डीप टेक स्टार्टअप्स को डबल बूस्ट! मान्यता अवधि 20 साल हुई, ₹3 अरब तक फायदे, अब ₹1 ट्रिलियन फंड से मिलेगी मदद

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AuthorNeha Patil|Published at:
डीप टेक स्टार्टअप्स को डबल बूस्ट! मान्यता अवधि 20 साल हुई, ₹3 अरब तक फायदे, अब ₹1 ट्रिलियन फंड से मिलेगी मदद
Overview

भारत सरकार ने देश में डीप टेक (Deep Tech) स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए अपनी पॉलिसी में बड़े और अहम बदलाव किए हैं। इसके तहत, डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए मान्यता की अवधि को दोगुना करके **20 साल** कर दिया गया है। साथ ही, टैक्स और ग्रांट जैसे फायदों के लिए रेवेन्यू की सीमा को बढ़ाकर **₹3 अरब** (लगभग $33.12 मिलियन) कर दिया गया है।

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नवाचार के लिए लंबा रास्ता खुला

सरकार ने स्पेस, सेमीकंडक्टर और बायोटेक्नोलॉजी जैसे डीप टेक सेक्टर्स के लंबे डेवलपमेंट साइकल को समझते हुए, स्टार्टअप की मान्यता की अवधि को बढ़ाकर 20 साल कर दिया है। पहले कंपनियां अक्सर तय समय सीमा के अंदर शुरुआती स्टेटस खो देती थीं, जिसे निवेशक 'फाल्स फेलियर सिग्नल' मानते थे। इस नए नियम से साइंस और इंजीनियरिंग-आधारित कंपनियों के लिए एक अधिक सपोर्टिव माहौल तैयार होगा।

कैपिटल इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती

यह पॉलिसी बदलाव न्यू दिल्ली की लॉन्ग-हॉरिजन डीप टेक इकोसिस्टम को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। पिछले साल घोषित ₹1 ट्रिलियन (लगभग $11 बिलियन) रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) फंड का उपयोग R&D-संचालित वेंचर्स को धैर्यवान पूंजी (patient capital) प्रदान करने के लिए किया जाएगा। सार्वजनिक प्रयासों के अलावा, $1 बिलियन से अधिक का नया इंडिया डीप टेक अलायंस (India Deep Tech Alliance) प्रमुख वेंचर कैपिटलिस्ट्स (VCs) जैसे Accel, Blume Ventures, और Qualcomm Ventures को Nvidia के साथ सलाहकार के तौर पर जोड़ता है। यह सहयोग खासकर सीरीज़ A और उसके बाद के चरणों में पूंजी की कमी को दूर करने में मदद करेगा।

फंडिंग गैप और निवेशक का भरोसा

निवेशकों का मानना है कि मान्यता अवधि बढ़ाने से कंपनियों के बढ़ने पर सपोर्ट कट जाने वाले "ग्रैजुएशन क्लिफ्स" (graduation cliffs) कम होंगे। वि<bos>राजाराम (Speciale Invest) के अनुसार, डीप टेक की खास जरूरतों को पहचानना संस्थापकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, अरुण कुमार (Celesta Capital) ने RDI फंड को कमर्शियल निवेश मानदंडों से समझौता किए बिना शुरुआती और ग्रोथ-स्टेज की पूंजी की उपलब्धता बढ़ाने में अहम बताया। 2025 में भारत के डीप टेक सेक्टर ने $1.65 बिलियन जुटाए, जो पिछले वर्षों की तुलना में रिकवरी दर्शाता है, लेकिन यह अभी भी अमेरिका और चीन से काफी कम है। बढ़ी हुई पॉलिसी रनवे से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा कि रेगुलेटरी माहौल डीप टेक के लंबे डेवलपमेंट सफ़र के दौरान स्थिर रहेगा, जिससे स्टार्टअप्स को विदेशी देशों में जाने का दबाव कम होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.