IT सेक्टर की अगुवाई में बाज़ार हरे निशान में
आज भारतीय शेयर बाज़ार हरे निशान में बंद हुए, जिसमें Information Technology (IT) सेक्टर का प्रदर्शन सबसे दमदार रहा। शुरुआती कमजोरी के बाद, IT शेयरों में जबरदस्त तेजी आई, जिसने बाज़ार को मजबूती दी। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, IT कंपनियों की आकर्षक वैल्यूएशन (Valuation) और भारतीय रुपये के प्रदर्शन ने इन स्टॉक्स को सहारा दिया।
S&P BSE Sensex 509.73 अंक चढ़कर 74,616.58 पर बंद हुआ, वहीं NSE Nifty50 155.40 अंक की बढ़त के साथ 23,123.65 पर पहुँच गया। IT दिग्गजों में, Tata Consultancy Services (TCS) के शेयर 2.68%, HCL Technologies के 2.67% और Infosys के 2.60% तक बढ़े। इन कंपनियों को डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये का भी फायदा मिला, जिससे उनकी डॉलर में कमाई का मूल्य बढ़ गया।
अन्य सेक्टरों का हाल और प्रमुख शेयर
अन्य सेक्टरों में मिले-जुले संकेत दिखे। FMCG सेक्टर को नतीजों से पहले मिली सकारात्मक खबरों का लाभ मिला। वहीं, कुछ प्रमुख कंपनियों में गिरावट भी देखी गई। Indigo Ltd के शेयर 0.87%, Adani Ports and Special Economic Zone Ltd 0.52% और Mahindra and Mahindra Ltd 0.50% नीचे आए। टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कंपनी Bharti Airtel के शेयर 2.13% चढ़े। रिटेल में, Trent Ltd का शेयर लगातार ऊँची वैल्यूएशन पर बना हुआ है, जिसका P/E ratio 65.4 है, जो सेक्टर औसत से काफी ऊपर है।
बाज़ार में बनी हुई है चिंता
मुख्य सूचकांकों में भले ही तेजी दिखी हो, लेकिन बाज़ार की चौड़ाई (Market Breadth) में कमजोरी निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है। भू-राजनीतिक तनावों के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे महंगाई बढ़ने और चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit) में वृद्धि का खतरा है। इसके साथ ही, कंपनियों के लाभ मार्जिन पर भी दबाव आ सकता है।
RBI पॉलिसी और नतीजों का मौसम
निवेशक अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जिसके 5.25% पर स्थिर रहने की उम्मीद है। इसके बाद, बाज़ार की नजरें तिमाही नतीजों (Earnings Season) पर होंगी। निवेशक यह देखेंगे कि कैसे कंपनियाँ ऊँचे तेल की कीमतों और मुद्रा अस्थिरता जैसे मैक्रोइकॉनॉमिक दबावों से निपट पाती हैं।