IT सेक्टर पर AI का खतरा, शेयर हुए धड़ाम
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती संभावनाओं ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनियों के शेयरों पर भारी दबाव डाला है। AI टूल्स सॉफ्टवेयर रेवेन्यू मॉडल को किस कदर प्रभावित कर सकते हैं, इस आशंका के बीच Nifty IT इंडेक्स दिन के कारोबार में 5.8% तक गिर गया। इस बिकवाली का सबसे बड़ा असर Infosys के शेयरों पर दिखा, जो 8.4% की भारी गिरावट के साथ लगभग छह साल का अपना सबसे खराब एकदिनी प्रदर्शन दर्ज करते हुए नीचे आए। Infosys के अलावा, Tata Consultancy Services (TCS) 5.5% और Wipro 4% से ज़्यादा टूटे। मिड-कैप आईटी कंपनियों Coforge और Persistent Systems में भी क्रमशः 8.4% और 6.7% की गिरावट आई। जानकारों का मानना है कि AI के कारण काम के ऑटोमेशन की संभावनाओं को देखते हुए, आईटी कंपनियों के वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर जब ये ग्लोबल पीयर्स की तुलना में पहले से ही ऊँचे दामों पर ट्रेड कर रहे थे।
Adani Group: डिफेंस पार्टनरशिप से चमके सितारे
इसके विपरीत, Adani Group के शेयरों में ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई। इसकी मुख्य वजह Adani Defence & Aerospace और इटली की कंपनी Leonardo के बीच हुई एक नई स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप है। इस कोलैबोरेशन का मकसद भारत में हेलीकॉप्टर बनाने का एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम स्थापित करना है, जिससे भारतीय सेना के लिए Leonardo के AW169M और AW109 TrekkerM मॉडल तैयार किए जाएंगे। इस डिफेंस डील ने Adani Power को 6.4% तक ऊपर पहुँचाया, वहीं Adani Green Energy, Adani Energy Solutions और Adani Ports जैसे ग्रुप की अन्य कंपनियों के शेयरों में भी उछाल आया। सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने की पहल इन जैसी स्ट्रेटेजिक डील्स के लिए एक अनुकूल माहौल बना रही है।
PFC: मर्जर की उम्मीद में उड़ान
Power Finance Corporation (PFC) के शेयर 4.4% चढ़े। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट में PFC और REC के संभावित मर्जर (विलय) के संकेत देने के बाद निवेशकों का सेंटिमेंट सकारात्मक हुआ है। इस मर्जर का उद्देश्य एक बड़ी और अधिक कुशल वित्तीय इकाई बनाना है, जो लंबी अवधि के इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। PFC और REC दोनों ही भारत के पावर सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनियां हैं, और इस विलय से उनके ऑपरेशन्स में तालमेल बढ़ेगा।
Sheela Foam: अक्विजिशन और मार्जिन के दम पर 20% की तेजी
Sheela Foam के शेयर 20% का छलांग लगाकर अपर सर्किट पर बंद हुए। कंपनी ने दिसंबर 2025 क्वार्टर में दमदार नतीजे पेश किए, जिसमें नेट प्रॉफिट दोगुना होकर ₹39 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 8% बढ़कर ₹842 करोड़ दर्ज किया गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 31% का इज़ाफा हुआ और मार्जिन 10.1% तक पहुँच गया। मैनेजमेंट का कहना है कि यह शानदार प्रदर्शन मैट्रेस और फोम दोनों सेगमेंट में मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ और Kurlon के अक्विजिशन (अधिग्रहण) से मिले तालमेल का नतीजा है, जिससे कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है।
एक्सपोर्ट स्टॉक्स: ट्रेड डील की उम्मीद में तेजी
एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड टेक्सटाइल और अपैरल स्टॉक्स में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। Gokaldas Exports के शेयर करीब 17.6% उछले। भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बढ़ रही सकारात्मक उम्मीदों ने एक्सपोर्टर्स के लिए माहौल बेहतर बनाया है, जिससे टैरिफ में कमी की आशा है। Kitex Garments और Indo Count Industries जैसे शेयरों में भी अच्छी मजबूती दर्ज की गई।
Bharat Coking Coal: घाटे ने गिराए शेयर
इसके विपरीत, Bharat Coking Coal के शेयरों में 6.7% की गिरावट आई। कंपनी ने दिसंबर 2025 क्वार्टर में ₹22.8 करोड़ का नेट लॉस (शुद्ध घाटा) रिपोर्ट किया है, जबकि रेवेन्यू में भी साल-दर-साल बड़ी गिरावट आई है। कंपनी के शेयर जनवरी में लिस्टिंग के समय प्रीमियम पर खुले थे, लेकिन इन कमजोर वित्तीय नतीजों के बाद बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
Hindustan Aeronautics (HAL): AMCA प्रोग्राम से बाहर होने का असर
Hindustan Aeronautics (HAL) के शेयर 6% से ज़्यादा गिरे। खबर है कि HAL अब एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम का हिस्सा नहीं रहेगी। इस निराशाजनक खबर के साथ-साथ, यूनियन बजट में डिफेंस कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए अपेक्षित आवंटन की कमी ने भी सेंटिमेंट को प्रभावित किया, जिससे स्टॉक की पिछली तेजी कुछ हद तक पलट गई।
