AI के शोर में IT सेक्टर पर गिरी गाज, फिर भी ब्रोकरेज हाउस की 'Buy' कॉल
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को IT सेक्टर में भारी गिरावट देखी गई। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते असर को लेकर निवेशकों की चिंताएं थीं। निफ्टी IT इंडेक्स में इंट्राडे के दौरान 4-6% तक की गिरावट आई और यह अक्टूबर 2023 के बाद के निचले स्तर पर पहुंच गया। पिछले एक साल में यह इंडेक्स करीब 18% तक गिर चुका है। Infosys, TCS और Wipro जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर भी 52-हफ्ते के नए लो पर पहुंच गए। HCL Technologies का शेयर भी ₹1,396 के इंट्राडे लो तक लुढ़क गया।
लेकिन इस गिरावट के बीच, ब्रोकरेज फर्म Axis Securities ने IT सेक्टर पर अपना भरोसा कायम रखा है। उन्होंने 4 चुनिंदा IT स्टॉक्स को 'Buy' रेटिंग दी है, जिनमें अच्छी खासी तेजी की उम्मीद जताई गई है।
AI: IT सेक्टर का ग्रोथ इंजन या दुश्मन?
Axis Securities का मानना है कि 2026 में भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सबसे बड़ा ट्रिगर बनने वाला है। AI अब कंपनियों के डील पाइपलाइन और खर्चों को नए सिरे से आकार दे रहा है। खासकर BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस) और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल की तिमाहियों में साइन हुए कुल कॉन्ट्रैक्ट्स में से करीब 74% AI से जुड़े हैं, जो पारंपरिक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स से AI-सेंट्रिक एंगेजमेंट्स की ओर एक बड़े बदलाव को दर्शाता है।
Axis Securities की टॉप 4 'Buy' कॉल्स:
Axis Securities ने इन चार IT स्टॉक्स पर दांव लगाया है, जिनमें अच्छी तेजी की उम्मीद है:
HCL Technologies (HCLTECH.NS): यह स्टॉक लगभग ₹1,418.80 पर ट्रेड कर रहा है। इसका P/E रेश्यो करीब 25.58x है और मार्केट कैप लगभग ₹4.0 लाख करोड़ है। डिविडेंड यील्ड 3.66% के आसपास है। Axis ने इसका टारगेट प्राइस ₹1,880 रखा है, जो करीब 29% के अपसाइड का संकेत देता है। ब्रोकरेज का मानना है कि एप्लीकेशन सर्विसेज में कम एक्सपोजर इसे AI के असर से दूसरों की तुलना में कम प्रभावित कर सकता है। (हालांकि, Mojo ने 9 फरवरी 2026 को इसे 'Hold' रेटिंग दी है)।
Tech Mahindra (TECHM.NS): यह शेयर करीब ₹1,534 पर कारोबार कर रहा है। इसका P/E रेश्यो लगभग 31.72x से 34.63x के बीच है और मार्केट कैप ₹1.5-1.6 लाख करोड़ के आसपास है। Axis ने ₹1,870 का टारगेट दिया है, जो 22% का अपसाइड दिखा रहा है। नए मैनेजमेंट के तहत कंपनी में बदलाव के संकेत दिख रहे हैं।
Persistent Systems (PERSISTENT.NS): यह स्टॉक करीब ₹5,458 पर है। इसका P/E रेश्यो 48x से 59x की रेंज में है और मार्केट कैप करीब ₹81-86k करोड़ है। Axis का टारगेट ₹7,170 है, जो 31% के अपसाइड का संकेत देता है। कंपनी का प्रॉफिट ग्रोथ अच्छा है और लगभग शून्य कर्ज है, लेकिन इसकी प्रीमियम वैल्यूएशन पर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। (5 फरवरी 2026 को इसे 'Hold' में डाउनग्रेड किया गया था)।
Coforge (COFORGE.NS): यह शेयर करीब ₹1,339.05 पर ट्रेड कर रहा है। इसका P/E रेश्यो 34.82x और 39.61x के बीच है और मार्केट कैप लगभग ₹45-47k करोड़ है। Axis ने ₹2,300 का टारगेट दिया है, जो 69.2% के बड़े अपसाइड का संकेत देता है। Coforge ने Q1 FY26 में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है और AI क्षमताओं को बढ़ाने के लिए late 2025 में Encora का अधिग्रहण भी किया था।
बियरिश नजरिया और वैल्यूएशन की चिंताएं
जहां Axis Securities इन स्टॉक्स में तेजी की उम्मीद कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कई चिंताएं भी हैं। फरवरी 2026 की गिरावट सिर्फ एक साइक्लिकल करेक्शन नहीं थी, बल्कि यह AI की वजह से कंपनियों की कमाई की स्थिरता पर सवाल खड़े करती है।
- वैल्यूएशन पर दबाव: Persistent Systems और Coforge जैसी कंपनियों की P/E वैल्यूएशन इंडस्ट्री के औसत से काफी ऊपर है, जो किसी भी चूक की गुंजाइश को कम करती है। Tech Mahindra का P/E भी प्रीमियम पर है और AI ऑटोमेशन से इसकी कमाई पर असर पड़ने का खतरा है। HCL Technologies का P/E ठीकठाक होने के बावजूद, इसे 'Hold' में डाउनग्रेड किया गया है।
- AI का दोधारी तलवार: AI टूल्स का तेजी से विकास ट्रेडिशनल IT सर्विसेज मॉडल के लिए खतरा पैदा कर रहा है। इससे रेवेन्यू में कमी, सेल्स साइकिल्स का लंबा होना और कीमतों पर दबाव पड़ने की आशंका है। विदेशी निवेशकों ने भी 2025 में भारतीय IT स्टॉक्स से करीब $8.5 बिलियन की बिकवाली की है।
आगे क्या?
भारतीय IT सेक्टर इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहां AI के कारण बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ब्रोकरेज फर्मों की 'Buy' कॉल्स के बावजूद, निवेशकों को कंपनियों की AI को अपनाने की क्षमता, इनोवेशन और बिजनेस मॉडल में बदलाव पर गहरी नजर रखनी होगी। बाजार IT कंपनियों से AI-ड्रिवेन ट्रांसफॉर्मेशन के ठोस प्रमाण की उम्मीद कर रहा है ताकि मौजूदा वैल्यूएशन्स को सही ठहराया जा सके।
