IT Sector में बड़ा गेम! FIIs बेच रहे, DIIs ने लगाई बोली; AI का डर या वैल्यू खरीदारी?

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AuthorAditya Rao|Published at:
IT Sector में बड़ा गेम! FIIs बेच रहे, DIIs ने लगाई बोली; AI का डर या वैल्यू खरीदारी?
Overview

भारतीय IT सेक्टर में इस समय एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। विदेशी निवेशक (FIIs) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जियो-पॉलिटिकल चिंताओं के चलते IT शेयरों को भारी मात्रा में बेच रहे हैं, जबकि घरेलू निवेशक (DIIs) बड़े IT कंपनियों के सस्ते हो चुके शेयरों में जमकर खरीदारी कर रहे हैं।

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AI का डर और FIIs की बिकवाली

ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते डर के बीच, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय IT सेक्टर से अपने हाथ खींचना शुरू कर दिया है। खास तौर पर, मार्च 2026 में समाप्त होने वाली तिमाही में FIIs का IT शेयरों में आवंटन रिकॉर्ड 7.3% तक गिर गया है। इसी अवधि में, उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से $15.8 बिलियन की निकासी की है।

DIIs की 'वैल्यू' स्ट्रैटेजी

इसके विपरीत, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) इस बिकवाली को एक बड़े मौके के तौर पर देख रहे हैं। उन्होंने इसी तिमाही में भारतीय शेयरों में $27.2 बिलियन का निवेश किया है और Nifty-500 इंडेक्स में अपनी हिस्सेदारी को रिकॉर्ड 20.9% तक बढ़ा दिया है। DIIs अब IT सेक्टर की बड़ी कंपनियों के सस्ते हुए वैल्यूएशन पर दांव लगा रहे हैं।

वैल्यूएशन में ऐतिहासिक गिरावट

भारतीय IT सेक्टर की वैल्यूएशन ऐतिहासिक रूप से गिरी है। Nifty IT इंडेक्स फिलहाल अपने 7 साल के औसत 27.12 के मुकाबले सिर्फ 19.96 गुना पिछली कमाई (trailing earnings) पर ट्रेड कर रहा है। इस साल इंडेक्स में करीब 25% की गिरावट आई है, जिसने Infosys और Tata Consultancy Services (TCS) जैसी बड़ी IT कंपनियों के P/E रेश्यो को 15.6x-17.6x और 17x-18.2x के करीब ला दिया है। Wipro भी लगभग 15x-16x के P/E पर वैल्यू दे रहा है, जो कि यह 2008 के फाइनेंशियल संकट के बाद सबसे कम स्तरों में से एक है।

DIIs की 'बार्गेन हंटिंग'

DIIs इस वैल्यू क्रैक का फायदा उठा रहे हैं। Infosys, जो करीब 29% के ROE और 6% फ्री कैश फ्लो यील्ड के साथ 17.6x P/E पर ट्रेड कर रही है, उनके लिए आकर्षक है। TCS 52% के टॉप ROE और स्थिर कैश फ्लो के साथ 16.7x P/E पर और भी बेहतर वैल्यू दे रही है। Wipro भी अपने प्रतिस्पर्धियों से डिस्काउंट पर 15.96x के P/E पर उपलब्ध है, साथ ही 5.51% का डिविडेंड यील्ड भी दे रही है। ये कंपनियां मजबूत फंडामेंटल्स और लगातार डील जीत के साथ लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक अच्छा दांव साबित हो सकती हैं।

AI की दोधारी तलवार और मिड-कैप पर दबाव

हालांकि, AI IT कंपनियों के लिए एक दोधारी तलवार साबित हो सकती है। एक तरफ, AI 2030 तक मार्केट साइज को $300-400 बिलियन तक बढ़ा सकता है, वहीं दूसरी ओर, यह पारंपरिक IT सर्विस रेवेन्यू को सालाना 2-3% तक कम कर सकता है ('AI-led deflation' का खतरा)। यह अनिश्चितता मिड-कैप IT फर्मों को खास तौर पर प्रभावित कर रही है, जिनकी कीमतें पहले से ही तेज ग्रोथ की उम्मीदों के कारण ऊंची हैं। उदाहरण के लिए, Persistent Systems लगभग 40x-50x के P/E पर ट्रेड कर रही है, जबकि उसका फ्री कैश फ्लो यील्ड सिर्फ 1% है। Coforge के वैल्यूएशन भी 33x-37x P/E के साथ ऊंचे बने हुए हैं।

एनालिस्ट्स की राय: मिले-जुले संकेत

Analysts के विचार IT सेक्टर के भविष्य को लेकर मिले-जुले हैं। TCS और Tech Mahindra को 'Buy' रेटिंग मिली है, जो क्रमशः 32% और 17% के संभावित अपसाइड का संकेत देते हैं। Infosys को 'Hold' रेटिंग मिली है, जिसमें 23-25% के अपसाइड की उम्मीद है। वहीं, Wipro को हाल ही में 'Sell' और 'Underperform' रेटिंग मिली है। मिड-कैप फर्म्स जैसे Persistent Systems के लिए भी Analysts का कंसेंसस 'Underperform' या 'Sell' की ओर झुका हुआ है, क्योंकि उनकी स्टॉक कीमतें कैश जनरेशन की तुलना में बहुत अधिक मानी जा रही हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.