AI की दुनिया से आए एक झटके ने International Business Machines (IBM) के निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। 23 फरवरी 2026 को, Anthropic नाम की AI रिसर्च फर्म ने 'Claude Code' नाम से एक ऐसे टूल का ऐलान किया जो COBOL जैसे सदियों पुराने प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को ऑटोमेटिकली मॉडर्नाइज कर सकता है। इस खबर के आते ही IBM के शेयर 13.15% तक लुढ़क गए, जो पिछले दो दशकों में सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट थी। कंपनी की मार्केट वैल्यू $31 अरब से ज्यादा घट गई। यह मार्च 12, 2020 के बाद से इसकी सबसे खराब परफॉर्मेंस थी।
AI का सीधा वार
Anthropic के इस टूल से यह डर पैदा हो गया है कि कंपनियां अपने पुराने COBOL कोड को ऑटोमेटेड AI टूल्स से ही मॉडर्नाइज कर लेंगी। यह IBM के लिए बड़ा झटका है क्योंकि कंपनी इसी क्षेत्र में अपनी कंसल्टिंग और मेनफ्रेम सर्विसेज के जरिए भारी कमाई करती रही है। सालों से IBM ऐसे कॉम्प्लेक्स लीगेसी सिस्टम्स (legacy systems) को बनाए रखने और अपग्रेड करने से मुनाफा कमाती आई है, खासकर अपने कंसल्टिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डिवीजनों के माध्यम से, क्योंकि ये सिस्टम हाई-वॉल्यूम ट्रांजैक्शन को संभालने में बेहद भरोसेमंद हैं।
नतीजों में मजबूती, बाजार में घबराहट
बाजार की इस घबराहट के उलट, IBM की हालिया फाइनेंशियल रिपोर्ट चौंकाने वाले नतीजे दिखाती हैं। दिसंबर 2025 में समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4) में, कंपनी का रेवेन्यू (revenue) $19.7 अरब रहा, जो पिछले साल की तुलना में 12% ज्यादा है। सॉफ्टवेयर रेवेन्यू में 14% की बढ़त दर्ज की गई, कंसल्टिंग रेवेन्यू 3% बढ़ा, और इंफ्रास्ट्रक्चर रेवेन्यू में 21% की शानदार उछाल आई। प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) में भी सुधार हुआ, जहां चौथी तिमाही में GAAP बेसिस पर ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन 60.6% रहा, जो 110 बेसिस पॉइंट अधिक है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY 2025) के लिए, IBM ने $67.5 अरब का रेवेन्यू और $13.2 अरब का नेट कैश ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से हासिल किया, जबकि फ्री कैश फ्लो $14.7 अरब रहा।
वैल्यूएशन का अजीब खेल
20 फरवरी 2026 तक, IBM का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 23.06 था, जो पिछले 12 महीनों के औसत 37.20 से काफी कम है। यह मौजूदा P/E रेश्यो इसके 3-साल के औसत 38.87 से भी काफी नीचे है। यह दिखाता है कि शेयर अपने ऐतिहासिक वैल्यूएशन और ग्रोथ प्रोस्पेक्ट्स के मुकाबले सस्ता हो सकता है, खासकर जब PEG रेश्यो कुछ एनालिस्ट्स द्वारा 0.31 जितना कम बताया जा रहा है। एनालिस्ट्स का नजरिया अभी भी पॉजिटिव है, 20 एनालिस्ट्स में से 11 ने 'Buy' रेटिंग दी है और केवल एक ने 'Sell' रेटिंग दी है। एवरेज 12-महीने का प्राइस टारगेट $330 के आसपास है, जिसमें Jefferies और Evercore ISI जैसे फर्मों ने $370 और $345 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है।
लीगेसी सिस्टम्स: IBM का डबल-एज्ड स्वॉर्ड
चिंता का मुख्य कारण COBOL की निरंतर व्यापकता है, जो अमेरिका सरकार, बड़े बैंकों और ग्लोबल एयरलाइंस जैसी जगहों पर मिशन-क्रिटिकल सिस्टम्स में इस्तेमाल होता है, और ये ज्यादातर IBM के मेनफ्रेम पर चलते हैं। पारंपरिक तौर पर, इन जटिल और महंगे सिस्टम्स को मॉडर्नाइज करना IBM के लिए एक बड़ा रेवेन्यू सोर्स रहा है। हालांकि, IBM भी पीछे नहीं है; कंपनी AI-ड्रिवन मॉडर्नाइजेशन में निवेश कर रही है। इसका 'watsonx Code Assistant for Z' जनरेटिव AI का इस्तेमाल करके COBOL को Java में बदलने का काम करता है, जिसका मकसद एप्लीकेशन मॉडर्नाइजेशन को आसान बनाना है। इतना ही नहीं, IBM मेनफ्रेम को एंटरप्राइज AI स्ट्रेटेजीज के लिए जरूरी बताती है, जहां 79% IT एग्जीक्यूटिव्स मानते हैं कि ये AI इनोवेशन के लिए महत्वपूर्ण हैं। IBM माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप भी कर रही है ताकि मेनफ्रेम डेटा को Azure पर AI एप्लीकेशन्स के लिए एक्सेस किया जा सके।
सेक्टर पर असर और ग्लोबल इंपैक्ट
AI से जुड़ी इन चिंताओं ने IBM से आगे बढ़कर भारतीय IT सेक्टर पर भी गहरा असर डाला है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने फरवरी 2026 के पहले पंद्रह दिनों में भारतीय IT स्टॉक्स से लगभग ₹11,000 करोड़ निकाले, जिससे IT सेक्टर में उनकी हिस्सेदारी चार साल के निचले स्तर पर आ गई। Nifty IT इंडेक्स में अकेले फरवरी में 15% और साल-दर-तारीख (YTD) में 21% से ज्यादा की गिरावट आई है। Infosys और TCS जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी डबल-डिजिट गिरावट देखी गई। 23 फरवरी 2026 को S&P 500 इंडेक्स में 1.04% की गिरावट सहित, ग्लोबल टेक्नोलॉजी मार्केट्स में यह व्यापक बिकवाली पारंपरिक IT सर्विसेज पर AI के प्रभाव के री-असेसमेंट को दर्शाती है।
बियर केस: अनसीन खतरा
हालांकि कई एनालिस्ट्स मानते हैं कि बाजार की यह प्रतिक्रिया अत्यधिक हो सकती है, लेकिन खतरा वास्तविक है। Anthropic के Claude Code जैसे AI टूल्स COBOL मॉडर्नाइजेशन की लागत और समय को जितनी तेजी से कम कर सकते हैं, वह IBM की कंसल्टिंग और मॉडर्नाइजेशन सर्विसेज के लिए सीधा प्रतिस्पर्धी चुनौती पेश करता है। AWS Mainframe Modernization जैसे कंपटीटर्स, जो COBOL से Java रिफैक्टरिंग की सुविधा देते हैं, और कई अन्य वेंडर्स जो मॉडर्नाइजेशन सूट्स प्रदान करते हैं, वे भी दबाव बढ़ा रहे हैं। चिंता यह है कि AI में प्रगति IBM के लीगेसी सिस्टम मेंटेनेंस और अपग्रेड से होने वाले स्थापित रेवेन्यू स्ट्रीम्स को खत्म कर सकती है। इसके अलावा, जबकि IBM का P/E रेश्यो अंडरवैल्यूएशन का संकेत देता है, बाजार इसके मेनफ्रेम-डिपेंडेंट रेवेन्यू स्ट्रीम्स के लिए उच्च जोखिम प्रीमियम को कीमत दे रहा है।
भविष्य की राह
IBM अपने हाइब्रिड क्लाउड, AI, ऑटोमेशन और डेटा की ओर रणनीतिक बदलाव के जरिए अपने रेवेन्यू सोर्स को डाइवर्सिफाई करने और पारंपरिक मेनफ्रेम एक्टिविटीज पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य बना रही है। कंपनी को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY 2026) में उसका रेवेन्यू 5% प्रति वर्ष से अधिक बढ़ेगा, और फ्री कैश फ्लो लगभग $15.7 अरब तक पहुंच जाएगा, जो कि $1 अरब की वृद्धि होगी। यह बहस जारी है कि AI अंततः IBM के मुख्य व्यवसाय को बाधित करेगा या, जैसा कि IBM का सुझाव है, मेनफ्रेम मॉडर्नाइजेशन और उसके भविष्य का एक अभिन्न अंग बन जाएगा। बाजार IBM की अपनी AI क्षमताओं का लाभ उठाने और बाहरी खतरों का मुकाबला करने तथा विकसित हो रहे एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी लैंडस्केप का फायदा उठाने के लिए उन्हें अपने मॉडर्नाइजेशन ऑफर्स में एकीकृत करने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेगा।