इस बजट 2025-26 का मुख्य मकसद टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता और इनोवेशन को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास की रफ़्तार बढ़ाना है। अनुमान है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अकेले आने वाले सालों में भारत के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) में ज़बरदस्त योगदान देगा। यह डिजिटल ताकतों से चलने वाला एक बड़ा आर्थिक परिवर्तन है, न कि सिर्फ फिजिकल एसेट्स पर निर्भरता। सरकार इस नए डेवलपमेंट पैराडाइम के प्रति प्रतिबद्ध दिख रही है।
ट्रेडिशनल सोच से अलग, नए हैं ग्रोथ के पिलर
दशकों से, भारत के बजट मुख्य रूप से नेशनल हाईवे और रेलवे नेटवर्क जैसी फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर केंद्रित रहे हैं। लेकिन, बजट 2025-26 इस पुरानी लीक से हटकर एक नया रास्ता दिखा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय आर्थिक फोकस को तेज़ी से बढ़ते डिजिटल इकोनॉमी की ओर मोड़ दिया है। उन्होंने डेटा सेंटर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और देश के अंदर सेमीकंडक्टर बनाने को भविष्य के विकास का मुख्य आधार बताया है।
AI मिशन और चिप्स पर भारी फोकस
इस बजट में 'इंडिया AI मिशन' के लिए ₹2,000 करोड़ का बड़ा आवंटन किया गया है। इसका लक्ष्य AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करना, इकोसिस्टम तैयार करना और AI पॉलिसी को दिशा देना है। इसके साथ ही, 18,000 GPU क्लस्टर की स्थापना की जाएगी, जिससे भारतीय स्टार्टअप्स को बड़े लैंग्वेज मॉडल और मल्टी-मोडल AI सिस्टम बनाने के लिए ज़रूरी कंप्यूटिंग पावर मिल सकेगी। AI से भारत की अर्थव्यवस्था में 2035 तक $1.7 ट्रिलियन का योगदान होने का अनुमान है। AI के अलावा, देश में सेमीकंडक्टर बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। वहीं, डेटा सेंटर्स में भारी निवेश हो रहा है, जिसमें Adani Group ने Google के AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए $5 बिलियन की प्रतिबद्धता जताई है। यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि 2030 तक भारत की डेटा सेंटर क्षमता के चार गुना होने की उम्मीद है।
ऐतिहासिक बदलाव और ग्लोबल पोजीशनिंग
ऐतिहासिक रूप से, यूनियन बजट बड़ी परियोजनाओं पर बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर पर केंद्रित होते थे। हालांकि फिजिकल इंफ्रा अभी भी एक हिस्सा है, लेकिन अब बजट का फोकस काफी बदल गया है। दुनिया भर में भी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI क्षमताओं में निवेश का ऐसा ही रुझान दिख रहा है। भारत की यह रणनीति 'विकसित भारत' (Developed India) 2047 के अपने दीर्घकालिक लक्ष्य के साथ मेल खाती है, जिसमें टेक्नोलॉजी का उपयोग समावेशी विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। सरकार का इरादा देश के वर्कफोर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और रेगुलेटरी ढांचे को 21वीं सदी के लिए तैयार करना है, ताकि AI को अपनाने से सभी क्षेत्रों और नागरिकों को फायदा हो।
भविष्य की राह
बजट 2025-26 का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर ज़ोर भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी क्रांति का लाभ उठाने के लिए सही जगह पर खड़ा करता है। लगातार सरकारी समर्थन और निजी व सार्वजनिक निवेश से आर्थिक परिदृश्य में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है। इससे हाई-स्किल्ड रोज़गार पैदा होंगे और भारत की पहचान एक वैश्विक इनोवेशन हब के तौर पर मज़बूत होगी। इस टेक्नोलॉजिकल छलांग का फायदा आम जनता तक पहुंचे, इसके लिए स्किलिंग और एजुकेशन पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी होगा।