राष्ट्रव्यापी AI स्किलिंग ड्राइव लॉन्च: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में 10 लाख लोगों तक को प्रशिक्षित करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की घोषणा की। यह लॉन्च मंगलवार को राजस्थान AI शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ, जो अगले महीने भारत में होने वाले बड़े AI इंपैक्ट समिट से पहले एक कदम है।
सरकार का AI विजन और निवेश: वैष्णव ने एक ऐसे विजन को स्पष्ट किया जहां AI बिजली की तरह रोजमर्रा के जीवन में सर्वव्यापी हो जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्देश पर जोर दिया कि AI तकनीक तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित की जाए, और राजस्थान को इस राष्ट्रीय प्रयास में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया जाए। मंत्री ने भारत के बढ़ते AI इकोसिस्टम पर प्रकाश डाला, जिसमें देश भर में AI और डेटा सेंटरों में लगभग 70 बिलियन डॉलर का निवेश आ रहा है।
सभी के लिए किफायती कंप्यूटिंग शक्ति: इंडिया के AI मिशन का एक मुख्य उद्देश्य कंप्यूटिंग शक्ति को लोकतांत्रित करना है। वैष्णव ने बताया कि महंगी जीपीयू (GPU) अक्सर कई लोगों के लिए सुलभ नहीं होती हैं, जिसके कारण पश्चिमी देशों की बड़ी कंपनियों के पास AI कंप्यूटिंग शक्ति केंद्रित हो जाती है। भारत उच्च-गुणवत्ता वाले कंप्यूटिंग संसाधनों को काफी कम लागत पर उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है, ताकि छात्र, स्टार्ट-अप और शोधकर्ता उन्हें आसानी से एक्सेस कर सकें। इस पहल ने पहले ही अपने "कॉमन कंप्यूट" फ्रेमवर्क के तहत 38,000 जीपीयू उपलब्ध करा दिए हैं।
भारत के AI प्रयासों को वैश्विक मान्यता: AI में भारत की प्रगति ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है, और कई देशों ने इसके दृष्टिकोण का अवलोकन किया है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की नवीनतम AI इंडेक्स रिपोर्ट में भारत को चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ शीर्ष तीन AI देशों में स्थान दिया गया है। यह मान्यता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में राष्ट्र के बढ़ते प्रभाव और क्षमता को रेखांकित करती है।
भारत का AI पर दांव: 10 लाख युवाओं को मिलेंगी भविष्य की टेक स्किल्स
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Overview
भारत 10 लाख लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल शुरू कर रहा है, इसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को AI की बढ़ती भूमिका के लिए तैयार करना और भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करना है। यह कदम AI क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश और आगामी AI इंपैक्ट समिट की तैयारियों के साथ हो रहा है।
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