18 नवंबर को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में तेज बिकवाली हुई, जिससे निफ्टी IT इंडेक्स में 1% से अधिक की गिरावट आई, जो 36,001.90 के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गया। धातु और रियलटी के साथ इस क्षेत्र की गिरावट महत्वपूर्ण निवेशक चिंताओं को उजागर करती है।
इस गिरावट के चार मुख्य कारण हैं:
फेड रेट कट की कम संभावनाएँ: फेडरल रिजर्व के नीति निर्माता लगातार संकेत दे रहे हैं कि वे ब्याज दरों को और कम करने में हिचकिचा रहे हैं। दिसंबर में 25 बेसिस-पॉइंट (basis-point) की दर में कटौती की बाजार की उम्मीदें 50% से नीचे आ गई हैं। अमेरिकी दर में कटौती IT कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आम तौर पर विवेकाधीन खर्च (discretionary spending) को बढ़ावा देती है, खासकर उत्तरी अमेरिकी बाजार में जहाँ से वे महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त करती हैं। कटौती की संभावनाओं में कमी से निवेशक की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
संभावित AI बबल को लेकर वैश्विक चिंताएं: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रति दीवानगी अपने चरम पर हो सकती है, इस डर ने सॉफ्टबैंक द्वारा 5.8 बिलियन डॉलर के Nvidia स्टेक की बिक्री के बाद जोर पकड़ा है। मॉर्गन स्टेनली और गोल्डमैन सैक्स के सीईओ, साथ ही माइकल ब्यूरी जैसे प्रमुख निवेशकों द्वारा Nvidia और Palantir जैसी AI-केंद्रित कंपनियों के खिलाफ दांव लगाने की चेतावनियों ने वैश्विक बाजारों को डरा दिया है। Nasdaq, दक्षिण कोरिया के Kospi और चीन के शंघाई कंपोजिट सभी में गिरावट देखी गई है। भारतीय IT फर्म, जो AI तकनीक में भारी निवेश कर रही हैं, AI वैल्यूएशन के आसपास भावना में बदलाव के प्रति संवेदनशील हैं।
निवेशक अमेरिकी डेटा का इंतजार कर रहे हैं: हालिया, ऐतिहासिक अमेरिकी सरकार शटडाउन के कारण सितंबर की विलंबित जॉब्स रिपोर्ट सहित महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का निवेशक सावधानीपूर्वक इंतजार कर रहे हैं, इसी समय यह गिरावट आई है। यह देखते हुए कि IT कंपनियां अमेरिका से महत्वपूर्ण राजस्व उत्पन्न करती हैं, अमेरिकी आर्थिक संकेतकों में कोई भी अनिश्चितता उनके स्टॉक प्रदर्शन पर भारी पड़ती है।
लाभ की बुकिंग (Profit-booking): 10 नवंबर से 12 नवंबर के बीच निफ्टी IT इंडेक्स में लगभग 5% की मजबूत तेजी के बाद, निवेशक अब लाभ की बुकिंग कर रहे हैं। तब से इंडेक्स 2% से अधिक सुधर गया है, जो तेज लाभ के बाद एक स्वाभाविक बाजार समायोजन का संकेत देता है।
दिन के शीर्ष IT हारने वालों में टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री और इंफोसिस शामिल थे, जिनमें से प्रत्येक 1% से अधिक गिरा। विप्रो, एचसीएलटेक और कोफोर्ज में भी लगभग 1% की गिरावट देखी गई, जबकि एफसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और परसिस्टेंट सिस्टम्स में मामूली नुकसान हुआ।
प्रभाव
इस खबर का भारतीय IT क्षेत्र और व्यापक भारतीय शेयर बाजार पर महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि इस क्षेत्र का सूचकांकों में बड़ा महत्व है। यह गिरावट निवेशकों की संपत्ति को कम करती है और प्रौद्योगिकी तथा वैश्विक निवेश रुझानों के लिए बाजार की भावना को प्रभावित कर सकती है। रेटिंग: 8/10