Union Budget 2026-27: IT और Telecom सेक्टर को मिले ₹74,560 करोड़, डिजिटल क्रांति की तैयारी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Union Budget 2026-27: IT और Telecom सेक्टर को मिले ₹74,560 करोड़, डिजिटल क्रांति की तैयारी
Overview

India के Union Budget 2026-27 में IT और Telecom सेक्टर को बड़ी सौगात मिली है। सरकार ने इस महत्वपूर्ण सेक्टर के लिए कुल **₹74,560 करोड़** का आवंटन किया है, जिसका मकसद देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।

फंड्स का बड़ा दांव: डिजिटल छलांग की तैयारी

Union Budget 2026-27 में IT और Telecom सेक्टर के लिए ₹74,560 करोड़ का यह भारी-भरकम आवंटन, भारत के डिजिटल भविष्य और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए एक बड़ी रणनीति का संकेत है। सरकार का लक्ष्य इस फंड के जरिए देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करना और स्वदेशी तकनीकी क्षमताएं विकसित करना है।

फंड का पूरा ब्रेकअप

सरकार ने IT और Telecom सेक्टर को रफ्तार देने के लिए कुल ₹74,560 करोड़ का फंड आवंटित किया है। इसमें से ₹24,000 करोड़ का बड़ा हिस्सा देश भर में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का जाल बिछाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर खर्च होगा। 'इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' को बड़ा बूस्ट देने के लिए ₹40,000 करोड़ दिए गए हैं, जिससे डोमेस्टिक प्रोडक्शन बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। इसके अलावा, IT और इलेक्ट्रॉनिक्स में R&D के लिए ₹1,248 करोड़, रेलवे टेलीकॉम प्रोजेक्ट्स के लिए ₹7,500 करोड़, और सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम-2.0 के लिए ₹100 करोड़ भी आवंटित किए गए हैं। ये निवेश सर्विस प्रोवाइडर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और उपकरण निर्माताओं के लिए ग्रोथ के नए रास्ते खोलेंगे।

'आत्मनिर्भर भारत' की राह और कंपनियों पर असर

बजट में 'आत्मनिर्भर भारत' और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग पर जोर देकर, भारत को ग्लोबल टेक सप्लाई चेन में एक मजबूत खिलाड़ी बनाने की कोशिश है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ी हुई फंडिंग का मकसद भारत को टेलीकॉम हार्डवेयर का एक प्रमुख हब बनाना है। रेलवे टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹7,500 करोड़ का सीधा फायदा RailTel Corporation of India जैसी कंपनियों को मिलेगा, जिससे उनकी ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी। Bharti Airtel और Reliance Industries (Jio) जैसी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग से ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत में कमी आ सकती है। Tower infrastructure कंपनियों जैसे Indus Towers को भी नेटवर्क विस्तार के इस बड़े पुश का अप्रत्यक्ष फायदा मिल सकता है।

प्रमुख कंपनियाँ और बाज़ार की स्थिति

सेक्टर में 5G सर्विसेज की बढ़ती मांग और डेटा की खपत के बीच यह बजटीय कदम बहुत महत्वपूर्ण है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Tejas Networks को ऑर्डर में देरी के चलते वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि RailTel Corporation of India ने महत्वपूर्ण ऑर्डर हासिल किए हैं।

Bharti Airtel का P/E रेशियो लगभग 31.13 और मार्केट कैप करीब ₹11,99,803 करोड़ है। Reliance Industries (Jio) का P/E रेशियो करीब 22.71 और मार्केट कैप लगभग ₹18.8 लाख करोड़ है। Indus Towers का P/E रेशियो 12.52 और मार्केट कैप करीब ₹1,17,121 करोड़ है।

भविष्य की ओर एक नजर

यह बजट भारत के टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक फ्यूचर-रेडी रणनीति पेश करता है, जिसका लक्ष्य वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और लचीलापन सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, R&D और मैन्युफैक्चरिंग पर सरकारी फोकस, एक मजबूत डोमेस्टिक इकोसिस्टम तैयार करेगा। यह माहौल प्रमुख कंपनियों के लिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को सपोर्ट करेगा, जिससे भारत अपने महत्वाकांक्षी $5 ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्यों को हासिल कर सकेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि Jio के 2026 की पहली छमाही में संभावित IPO, Bharti Airtel जैसी कंपनियों के लिए एक री-रेटिंग ट्रिगर का काम कर सकता है, जो डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार के पुश के साथ संरेखित है।

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