वैल्यूएशन में करेक्शन और निवेशकों की बदली रणनीति
Dolat Capital की रिपोर्ट बताती है कि भारतीय IT कंपनियों के वैल्यूएशन में करेक्शन आया है। अब बाज़ार AI को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने वाली कंपनियों और अपने एग्जीक्यूशन स्ट्रेंथ (Execution Strength) पर टिके रहने वाली कंपनियों के बीच अंतर कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, टियर-1 IT कंपनियाँ अपने FY28 के अनुमानित अर्निंग्स (Earnings) के 15-20 गुना पर ट्रेड कर रही हैं, जबकि टियर-2 फर्म्स 15-30 गुना के दायरे में हैं। यह दिखाता है कि बाज़ार ने मध्यम ग्रोथ और AI से जुड़े खर्चों को पहले ही कीमत में शामिल कर लिया है।
AI का वादा बनाम एग्जीक्यूशन की हकीकत
इस अंतर की मुख्य वजह 'एग्जीक्यूशन-लेड ग्रोथ' (Execution-led Growth) है। Dolat Capital ने LTIMindtree, Coforge, Persistent Systems, KPIT, और eClerx जैसी मिड-टियर फर्मों का ज़िक्र किया है, जिन्होंने लगातार 17-25% की औसत एनुअल ग्रोथ रेट (Annual Growth Rate) से अपने बेंचमार्क को पीछे छोड़ा है। उदाहरण के लिए, Persistent Systems ने FY25 में 21.56% रेवेन्यू ग्रोथ और 28.05% अर्निंग्स ग्रोथ दर्ज की। KPIT Technologies का रेवेन्यू FY25 में 21.9% बढ़ा। वहीं, LTIMindtree का रेवेन्यू FY25 में 7.7% बढ़ा, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सिर्फ 1.5% की बढ़ोतरी हुई। eClerx Services ने FY25 में 16.9% रेवेन्यू गिरावट देखी।
AI का बड़ा दांव और संभावित जोखिम
दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक बड़ा रेवेन्यू सोर्स बनकर उभर रहा है, जिससे FY26 में सेक्टर में $10-12 बिलियन जुड़ने की उम्मीद है। Nasscom का अनुमान है कि FY26 तक भारतीय IT सेक्टर $300 बिलियन के रेवेन्यू को पार कर जाएगा, जिसमें 6.1% की ग्रोथ होगी। हालांकि, कुछ जानकारों का मानना है कि AI को अपनाने से अगले दो सालों में रेवेन्यू में 2-4% की गिरावट का जोखिम है, क्योंकि AI पारंपरिक बिलएबल घंटों (Billable Hours) को कम कर सकता है।
कंपनियों के प्रदर्शन और भविष्य का नज़रिया
इंडस्ट्री की कुल ग्रोथ ग्लोबल IT खर्च के करीब 9.9% से 10% (FY21-FY26) के बीच रही है। लेकिन AI के कारण रेवेन्यू में संभावित कमी सेक्टर की कुल ग्रोथ को प्रभावित कर सकती है। एनालिस्ट्स का नज़रिया मिला-जुला है, पर कई मिड-टियर फर्मों के लिए सकारात्मक है। Persistent Systems और KPIT Technologies को एनालिस्ट्स से 'Buy' रेटिंग मिली है। Coforge को कुछ के लिए टॉप पिक माना जा रहा है, जहाँ मजबूत रेवेन्यू और अर्निंग्स ग्रोथ की उम्मीद है। इसके विपरीत, LTIMindtree को 'Hold' रेटिंग मिली है।
आगे की राह और चुनौतियाँ
AI और दमदार एग्जीक्यूशन के बावजूद, कई जोखिम बने हुए हैं। AI एडॉप्शन से होने वाली 2-4% की रेवेन्यू डिफ्लेशन (Revenue Deflation) सीधे ग्रोथ नैरेटिव को खतरे में डाल सकती है। खास तौर पर उन कंपनियों के लिए जो एप्लीकेशन मेंटेनेंस और टेस्टिंग जैसी सेवाओं के लिए बिलएबल घंटों पर बहुत अधिक निर्भर हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि AI सेवाएं पारंपरिक काम में आई गिरावट की पूरी तरह भरपाई कर पाएंगी या नहीं। eClerx जैसी कंपनियों को अगर अपने ऑफरिंग्स में तेज़ी से बदलाव नहीं कर पाईं तो मुश्किलें आ सकती हैं। कुछ मिड-टियर प्लेयर्स, जैसे Coforge (जिसका P/E 33-35x है), में वैल्यूएशन का जोखिम भी है। अगर AI से ग्रोथ धीमी हुई या मार्जिन पर दबाव बढ़ा, तो ये ऊंचे मल्टीपल्स तेजी से गिर सकते हैं।