IT और EV स्टॉक्स धड़ाम! AI का डर और Ola Electric की मुश्किलों से 52-हफ्ते के लो पर पहुंचे शेयर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
IT और EV स्टॉक्स धड़ाम! AI का डर और Ola Electric की मुश्किलों से 52-हफ्ते के लो पर पहुंचे शेयर
Overview

आज, 23 फरवरी 2026 को, भारतीय शेयर बाजार में जहां BSE Sensex **0.4%** की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, वहीं दूसरी ओर प्रमुख IT और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियों के शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर को छू गए। Wipro, L&T Technology Services, Hexaware Technologies जैसी IT कंपनियों और Ola Electric Mobility के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। यह गिरावट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के IT सेवाओं पर पड़ने वाले असर और Ola Electric की गंभीर वित्तीय व परिचालन चुनौतियों को दर्शाती है।

बाजार की चाल से अलग IT और EV सेक्टर

23 फरवरी 2026 को भारतीय इक्विटी मार्केट (Equity Market) में एक अजीब सी तस्वीर देखने को मिली। जहाँ BSE Sensex 0.4% चढ़कर 83,134 के स्तर पर था, वहीं IT और EV सेक्टर की कई बड़ी कंपनियां 52-हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं। Wipro के शेयर 2.4% गिरकर ₹204.25 पर आ गए, जो 2026 में अब तक 22% की गिरावट है, जबकि Sensex में इसी अवधि में केवल 2.4% की गिरावट आई है। L&T Technology Services, Hexaware Technologies, और KPIT Technologies के शेयर भी इसी दौरान 25% से 35% तक गिरे। Nifty IT इंडेक्स में कुल 1.24% की गिरावट देखी गई, जो PSU Banks और Financial Services जैसे सेक्टरों की बढ़त से बिल्कुल विपरीत है।

AI का साया IT सेक्टर पर

IT सेक्टर में मंदी का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता प्रभाव है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने Infosys, HCL Technologies, और MphasiS के शेयरों की रेटिंग 'Hold' कर दी, और LTI Mindtree, Tata Consultancy Services (TCS), व Hexaware को 'Underperform' रेटिंग दी। फर्म ने AI से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए FY26-28 के लिए IT कंपनियों के नतीजों (Earnings) का अनुमान 1% से 4% तक घटा दिया है और अगले कुछ सालों में 6% की मामूली ग्रोथ का अनुमान लगाया है। Equirus Securities के एनालिस्टों ने भी कहा है कि वे मैक्रो अनिश्चितताओं (Macro Uncertainties) और जनरेटिव AI (Generative AI) की तेज रफ्तार पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि यह डिमांड, प्राइसिंग, सेल्स ग्रोथ और मार्जिन मैनेजमेंट को प्रभावित कर सकता है। AI से एफिशिएंसी (Efficiency) बढ़ सकती है, लेकिन पारंपरिक सर्विस रेवेन्यू (Revenue) और वैल्यूएशन (Valuation) पर भी खतरा मंडरा रहा है।

Ola Electric की गहरी होती मुश्किलों से कॉम्पिटिशन में पिछड़ना

दूसरी ओर, Ola Electric Mobility का शेयर 3.3% गिरकर ₹25.70 के नए ऑल-टाइम लो (All-time Low) पर पहुंच गया। यह शेयर सितंबर 2025 के ₹71.24 के 52-हफ्ते के हाई (High) से 64% नीचे है। कंपनी के Q3 FY26 के नतीजों में ₹487 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दिखा, जो पिछले साल ₹564 करोड़ था। वहीं, ऑपरेशंस से होने वाली रेवेन्यू में 55% की भारी गिरावट आई और यह ₹470 करोड़ पर आ गई। एनालिस्टों का मानना है कि Q3 FY26 के बाद कंपनी के लिए वापसी करना मुश्किल होगा। Emkay Global Financial Services ने Ola Electric की रेटिंग 'Sell' कर दी है और टारगेट प्राइस 60% घटाकर ₹20 कर दिया है, क्योंकि कंपनी के गंभीर परिचालन नुकसान और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच सर्वाइवल (Survival) पर सवाल खड़े हो गए हैं। Ola Electric अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (e2W) सेगमेंट में पांचवें स्थान पर है और उसका मार्केट शेयर सिर्फ 6% रह गया है, जबकि TVS Motor Company और Bajaj Auto जैसी कंपनियों ने अच्छी ग्रोथ बनाए रखी है।

MapmyIndia का सीजनल दबाव और ऑर्डर बुक की मजबूती

C.E. Info Systems (MapmyIndia) का शेयर भी 52-महीनों के लो पर पहुंच गया। कंपनी का Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 41.9% गिरकर ₹18.8 करोड़ रहा, और रेवेन्यू 18.2% घटकर ₹93.7 करोड़ हो गया। मैनेजमेंट का कहना है कि यह सीजन (Seasonality) और ग्राहकों द्वारा डिलीवरी में देरी के कारण हुआ है। हालांकि, तिमाही नतीजों में गिरावट के बावजूद, 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी का ओपन ऑर्डर बुक ₹1,770.7 करोड़ रहा, जो भविष्य के लिए अच्छी विजिबिलिटी (Visibility) दिखाता है। IoT-led बिजनेस में भी नौ महीनों में 44% की ग्रोथ दर्ज की गई है।

आगे की राह

एनालिस्टों का मानना है कि IT सेक्टर में अगले कुछ समय तक वोलेटिलिटी (Volatility) बनी रह सकती है, क्योंकि कंपनियां AI को इंटीग्रेट (Integrate) करने और क्लाइंट्स की बदलती टेक खर्च की प्राथमिकताओं को मैनेज करने की कोशिश करेंगी। कुछ कंपनियां AI को अपनाने का फायदा उठा सकती हैं, जबकि अन्य को बड़े जोखिमों का सामना करना पड़ेगा। Ola Electric के लिए भविष्य की राह कठिन बनी हुई है, और उसका सर्वाइवल परिचालन सुधार और आक्रामक प्रतिस्पर्धा के सामने मार्केट में पकड़ बनाने पर निर्भर करेगा। वहीं, C.E. Info Systems, अपने मजबूत ऑर्डर बुक के दम पर, तिमाही नतीजों में सीजनल कमजोरी के बावजूद, मीडियम टर्म (Medium Term) के लिए बेहतर स्थिति में दिख रही है।

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