'Memflation' का असर, सप्लाई चेन पर दबाव
स्मार्टफोन इंडस्ट्री में 'memflation' यानी मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों का असर अब साफ दिख रहा है। यह न केवल डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए बड़ी दिक्कतें खड़ी कर रहा है, बल्कि स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के लिए भी परेशानी का सबब बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिस्ट्रीब्यूटर्स की वर्किंग कैपिटल की जरूरतें सालाना 25% से 30% तक बढ़ गई हैं। उन्हें बढ़ती यूनिट कीमतों के बीच पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के लिए ज्यादा पैसा लगाना पड़ रहा है। ऊपर से, रिटेलर्स पेमेंट के लिए लंबी अवधि मांग रहे हैं, जिससे कैश फ्लो पर और दबाव पड़ रहा है।
प्रोडक्शन में कटौती, सप्लाई पर संकट
कंपनियां, खासकर लोकप्रिय मॉडलों की सप्लाई में भारी कटौती कर रही हैं। डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि मंथली डिलीवरी में 20% से 30% तक की कमी आई है, जिससे अलग-अलग वर्जन के फोन की मांग पूरी करना मुश्किल हो रहा है। यह शॉर्टेज इसलिए हो रही है क्योंकि कंपनियां जरूरी पार्ट्स जुटाने और बदलती कीमतों के बीच डिमांड का अंदाजा लगाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
डिस्ट्रीब्यूटर्स को नहीं मिल रहा सपोर्ट
निर्माता (Manufacturers) उन डिस्ट्रीब्यूटर्स को कोई अतिरिक्त मार्जिन सपोर्ट या फाइनेंशियल मदद नहीं दे रहे हैं जो इन दबावों का सामना कर रहे हैं। हालांकि सेल्स टारगेट कम किए गए हैं, लेकिन कंपोनेंट की कमी और इनपुट कॉस्ट (input costs) की बढ़ती कीमतें जैसी मुख्य समस्याएं बनी हुई हैं। इस वजह से डिस्ट्रीब्यूटर्स को ऑपरेशनल रिस्क का अधिकांश बोझ खुद उठाना पड़ रहा है। कुछ ब्रैंड्स ने तो बेसिक फोन्स पर मार्जिन भी कम कर दिया है, जिससे रिटेलर्स पर और भी ज्यादा दबाव आ गया है।
पुराने स्टॉक पर रिटेलर्स की चांदी
हालांकि, रिटेलर्स इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। जिनके पास पुराना स्टॉक बचा है, वे नई, बढ़ी हुई कीमतों के चलते ज्यादा मार्जिन कमा रहे हैं। यह अल्पकालिक लाभ (short-term gain) कुछ को बिक्री की कम मात्रा की भरपाई करने में मदद कर रहा है, भले ही कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण उन्हें अभी भी अतिरिक्त डिस्काउंट और ऑफर्स देने पड़ रहे हैं। कई रिटेलर्स अब ग्राहकों को हाई-एंड मॉडल की ओर धकेल रहे हैं, जो बेचने वालों और ब्रैंड्स दोनों के लिए बेहतर मुनाफा दे रहे हैं।
ग्राहकों के लिए मुश्किल फैसले
ग्राहकों को मुश्किल फैसले लेने पड़ रहे हैं: 30% से 40% की मूल्य वृद्धि के कारण खरीदारी में देरी करें या सीमित डिस्काउंट की तलाश करें। बढ़ती कीमतें, खासकर बेसिक फोन्स के लिए, खरीददारी की आदतों को बदल रही हैं और ओवरऑल सेल्स ग्रोथ को नुकसान पहुंचा रही हैं।
