IT Stocks की रॉकेट रफ़्तार! रुपया, टेंशन बने सहारा, पर AI का खतरा मंडराया

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AuthorAditya Rao|Published at:
IT Stocks की रॉकेट रफ़्तार! रुपया, टेंशन बने सहारा, पर AI का खतरा मंडराया
Overview

भारतीय आईटी शेयरों (IT Stocks) में सोमवार को अच्छी खरीदारी देखने को मिली। Nifty IT इंडेक्स **0.78%** चढ़कर बाजार से बेहतर प्रदर्शन करता दिखा। इसकी मुख्य वजह रुपया (Rupee) का कमजोर होना और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tension) को माना जा रहा है। Wipro, Infosys, और Tech Mahindra जैसे स्टॉक्स में खास तेजी रही।

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हालांकि, इन IT कंपनियों के वैल्यूएशन (Valuations) पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। Infosys लगभग 17.8 के TTM P/E पर ट्रेड कर रहा है, जबकि Wipro 14.9 पर। Tech Mahindra का P/E 26.4 के आसपास है, जो कुछ साथियों से ज्यादा है। Infosys और Wipro अपने लॉन्ग-टर्म एवरेज से नीचे दिख रहे हैं, जो वैल्यू का संकेत दे सकता है। सेक्टर का मीडियन P/E 21.34 है। TCS (17.3-18.83) और HCLTech (20.3-22.48) जैसे दूसरे बड़े खिलाड़ी भी अपनी ऐतिहासिक रेंज में या उससे नीचे ट्रेड कर रहे हैं। इससे लगता है कि कुछ IT स्टॉक्स में खरीदारी के मौके हो सकते हैं, लेकिन पूरी सेक्टर की रैली शायद सिर्फ कंपनी की मजबूती या ग्रोथ आउटलुक को न दिखाए।

सोमवार को Nifty IT इंडेक्स में 0.78% की बढ़ोतरी हुई, जिसने गिरते हुए Sensex और Nifty को पीछे छोड़ दिया। इस सेक्टर की मजबूती का एक बड़ा कारण है रुपया (Rupee) का कमजोर होना। जब रुपया गिरता है, तो डॉलर में कमाई करने वाली IT कंपनियों का मुनाफा (Profit) बढ़ जाता है। अनुमान है कि रुपए में हर 1% की गिरावट IT सेक्टर के नेट प्रॉफिट को 2% से 3.5% तक बढ़ा सकती है। इसके अलावा, ग्लोबल जियोपॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tension) के चलते निवेशक एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड कंपनियों की ओर आकर्षित होते हैं। ऐतिहासिक तौर पर देखें तो 2003 के बाद से 6 बड़े संघर्षों के दौर में Nifty ने औसतन 24% का रिटर्न दिया है। हालांकि, बाजार में सतर्कता का माहौल है, जिसका अंदाजा India VIX में करीब 4% की बढ़त से लगाया जा सकता है।

लेकिन IT कंपनियों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द है जेनरेटिव AI (Generative AI) का खतरा। AI कई ऐसे काम को ऑटोमेट कर सकता है जो अभी IT कर्मचारियों द्वारा आउटसोर्सिंग के जरिए किए जाते हैं। इससे इंडस्ट्री का बिजनेस मॉडल बदल सकता है और सेवाओं की मांग कम हो सकती है। रुपए की मजबूती सिर्फ थोड़े समय के लिए मार्जिन सुधार सकती है, लेकिन AI जैसी बड़ी चुनौती का समाधान नहीं है। साथ ही, IT कंपनियां अमेरिका और यूरोप जैसे देशों पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, जहां आर्थिक मंदी (Economic Slowdown) का खतरा है। इन चिंताओं के चलते फॉरेन इन्वेस्टर्स (Foreign Investors) ने इस सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी कम की है।

आगे चलकर, मजबूत Q4 नतीजों और करेंसी के सपोर्ट के चलते IT स्टॉक्स में छोटी अवधि के लिए ट्रेडिंग के अवसर बन सकते हैं। लेकिन, यह न भूलें कि पिछले एक साल में Nifty IT इंडेक्स 21% गिर चुका है, जो मौजूदा तेजी के बावजूद सेक्टर की अंदरूनी कमजोरी को दर्शाता है। यह रैली कितनी आगे बढ़ेगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां AI के खतरे से कैसे निपटती हैं, बदलती करेंसी के माहौल में क्लाइंट्स से प्राइसिंग कैसे मैनेज करती हैं, और ग्लोबल आर्थिक हालात कैसे बदलते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.