फंडिंग का पूरा हिसाब-किताब
IDfy ने अपनी सीरीज F फंडिंग के तहत कुल ₹476 करोड़ (लगभग $53 मिलियन) की राशि जुटाई है। यह निवेश प्राइमरी और सेकेंडरी ट्रांज़ैक्शन्स (transactions) के मिले-जुले रूप में हुआ है। इस राउंड का नेतृत्व Neo Asset Management ने अपने Neo Secondaries Fund के ज़रिए किया, जिसमें मौजूदा निवेशकों Blume Ventures, Analog Capital, Elev8, IndiaMART, और Kae Capital ने भी हिस्सा लिया। इस नए निवेश के बाद IDfy का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन करीब $272 मिलियन यानी लगभग ₹2,420 करोड़ आंका जा रहा है। इस राउंड में ₹220 करोड़ का पैसा प्राइमरी कैपिटल के तौर पर आया है, जिसका इस्तेमाल कंपनी के विकास के लिए होगा, जबकि बाकी राशि सेकेंडरी ट्रांज़ैक्शन्स से आई है, जो शुरुआती निवेशकों और कर्मचारियों के लिए एक अहम लिक्विडिटी (liquidity) का मौका है।
आगे की रणनीति: अधिग्रहण और विस्तार
IDfy जुटाए गए फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से आक्रामक विकास पहलों पर करेगी। इसमें सबसे खास है रणनीतिक अधिग्रहण (strategic acquisitions) और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार। कंपनी इस कदम से अपनी पहचान सत्यापन (identity verification) और RegTech सेक्टर्स में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना चाहती है। IDfy का TrustStack प्लेटफॉर्म, जो डिजिटल ऑनबोर्डिंग, रिस्क मैनेजमेंट और फ्रॉड डिटेक्शन जैसी सेवाएं देता है, पहले से ही 1,500 से ज़्यादा क्लाइंट्स को अपनी सेवाएं दे रहा है। यह फंड जुटाना कंपनी के लिए एक बड़े दांव जैसा है, खासकर जब Competitors जैसे Signzy ने कुल $38.7 मिलियन और Bureau ने $50 मिलियन जुटाए हैं।
RegTech बाजार में बूम
पहचान सत्यापन (identity verification) और RegTech (Regulatory Technology) का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इसकी वजह है डिजिटल लेनदेन में बढ़ोतरी, बढ़ते फ्रॉड के मामले और सख्त होते रेगुलेटरी नियमों का पालन करने की ज़रूरत। ग्लोबल आइडेंटिटी वेरिफिकेशन मार्केट के $38.8 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें एशिया पैसिफिक, खासकर भारत, एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। भारत का RegTech बाजार ही 2031 तक $5.3 बिलियन से अधिक का हो सकता है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, AI/ML का बढ़ता इस्तेमाल और नए कानून जैसे डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2023 इस ग्रोथ को हवा दे रहे हैं। IDfy का AI/ML पर फोकस इसी ट्रेंड के अनुरूप है।
वैल्यूएशन पर सवाल?
सीरीज F राउंड में $53 मिलियन जुटाना निश्चित रूप से बड़ी बात है, लेकिन $272 मिलियन का वैल्यूएशन कुछ सवाल खड़े करता है। कंपनी ने हाल ही में FY25 में ₹186 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो FY24 के ₹145 करोड़ से काफी ज़्यादा है। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने ₹1.6 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो इसका पहला मुनाफे वाला साल है। वहीं, FY24 में कंपनी को ₹8.8 करोड़ का घाटा हुआ था। ऐसे समय में जब भारतीय फिनटेक और RegTech कंपनियां मुनाफे और सस्टेनेबल ग्रोथ पर ज़ोर दे रही हैं, IDfy का वैल्यूएशन उसके मौजूदा मुनाफे की तुलना में ज़्यादा लग सकता है। साथ ही, IDfy को Signzy और Bureau जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिल रही है, और संभावित अधिग्रहणों को सफलतापूर्वक मैनेज करना भी एक चुनौती होगी।
भविष्य की राह
IDfy अब इस नए फंड का इस्तेमाल अधिग्रहण, अंतर्राष्ट्रीय विस्तार और अपने प्रोडक्ट को और बेहतर बनाने के लिए करेगी। कंपनी का लक्ष्य अपनी पोजिशन को मजबूत करना और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग का फायदा उठाना है। मैनेजमेंट अब भारत के अलावा दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य पूर्व जैसे बाजारों में भी अपनी पैठ बढ़ाना चाहता है। हालिया मुनाफे के साथ, कंपनी अब ऑपरेशन्स को बड़े पैमाने पर ले जाने और मार्केट शेयर बढ़ाने की दिशा में काम करेगी।