IT Stocks: AI का खौफ या मौका? Nifty IT में आई बड़ी गिरावट, अब क्या है आगे की राह?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
IT Stocks: AI का खौफ या मौका? Nifty IT में आई बड़ी गिरावट, अब क्या है आगे की राह?
Overview

IT सेक्टर में AI को लेकर बढ़ती चिंताओं और प्रीमियम वैल्यूएशन के बीच, Nifty IT इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई है। यह इंडेक्स साल-दर-तारीख (YTD) **19%** तक लुढ़क चुका है, जो ब्रॉडर Nifty से काफी पीछे है। हालांकि, AI के कारण रेवेन्यू घटने के डर के बावजूद, IT सर्विस फर्मों के लिए नए अवसर बन रहे हैं, क्योंकि क्लाइंट 'बिल्ड' (खुद बनाने) को 'बाय' (खरीदने) से ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।

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हाल के दिनों में Nifty IT इंडेक्स ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। फरवरी 2026 में इसमें 19.5% की सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले 17 सालों का रिकॉर्ड है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के टूल्स, जैसे Anthropic के एडवांसमेंट, को लेकर यह डर बढ़ा है कि कहीं ये पारंपरिक IT आउटसोर्सिंग सर्विसेज को अप्रचलित न कर दें। इस चिंता और सॉफ्टवेयर दिग्गजों से मिले मिले-जुले ग्रोथ संकेतों के कारण, मार्केट कैप में बड़ी गिरावट आई, जिससे Nifty IT इंडेक्स अपने पीक से लगभग 30% नीचे आ गया।

साल-दर-तारीख (YTD) 19% की गिरावट और Nifty के मुकाबले खराब परफॉर्मेंस के बावजूद, यह सेक्टर ओवरसोल्ड (oversold) होने और वैल्यू प्लेयर्स की खरीदारी (bargain hunting) के चलते कुछ हद तक संभलने के संकेत दे रहा है। Salesforce जैसी बड़ी कंपनियों के FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ में धीमी गति के शुरुआती संकेतों ने निराशा बढ़ाई थी, लेकिन उनके लेटेस्ट गाइडेंस से FY27 की दूसरी छमाही में ग्रोथ में तेजी की उम्मीद है। हालांकि, Infosys 18.83x और HCL Technologies 22.90x जैसे प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं, जो ग्लोबल पीयर्स (जैसे Capgemini SE 8.02x फॉरवर्ड P/E) की तुलना में काफी ज्यादा हैं। Wipro का P/E भी लगभग 16.6x है।

जहां एक ओर AI के कारण रेवेन्यू घटने का डर हावी है, कुछ एनालिस्ट्स का अनुमान है कि जनरेटिव AI से अगले 3-4 सालों में एप्लीकेशन डेवलपमेंट और मेंटेनेंस में 10-12% तक का असर पड़ सकता है। लेकिन, इसका दूसरा पहलू यह है कि AI, सिस्टम इंटीग्रेटर्स के लिए नेट पॉजिटिव वॉल्यूम का मौका पैदा कर रहा है। क्लाइंट्स अब 'बाय' (सॉफ्टवेयर खरीदना) के बजाय 'बिल्ड' (खुद का सॉल्यूशन बनाना) अप्रोच को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे प्रोडक्शन कॉस्ट कम हो सकती है। इससे इंटीग्रेटर्स को SaaS प्रोवाइडर्स से मार्केट शेयर हासिल करने में मदद मिल सकती है। Motilal Oswal का भी मानना है कि 2026 तक AI सर्विसेज की मांग और शॉर्ट-साइकिल AI इम्प्लीमेंटेशन डील्स से सेक्टर में रिकवरी आ सकती है।

AI का यह स्ट्रक्चरल रिस्क बना हुआ है कि कोडिंग और डिप्लॉयमेंट में जनरेटिव AI की क्षमताएं पारंपरिक IT सर्विसेज के बड़े हिस्से को ऑटोमेट कर सकती हैं, जिससे मीडियम टर्म में कुछ सेगमेंट्स में 25-30% तक रेवेन्यू का नुकसान हो सकता है। हालिया गिरावट के बावजूद, भारतीय IT स्टॉक्स अपने ग्लोबल साथियों की तुलना में प्रीमियम वैल्यूएशन पर बने हुए हैं। Persistent Systems, जिसे CLSA ने सपोर्ट किया है, 41.5x के ऊंचे P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके एक साल के प्रदर्शन ( 13.52% की गिरावट) के मुकाबले काफी ज्यादा है। Cognizant Technology Solutions, मजबूत ग्रोथ के गाइडेंस के बावजूद, एनालिस्ट्स की 'होल्ड' रेटिंग के साथ, मौजूदा चिंताओं को दर्शाती है। इंडस्ट्री केवल टेक्नोलॉजिकल बदलावों का ही सामना नहीं कर रही, बल्कि कमजोर ग्लोबल डिमांड और करेंसी में उतार-चढ़ाव का भी सामना कर रही है।

एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। Citi जैसी कुछ फर्म्स सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और टारगेट मल्टीपल्स घटाए हैं, जबकि NDTV Profit के CIO जैसे अन्य लोग 2026 में AI के परिपक्व होने (maturation) से बेहतर परफॉर्मेंस की उम्मीद कर रहे हैं। CLSA Persistent Systems और Infosys पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखे हुए है। Salesforce का FY27 का रेवेन्यू गाइडेंस $45.8 बिलियन से $46.2 बिलियन के बीच है, जिसमें FY27 की दूसरी छमाही में ऑर्गेनिक रेवेन्यू में तेजी की उम्मीद है। IT सेक्टर का 2026 का भविष्य AI को अपनाने की गति, इंडस्ट्री की सर्विसेज को बदलने की क्षमता और ग्लोबल IT खर्च की मजबूती पर निर्भर करेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.