सिंगापुर से भारत वापसी और बड़े वैल्यूएशन का गेम
InMobi का घरेलू शेयर बाजार में एक बड़े IPO के लिए कमर कसना न केवल कंपनी के लिए, बल्कि भारत के टेक IPO परिदृश्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण पल है। सिंगापुर से वापस भारत में री-डोमिसाइल (redomicile) करके, यह एडटेक दिग्गज बढ़ते घरेलू पूंजी बाजारों और खुदरा निवेशकों की मजबूत मांग का फायदा उठाने के लिए खुद को तैयार कर रही है। कंपनी $4 बिलियन से $5 बिलियन तक का वैल्यूएशन हासिल करना चाहती है, जो इसकी महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं और पारंपरिक एडटेक से परे विविधीकरण को दर्शाता है। इस बड़े पैमाने की तैयारी में आठ प्रमुख इन्वेस्टमेंट बैंक्स को शामिल किया गया है, जिनमें Kotak Mahindra Capital, Axis Capital, Jefferies, JP Morgan, Motilal Oswal, IIFL Capital, BofA Securities, और UBS शामिल हैं। सार्वजनिक लिस्टिंग से पहले अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए InMobi एक प्री-IPO फंडिंग राउंड की भी योजना बना रही है।
इकोसिस्टम का नया रूप: एडटेक से AI-संचालित कॉमर्स तक
जहां InMobi की विरासत मोबाइल एडवरटाइजिंग में है, वहीं इसका भविष्य AI-संचालित कंज्यूमर टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से तय हो रहा है, जिसमें इसकी सहायक कंपनी Glance प्रमुख है। Glance, एक इंटेलिजेंट शॉपिंग एजेंट और लॉक स्क्रीन अनुभव प्रदान करती है, जिसे 370 मिलियन से अधिक यूजर इस्तेमाल करते हैं और यह सालाना 4,000 से अधिक प्रॉम्प्ट्स (prompts) जेनरेट करती है, जो इसकी गहरी यूजर एंगेजमेंट क्षमताओं को उजागर करता है। InMobi को उम्मीद है कि Glance का रेवेन्यू दो साल के भीतर इसके मुख्य एडवरटाइजिंग बिजनेस के बराबर हो जाएगा, और Glance जल्द ही प्रॉफिटेबल हो जाएगी। यह AI-नेटिव कॉमर्स प्लेटफॉर्म InMobi के वैल्यूएशन का मुख्य आधार है, जो इसे प्योर-प्ले एडटेक फर्मों से अलग करता है। कंपनी अपने AI कॉमर्स प्लेटफॉर्म और जेनरेटिव AI एड टेक स्टैक में लगभग $200 मिलियन का महत्वपूर्ण निवेश भी कर रही है।
भारतीय IPO बाजार की लहरों पर सवार
InMobi का नियोजित IPO भारतीय IPO बाजार के मजबूत दौर के बीच आ रहा है। 2025 की पहली छमाही में, भारतीय बाजारों ने 108 IPOs के माध्यम से $4.6 बिलियन जुटाए, जो विशेष रूप से टेक्नोलॉजी जैसे हाई-ग्रोथ क्षेत्रों में लचीलापन और एक मजबूत पाइपलाइन दर्शाता है। 2025 में IPO एक्टिविटी 2024 को पार करने की उम्मीद है, जिसमें बड़े और छोटे दोनों तरह के इश्यू का स्वस्थ मिश्रण अपेक्षित है। यह माहौल टेक कंपनियों के लिए अनुकूल है, जिनमें से कई विदेशी बाजारों के बजाय घरेलू लिस्टिंग का विकल्प चुन रही हैं। हालांकि, बाजार में सावधानी के संकेत भी हैं; लगातार सकारात्मक लिस्टिंग-डे रिटर्न के बावजूद, आक्रामक वैल्यूएशन और सीमित लिस्टिंग-डे अपसाइड की चिंताएं बढ़ रही हैं। InMobi का $4-5 बिलियन का लक्ष्य इसे Swiggy (जिसे Invesco द्वारा $12.7 बिलियन वैल्यू किया गया है) और OfBusiness जैसी अन्य भारतीय यूनिकॉर्न के साथ खड़ा करता है, जबकि यह Meesho (जिसका वैल्यूएशन $3.5 बिलियन था) जैसी कंपनियों के हालिया वैल्यूएशन से काफी ऊपर है। 2011 में भारत की पहली यूनिकॉर्न के रूप में InMobi की यात्रा इसके सार्वजनिक बाजार डेब्यू में एक अनूठी ऐतिहासिक आयाम जोड़ती है।
आगे की गति और बाजार का संकेत
घरेलू लिस्टिंग की ओर InMobi का कदम और इसका महत्वाकांक्षी वैल्यूएशन लक्ष्य भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और इसके अपने विकसित बिजनेस मॉडल में मजबूत विश्वास को दर्शाता है। कंपनी ने रणनीतिक अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन किया है, SMS सर्च से मोबाइल एडवरटाइजिंग और अब AI-संचालित कंज्यूमर प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ी है। हालिया वित्तीय पैंतरेबाज़ी, जिसमें सितंबर 2024 में $100 मिलियन का डेट फाइनेंसिंग और शेयर बायबैक और विस्तार के लिए सितंबर 2025 के आसपास $350 मिलियन का प्राइवेट लोन शामिल है, IPO से पहले इसके सक्रिय वित्तीय प्रबंधन को रेखांकित करती है। इस लिस्टिंग की सफलता भारतीय टेक कंपनियों द्वारा स्थानीय एक्सचेंजों को चुनने की प्रवृत्ति को और मान्य कर सकती है और InMobi के कद को केवल एक एडटेक फर्म के बजाय एक विविध डिजिटल समूह के रूप में बढ़ा सकती है। भारत के एडटेक बाजार के लिए विकास की संभावनाएं, जो 2033 तक 24.20% की CAGR के साथ $238.40 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, InMobi के एडवरटाइजिंग सेगमेंट के लिए एक मजबूत टेलविंड प्रदान करती हैं, जबकि Glance के माध्यम से इसके कंज्यूमर टेक की महत्वाकांक्षाएं व्यापक डिजिटल कॉमर्स ट्रेंड्स का लाभ उठाती हैं।