26 दिसंबर को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) स्टॉक्स में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई, जिसमें सेक्टर का बेंचमार्क इंडेक्स, निफ्टी आईटी इंडेक्स, 0.86% गिरकर 38,638.80 पर आ गया। यह गिरावट प्रमुख आईटी कंपनी Infosys की एक बड़ी घोषणा के बाद आई, जिसने स्पेशलाइज्ड टेक्नोलॉजी रोल्स के लिए एंट्री-लेवल सैलरी बढ़ाकर सालाना ₹21 लाख तक कर दी है। इस कदम ने विश्लेषकों को कंपनी की लागतों और समग्र सेक्टर वैल्यूएशन पर इसके संभावित प्रभाव का विश्लेषण करने के लिए प्रेरित किया है। विश्लेषकों का मानना है कि Infosys का यह फैसला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और एडवांस्ड इंजीनियरिंग जैसे हाई-डिमांड एरिया में स्किल्ड डिजिटल टैलेंट के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है, जिससे ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, कुछ का सुझाव है कि केवल सैलरी हाइक से निकट भविष्य में सेक्टर वैल्यूएशन में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा, क्योंकि निवेशक डील पाइपलाइन, अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों से ग्लोबल डिमांड और मैक्रो इकोनॉमिक क्यूज पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। Infosys के इस कदम को AI-संचालित भविष्य के लिए एक सक्रिय तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने की दर (attrition) को कम करना और अच्छी गुणवत्ता वाले फ्रेशर्स को आकर्षित करना है, खासकर जब भारतीय आईटी सेक्टर में एंट्री-लेवल सैलरी काफी समय से स्थिर थीं। ग्लोबल आईटी ग्रोथ टैलेंट और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर निर्भर करती है। बाहरी कारकों जैसे संभावित अमेरिकी H-1B वीज़ा नीति में बदलाव ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है। इसके परिणामस्वरूप, Coforge के शेयर 3% से अधिक गिर गए, जबकि LTIMindtree, Mphasis, Tech Mahindra, Tata Consultancy Services (TCS), और HCL Technologies के शेयर 1% से अधिक गिरे। Infosys, Wipro, और Persistent Systems में मामूली बढ़त देखी गई। यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि टैलेंट कॉस्ट और रिटेंशन आईटी कंपनियों के मुनाफे के लिए महत्वपूर्ण हैं और भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों में इनका बड़ा योगदान है।
आईटी स्टॉक्स में घबराहट: Infosys की सैलरी हाइक से निवेशकों में चिंता, विश्लेषकों की राय!
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Overview
भारतीय आईटी स्टॉक्स में गिरावट आई, निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.86% गिर गया, क्योंकि Infosys ने एंट्री-लेवल सैलरी बढ़ाने की घोषणा की, जिसमें स्पेशलाइज्ड टेक रोल्स के लिए सालाना ₹21 लाख तक का ऑफर दिया गया है। विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम से AI और क्लाउड जैसे क्षेत्रों में डिजिटल टैलेंट के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे ऑपरेटिंग कॉस्ट में वृद्धि हो सकती है। जहाँ कुछ का मानना है कि सैलरी हाइक को रेवेन्यू ग्रोथ से पूरा किया जाएगा, वहीं अन्य का ध्यान ग्लोबल डिमांड और डील पाइपलाइन पर है। सेक्टर ने अमेरिकी H-1B वीज़ा नीतियों में संभावित बदलावों पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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