🟢 नतीजों का लेखा-जोखा
कंपनी के लिए Q3FY26 नतीजे बेहद मजबूत रहे। 20% साल-दर-साल (YoY) की बढ़ोतरी के साथ रेवेन्यू ₹1,456 मिलियन पर पहुंचा। वहीं, पहले नौ महीनों (9MFY26) में रेवेन्यू 15% YoY बढ़कर ₹4,299 मिलियन रहा।
मुनाफे की बात करें तो EBITDA में 47% YoY की भारी उछाल आई और यह ₹219 मिलियन पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 280 बेसिस पॉइंट (bps) YoY और 383 bps तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) सुधरकर 15.0% हो गया। पैट (Profit After Tax) 38% YoY बढ़कर ₹108 मिलियन रहा, जबकि पैट मार्जिन 98 bps YoY के इजाफे के साथ 7.4% पर पहुंच गया। कैश पैट में भी 27% YoY की बढ़ोतरी देखी गई।
हालांकि, ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन में हल्की नरमी देखी गई, जो Q3FY25 के 46.4% से घटकर 44.2% हो गया। यह इनपुट लागत या कुछ प्रोडक्ट लाइन्स पर प्राइसिंग प्रेशर का संकेत हो सकता है। कंपनी की बैलेंस शीट पर कुल इक्विटी ₹5,787 मिलियन (पिछले ₹5,620 मिलियन से ऊपर) और कुल एसेट्स ₹7,279 मिलियन (पिछले ₹6,756 मिलियन से ऊपर) दर्ज की गई। कैपिटल वर्क इन प्रोग्रेस (CWIP) बढ़कर ₹591 मिलियन हो गया है, जो नए विस्तार की ओर इशारा करता है।
🚀 कंपनी का ' other business' बना गेम चेंजर
'Other Business' सेगमेंट इस तिमाही में कंपनी के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हुआ। यह अब Q3FY26 के कुल रेवेन्यू का 70% हिस्सा है, जो पिछले साल 63% था। इस सेगमेंट में 33% YoY की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई। हियरएबल्स (Hearables) और वियरेबल्स (Wearables) जैसे नए क्षेत्रों में कंपनी का डाइवर्सिफिकेशन और नए क्लाइंट्स से मिले ऑर्डर इस ग्रोथ के पीछे मुख्य वजह हैं।
मिडिल ईस्ट मार्केट से भी कंपनी को जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली है, जहां नॉन-इंडिया रेवेन्यू 9MFY26 में 57% YoY बढ़ा है। कंपनी ने मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन को मजबूत करने के लिए Gravus Tech में 88% हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी किया है। नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट का ब्लॉक I शुरू हो चुका है और ब्लॉक II भी तैयार है।
🚩 जोखिम और भविष्य का नज़रिया
ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन में आई हल्की कमी पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। अमेरिका में टैरिफ को लेकर अनिश्चितता भी एक चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, मैनेजमेंट का मानना है कि 'Other Business' सेगमेंट की ग्रोथ, नए क्लाइंट्स और विस्तार योजनाओं से कंपनी भविष्य में अच्छा प्रदर्शन जारी रखेगी।
निवेशकों को मार्जिन ट्रेंड्स, Gravus Tech के इंटीग्रेशन और नए मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के ramp-up पर ध्यान देना चाहिए।