IT शेयरों की धमाकेदार वापसी, बाज़ार को दी मात
मंगलवार को शेयर बाज़ार में IT शेयरों का दबदबा रहा। Mphasis, Wipro, और HCL Technologies जैसे दिग्गजों ने 4% तक की बढ़त दर्ज की। इस उछाल ने Nifty IT index को लगातार चौथी सेशन में तेजी जारी रखने में मदद की, जिसने ओवरऑल कमजोर चल रहे बाज़ार को भी पीछे छोड़ दिया।
इस तेजी के पीछे के मुख्य कारण
विश्लेषकों का मानना है कि इस मौजूदा तेज़ी के कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण शॉर्ट कवरिंग (Short Covering) बताई जा रही है, जहाँ ट्रेडर्स तिमाही नतीजों के सीज़न (Earnings Season) नज़दीक आने की उम्मीद में पोजीशन बना रहे हैं। पिछले 4 सेशन में Nifty IT index करीब 7.61% चढ़ चुका है। इसके अलावा, कमजोर रुपया IT एक्सपोर्टर्स के मुनाफे (Profit) के लिए अक्सर फायदेमंद होता है, जिससे ब्रोकरेज फर्म्स को कमाई के अनुमानों में सुधार की उम्मीद है। हाल ही में कुछ कंपनियों को मिली बड़ी डील्स (Deal Wins) ने भी बाज़ार के सेंटिमेंट (Market Sentiment) को और बेहतर बनाया है।
नतीजों से पहले एहतियात की सलाह
इस शानदार परफॉरमेंस के बावजूद, बाज़ार के जानकारों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। Motilal Oswal Financial Services के Ruchit Jain का कहना है कि IT स्टॉक पहले से ही ओवरसोल्ड टेरेटरी (Oversold Territory) में थे, इसलिए यह तेज़ी फंडामेंटल से ज़्यादा टेक्निकल लग रही है। Religare Broking के Ajit Mishra ने भी इसी तरह की राय देते हुए कहा कि रुपए की कमजोरी और डील्स का मिलना सपोर्ट तो दे रहा है, लेकिन निवेशकों को असली दिशा जानने के लिए असली नतीजों और कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री का इंतज़ार करना चाहिए।
Q4 नतीजों में क्या देखना है?
बड़ी IT कंपनियों के लिए नतीजों का सीज़न 9 अप्रैल को Tata Consultancy Services (TCS) के साथ शुरू होगा। निवेशक आने वाले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के लिए कंपनी के रेवेन्यू गाइडेंस (Revenue Guidance) पर बारीकी से नज़र रखेंगे। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, दुनिया भर में घटती कंज्यूमर स्पेंडिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का क्लाइंट्स के बजट पर संभावित असर जैसी चिंताएं बनी हुई हैं। ज़्यादातर ब्रोकरेज फर्म्स का अनुमान है कि प्रमुख भारतीय IT कंपनियों के लिए यह तिमाही थोड़ी धीमी रह सकती है, जिसमें साल-दर-साल (Year-on-Year) रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ करीब 10% रहने की उम्मीद है।