मार्जिन दबाव ने बढ़ाई शेयर में गिरावट
Hexaware Technologies का स्टॉक 6 फरवरी 2026 को बुरी तरह गिरा। गुरुवार को 9% गिरने के बाद, शुक्रवार को यह और 8% नीचे चला गया। इंट्राडे में शेयर ₹572.50 के निचले स्तर पर पहुँच गया। यह IPO प्राइस ₹708 से करीब 20% कम है। इस भारी गिरावट की मुख्य वजह कंपनी की चौथी तिमाही के नतीजे रहे। रेवेन्यू कॉन्स्टेंट करेंसी में 1.4% गिरा, जो एनालिस्ट्स की उम्मीद के मुताबिक था। लेकिन, ऑपरेटिंग मार्जिन 60 बेसिस पॉइंट्स (bps) सिकुड़ गया, जो अनुमानों से काफी कम था। इस मार्जिन कंप्रेशन ने रेवेन्यू परफॉर्मेंस को फीका कर दिया और निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दीं।
ब्रोकरेज हाउसेस ने घटाए टारगेट
नतीजों के बाद प्रमुख ब्रोकरेज हाउसेस ने Hexaware Technologies के स्टॉक पर अपना रुख बदल दिया है। JPMorgan ने अपनी 'ओवरवेट' रेटिंग को घटाकर 'न्यूट्रल' कर दिया है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹780 से घटाकर ₹640 कर दिया है। इसी तरह, HSBC ने 'बाय' रेटिंग से 'होल्ड' पर अपग्रेड किया है और टारगेट प्राइस ₹970 से घटाकर ₹735 कर दिया है। ये बदलाव कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाते हैं। इससे पहले, Jefferies ने 5 जनवरी 2026 को ही ग्रोथ की चुनौतियों को देखते हुए स्टॉक को 'होल्ड' रेटिंग दी थी। Jefferies के अनुमानों के मुताबिक, 2026-27 में कंपनी का कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 8-9% रहने की उम्मीद है, जो इस सेक्टर की मिड-कैप कंपनियों में सबसे कम में से एक है। मौजूदा वैल्यूएशन, जिसका P/E रेश्यो करीब 30x है, TCS और Infosys (जो करीब 22-23x पर ट्रेड कर रहे हैं) जैसे बड़े प्लेयर्स की तुलना में महंगा लगता है, और अब इस पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है।
सेक्टर की चुनौतियाँ और भविष्य का नज़रिया
IT सर्विसेज सेक्टर फिलहाल एक जटिल ग्लोबल माहौल से गुजर रहा है। 2026 में कुल IT खर्च 10.2% बढ़कर $6.07 ट्रिलियन होने का अनुमान है, जिसमें IT सर्विसेज की हिस्सेदारी 9.6% बढ़ सकती है। हालांकि, इसी दौरान ग्लोबल टेक सेक्टर में बिकवाली का दौर भी चल रहा है। AI ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी, कड़ी प्रतिस्पर्धा और हाई वैल्यूएशन्स जैसी चिंताएं हावी हैं। Nifty IT इंडेक्स भी हाल ही में करीब 6% की तेज गिरावट झेल चुका है। ऐसे में Hexaware का मार्जिन मिस और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। इन मुश्किलों के बावजूद, Hexaware मैनेजमेंट का मानना है कि 2026 में रेवेन्यू ग्रोथ 2025 के 7.6% के मुकाबले बेहतर रहेगी। कंपनी ने EBIT मार्जिन के 13% से 14% के बीच स्थिर रहने की उम्मीद जताई है। CEO श्रीकृष्णा ने साल के आखिर में हुई डील्स में तेजी का जिक्र किया है, जिससे AI क्षमताओं का उपयोग करके कंपनी 2026 में मजबूत शुरुआत कर सकेगी। लेकिन, बाजार की प्रतिक्रिया से लगता है कि निवेशक फिलहाल भविष्य की उम्मीदों के बजाय मौजूदा परफॉरमेंस और प्रॉफिटेबिलिटी की चुनौतियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।