AI की दौड़ में वैल्यूएशन पर मचे घमासान
AI की यह नई लहर दुनिया भर में टेक्नोलॉजी सेक्टर को हिला रही है। Anthropic जैसी कंपनियों के नए AI अपग्रेड्स पारंपरिक IT सेवाओं और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मॉडल के लिए बड़े बदलाव ला सकते हैं। भारत, जो AI टैलेंट का एक अहम केंद्र है, पर भी इसका असर दिख रहा है। पिछले एक साल में, भारतीय IT सेक्टर ने -20.3% का रिटर्न दिया है, जबकि बाकी बाजार 5.3% बढ़ा है। निवेशक अब असली AI-ग्रोथ और सिर्फ अटकलों के बीच फर्क समझने की कोशिश कर रहे हैं।
Persistent Systems: AI पर फोकस, पर वैल्यूएशन का दबाव
Persistent Systems, जो क्लाउड, डेटा और AI में एक पुराना खिलाड़ी है, ने खुद को AI-फोकस्ड ट्रांसफॉर्मेशन के लिए तैयार किया है। पिछले 5 सालों में, कंपनी का रेवेन्यू 27.3% की CAGR से बढ़ा है और मुनाफा 32.7% की CAGR से। कंपनी पर कोई कर्ज भी नहीं है। लेकिन, बाजार में इसकी वैल्यूएशन चिंता का सबब बनी हुई है। 7 फरवरी 2026 तक, Persistent Systems का मार्केट कैप लगभग ₹92,315 करोड़ था, और इसका TTM P/E रेशियो 52-53x के आसपास है, जो इंडस्ट्री के 23.78x P/E से काफी ज्यादा है। एनालिस्ट्स ने 6,735-6,818 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो कुछ तेजी का संकेत देता है। लेकिन, हाल ही में 4 फरवरी 2026 को शेयर में बड़ी गिरावट देखी गई और इसका 'Mojo Score' 'Strong Buy' से घटकर 'Buy' हो गया। पिछले साल स्टॉक -2.37% गिरा भी है।
Cyient: इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस और AI, पर प्रदर्शन कमजोर
Cyient इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस और AI-आधारित इनोवेशन पर फोकस कर रही है, खासकर अपने Cyient Semiconductor डिविजन के जरिए। कंपनी ने स्मार्ट यूटिलिटीज के लिए भारत का पहला स्वदेशी सिलिकॉन प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है। पिछले 5 सालों में, Cyient का रेवेन्यू 10.7% CAGR से और मुनाफा 13.7% CAGR से बढ़ा है। कंपनी भी कर्ज-मुक्त है। 6 फरवरी 2026 तक, इसका मार्केट कैप लगभग ₹11,852 करोड़ था। Cyient का TTM P/E रेशियो 20-21x के आसपास है, जो इंडस्ट्री एवरेज से कम है। हालांकि, पिछले एक साल में कंपनी ने IT सेक्टर (-20.3%) और ब्रॉडर मार्केट (5.3%) दोनों को अंडरपरफॉर्म किया है, जिसमें शेयरहोल्डर्स को -30.0% का नुकसान हुआ है। एनालिस्ट्स 1,225.50 रुपये का टारगेट प्राइस दे रहे हैं, जो लगभग 14.90% की तेजी का संकेत देता है।
Tata Elxsi: हाई ग्रोथ, पर वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की चिंता
Tata Elxsi, इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डिजाइन (ER&D) सेवाओं में लीडर है और अपने AI-संचालित TEDAX प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल एयरोस्पेस और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में कर रही है। कंपनी ने हाल ही में एक ग्लोबल MedTech लीडर के लिए RegAI फ्रेमवर्क का उपयोग करके रेगुलेटरी वर्कफ्लो ट्रांसफॉर्मेशन का एक बड़ा मल्टी-मिलियन डॉलर डील जीता है। पिछले 5 सालों में, Tata Elxsi का रेवेन्यू 18.3% CAGR से और मुनाफा 25.1% CAGR से बढ़ा है। यह कंपनी भी कर्ज-मुक्त है। 8 फरवरी 2026 तक, इसका मार्केट कैप लगभग ₹32,384 करोड़ था। कंपनी का TTM P/E रेशियो 55-56x और P/B रेशियो 11.52x है, जो काफी ऊंचा है। वहीं, ROE 29.45% है। इसके बावजूद, पिछले एक साल में शेयर 19.05% गिर चुका है। एनालिस्ट्स का औसत प्राइस टारगेट 5,007.83 रुपये है, जो मौजूदा भाव से -3.67% की गिरावट का संकेत देता है।
वैल्यूएशन की मुश्किल और सेक्टर की चिंताएं
कुल मिलाकर, इन भारतीय IT कंपनियों की ऑपरेशनल मजबूती और उनकी मौजूदा मार्केट वैल्यूएशन के बीच एक बड़ा अंतर दिख रहा है। Persistent Systems और Tata Elxsi 50x से ऊपर के P/E पर ट्रेड कर रहे हैं, जो इंडस्ट्री के 23-26x एवरेज P/E से बहुत ज्यादा है। Cyient का वैल्यूएशन थोड़ा बेहतर है, लेकिन हालिया स्टॉक परफॉरमेंस कमजोर रही है। AI में हो रहे तेज विकास के कारण पूरे सेक्टर में वोलेटिलिटी है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि ये कंपनियां AI में भारी निवेश को, इन ऊंची वैल्यूएशन पर, जायज कमाई में कैसे बदल पाती हैं। FY25 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ रेट्स भी मिले-जुले संकेत दे रहे हैं: Persistent के लिए 21.6%, Cyient के लिए 3%, और Tata Elxsi के लिए 5%। यह ग्रोथ रेट्स, खासकर Cyient और Tata Elxsi के लिए, उनके ऊंचे मल्टीपल्स के सामने सवाल खड़े करते हैं।
जानकारों की राय: कहां हैं जोखिम?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता मौजूदा वैल्यूएशन की स्थिरता को लेकर है। Persistent Systems, अपने AI फोकस के बावजूद, 52.33x के ऊंचे P/E रेशियो और हालिया रेटिंग डाउनग्रेड के कारण जांच के दायरे में है। Tata Elxsi, जो 55.79x P/E पर है, एनालिस्ट्स के मुताबिक -3.67% तक गिर सकता है, जबकि पिछले साल यह पहले ही 19.05% गिर चुका है। Cyient, भले ही कम महंगा हो, पिछले साल -30.0% के शेयरहोल्डर रिटर्न के साथ बाजार में विश्वास की कमी दिखा रहा है। कॉम्पिटिशन और टेक्नोलॉजी में तेजी से बदलाव के कारण मार्जिन पर दबाव जैसी व्यापक चुनौतियाँ इन वैल्यूएशन जोखिमों को बढ़ा सकती हैं। तीनों कंपनियों का कर्ज-मुक्त होना एक मजबूती है, लेकिन यह उन्हें बाजार की भावनाओं या ऊंची वैल्यूएशन के मुकाबले धीमी ग्रोथ की संभावनाओं से नहीं बचा सकता।