नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच स्थापित हुआ यह अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क (interim trade framework) टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने और सप्लाई चेन (supply chain) को और मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक (catalyst) साबित होगा। यह समझौता ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कंपनियां अपनी सप्लाई चेन का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं, जिससे भारत को अमेरिका के साथ सेमीकंडक्टर (semiconductor) वैल्यू चेन में अपनी भागीदारी बढ़ाने का सुनहरा अवसर मिला है।
नीतिगत तालमेल से बढ़ी महत्वाकांक्षाएं
यह समझौता यूनियन बजट (Union Budget) से मिलने वाले नीतिगत समर्थन के साथ मिलकर काम कर रहा है, खासकर उन उपायों के साथ जो भारत के डेटा सेंटर (data center) फुटप्रिंट का विस्तार करने पर केंद्रित हैं। पैन आईआईटी एलुमनाई इंडिया के चेयरमैन, प्रभात कुमार (Prabhat Kumar) के अनुसार, यह फ्रेमवर्क उन्नत टेक्नोलॉजी और बाजारों तक पहुंच को बेहतर बनाता है, जबकि बजट घरेलू आधार तैयार करता है। इन दोनों के संयुक्त प्रभाव से एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग (advanced manufacturing) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (digital infrastructure) में लगातार ग्रोथ की उम्मीद है।
डेटा सेंटर के लिए टैक्स छूट
समर्थनकारी यूनियन बजट (Union Budget) के उपायों में से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव विदेशी क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स (cloud service providers) के लिए भारतीय डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर (data center infrastructure) का उपयोग करने पर 2047 तक टैक्स हॉलिडे (tax holiday) देना है। इस कदम का उद्देश्य इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वैश्विक पूंजी (global capital) को आकर्षित करना है, जो डेटा सेंटर, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (electric vehicles) और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग (defence manufacturing) में प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मिलेगा लाभ
बड़े निर्माताओं के अलावा, एलुमनाई बॉडी (alumni body) का अनुमान है कि स्टार्टअप्स (startups) और MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) को भी सीमा पार सहयोग, पूंजी तक आसान पहुंच और वैश्विक वैल्यू चेन (global value chains) में एकीकरण से लाभ होगा। अमेरिका में आईआईटी एलुमनाई का विशाल नेटवर्क (IIT alumni network) इन पार्टनरशिप्स और मार्केट एंट्री को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे बदलती 'चाइना+1' रणनीति (China+1 strategy) के तहत भारत की स्थिति और मजबूत होगी।