भारत स्मार्टफोन निर्माताओं से सोर्स कोड की मांग कर रहा है, बड़ी कंपनियां विरोध कर रही हैं

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Author Karan Malhotra | Published :
भारत स्मार्टफोन निर्माताओं से सोर्स कोड की मांग कर रहा है, बड़ी कंपनियां विरोध कर रही हैं
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भारत ने स्मार्टफोन निर्माताओं के लिए कड़े सुरक्षा मानक प्रस्तावित किए हैं, जिसमें सोर्स कोड साझा करना अनिवार्य होगा। एप्पल और सैमसंग जैसी बड़ी कंपनियां इस कदम का विरोध कर रही हैं, मालिकाना जोखिमों (proprietary risks) और वैश्विक मिसाल (global precedent) की कमी का हवाला देते हुए। सरकार अपने विशाल स्मार्टफोन बाजार में बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी को नियंत्रित करना चाहती है।

भारत सरकार स्मार्टफोन सुरक्षा में एक बड़ा बदलाव लाने की सोच रही है, जिसमें निर्माताओं को सोर्स कोड साझा करना पड़ सकता है और कुछ महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर समायोजन (software adjustments) भी करने होंगे। इस पहल का उद्देश्य देश भर में लगभग 750 मिलियन मोबाइल उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करने वाले ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा उल्लंघनों (data breaches) को रोकना है।
प्रस्ताव के केंद्र में यह विवादास्पद आवश्यकता है कि स्मार्टफोन निर्माता सरकार को उनके सोर्स कोड तक पहुंच प्रदान करें। यह अंतर्निहित प्रोग्रामिंग (underlying programming) आम तौर पर मालिकाना जानकारी (proprietary information) मानी जाती है। Apple Inc. और Samsung Electronics जैसी टेक दिग्गज कंपनियां कथित तौर पर इसका कड़ा विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि इस तरह के आदेश का वैश्विक स्तर पर कोई मिसाल (precedent) नहीं है और संवेदनशील बौद्धिक संपदा (intellectual property) उजागर होने का खतरा है।
सोर्स कोड एक्सेस के अलावा, प्रस्तावित भारतीय दूरसंचार सुरक्षा आश्वासन आवश्यकताओं (Indian Telecom Security Assurance Requirements) में कुछ अन्य कड़े उपाय भी शामिल हैं। निर्माताओं को प्री-इंस्टॉल किए गए ऐप्स (pre-installed apps) को अनइंस्टॉल करने की अनुमति देनी होगी और ऐप्स को डिवाइस के कैमरे और माइक्रोफ़ोन तक गुप्त रूप से पहुंचने से रोकना होगा। ये कदम दुर्भावनापूर्ण उपयोग (malicious usage) को रोकने और उपयोगकर्ता डेटा सुरक्षा (user data protection) को बढ़ाने के लिए हैं।
बढ़ी हुई सुरक्षा के लिए यह प्रयास प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल लेनदेन (digital transactions) और उपयोगकर्ता डेटा को सुरक्षित करने के प्रयासों के अनुरूप है। दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में से एक होने के नाते, सरकार साइबर अपराधियों द्वारा शोषण की जाने वाली कमजोरियों (vulnerabilities) को दूर करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता देखती है।
उद्योग समूहों, जैसे MAIT (जो प्रमुख टेक फर्मों का प्रतिनिधित्व करता है), ने कहा है कि गोपनीयता (secrecy) और निजता (privacy) संबंधी मुद्दों के कारण सोर्स कोड की समीक्षा (review) संभव नहीं है। उनका कहना है कि यूरोपीय संघ, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख बाजारों में ऐसी आवश्यकताएं नहीं हैं। आईटी मंत्रालय और टेक अधिकारियों (tech executives) के बीच बातचीत चल रही है।

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