरावट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian IT Stocks: AI का डर छाया, शेयर धड़ाम! बंपर ग्रोथ के अनुमान के बावजूद बड़ी गिरावट
Overview

Artificial Intelligence (AI) के बढ़ते खौफ के चलते भारतीय IT स्टॉक्स में भारी बिकवाली देखने को मिली है। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब Nasscom ने देश के IT सेक्टर के लिए बंपर ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

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AI का डर, IT स्टॉक्स में भूचाल!

Nasscom ने हाल ही में भारत के IT सेक्टर के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 तक 6.1% की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाया था, जो $315 बिलियन तक पहुंच सकता है। इस दौरान सेक्टर में 135,000 नई नौकरियां भी आने की उम्मीद थी, जिससे कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5.95 मिलियन हो जाएगी। मगर, इन उम्मीदों के विपरीत, शेयर बाजार में IT स्टॉक्स पर भारी बिकवाली देखी जा रही है।

AI का बढ़ता खतरा

इस भारी गिरावट की जड़ में Artificial Intelligence (AI) को लेकर इंडस्ट्री में बढ़ता डर है। लेटेस्ट AI टूल्स, जैसे Anthropic का Claude Code Security टूल, ने यह चिंता बढ़ा दी है कि AI किस हद तक पारंपरिक IT बिजनेस मॉडल्स और आउटसोर्सिंग (Outsourcing) को डिस्टर्ब (Disturb) कर सकता है। यही वजह है कि Nifty IT इंडेक्स में कैलेंडर ईयर 2026 में ही 15% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जो ओवरऑल मार्केट से कहीं ज्यादा है।

एनालिस्ट्स की नई राय

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने बड़े भारतीय IT प्लेयर्स पर अपनी राय बदली है। उन्होंने TCS को 'Underperform' रेटिंग दी है, जबकि Infosys और HCLTech को 'Hold' पर डाउनग्रेड किया है। Jefferies का मानना है कि AI के कारण IT सेक्टर का बिजनेस मिक्स स्ट्रक्चरली (Structurally) बदल सकता है। इससे मैनेज्ड सर्विसेज (Managed Services) से होने वाली कमाई कम हो सकती है और बिजनेस में साइक्लिकैलिटी (Cyclicality) बढ़ सकती है। Jefferies के सबसे खराब अनुमान के मुताबिक, AI के कारण IT स्टॉक्स की वैल्यूएशन (Valuation) में 30-65% तक की गिरावट आ सकती है।

वैल्यूएशन पर सवाल

वर्तमान में, कई बड़े भारतीय IT स्टॉक्स, जैसे TCS, Infosys और HCLTech, अपने ग्लोबल समकक्षों, खासकर Accenture, की तुलना में ज्यादा P/E मल्टीपल (Multiple) पर ट्रेड कर रहे हैं। फरवरी 2026 के मध्य तक, Accenture का P/E लगभग 17.6-19.5 था, जबकि TCS का P/E लगभग 19.0-20.3, Infosys का 19.3-19.9 और HCLTech का 22.6-23.7 था। जैसे-जैसे AI का दबदबा बढ़ रहा है, यह प्रीमियम वैल्यूएशन कितना सही है, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

'बेयर केस' में क्या है?

मार्केट की मौजूदा Pessimism इस डर से पैदा हुई है कि एडवांस्ड AI टूल्स उन रेवेन्यू स्ट्रीम्स (Revenue Streams) को खत्म कर सकते हैं जो अब तक IT सर्विसेज की ग्रोथ का मुख्य जरिया रहे हैं। मैनेज्ड सर्विसेज, जो कई कंपनियों के कुल रेवेन्यू का 22-45% हिस्सा बनाती हैं, AI की बढ़ती क्षमताओं के कारण भारी डिफ्लेशन (Deflation) का सामना कर सकती हैं। इससे कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margins) और अर्निंग्स ग्रोथ (Earnings Growth) पर सीधा असर पड़ेगा। IBM जैसी कंपनियों पर Anthropic के Claude Code टूल का असर, जो COBOL जैसे लेगेसी सिस्टम्स को मॉडर्नाइज करने में मदद कर सकता है, यह दिखाता है कि AI लंबे समय से चले आ रहे बिजनेस मॉडल्स को कैसे बदल सकता है।

भविष्य की राह

Nasscom भले ही AI को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का इंजन मान रहा हो, लेकिन फिलहाल भारतीय IT स्टॉक्स का भविष्य AI के disruptive पोटेंशियल पर मार्केट के नजरिए पर निर्भर करेगा। कंपनियों को अपनी सर्विसेज को अडैप्ट (Adapt) करना होगा, अपने वर्कफोर्स (Workforce) को रीस्किल (Reskill) करना होगा, और पारंपरिक मैनेज्ड सर्विसेज से AI-संचालित कंसल्टिंग और इम्प्लीमेंटेशन की ओर ट्रांजिशन (Transition) को प्रभावी ढंग से मैनेज करना होगा। इन्वेस्टर्स (Investors) कंपनियों की अगली अर्निंग्स कॉल्स (Earnings Calls) और गाइडेंस (Guidance) पर बारीकी से नजर रखेंगे ताकि यह समझ सकें कि वे इन बड़े स्ट्रक्चरल बदलावों से कैसे निपट रही हैं और क्या वे बढ़ती AI-संचालित प्रतिस्पर्धा के सामने अपनी अनुमानित ग्रोथ को बनाए रख पाएंगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.