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हांगकांग को बड़ा झटका! स्टेबलकॉइन लाइसेंस पर फैसला टाला, कहीं ग्लोबल डिजिटल एसेट हब बनने से चूक न जाए

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
हांगकांग को बड़ा झटका! स्टेबलकॉइन लाइसेंस पर फैसला टाला, कहीं ग्लोबल डिजिटल एसेट हब बनने से चूक न जाए
Overview

हांगकांग के सेंट्रल बैंक (HKMA) ने स्टेबलकॉइन (Stablecoin) लाइसेंस जारी करने की मार्च की डेडलाइन (Deadline) को मिस कर दिया है। पहले अप्रैल में लाइसेंस मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब यह अनिश्चित काल के लिए टल गया है।

क्यों टल गया लाइसेंस का फैसला?

हांगकांग मॉनेटरी अथॉरिटी (HKMA) ने स्टेबलकॉइन लाइसेंस देने की जो मार्च की डेडलाइन तय की थी, उसे पार कर लिया है। अप्रैल में इन लाइसेंसों के जारी होने की उम्मीद थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। HKMA ने देरी का कोई खास कारण तो नहीं बताया है, बस इतना कहा है कि वे इस पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और जल्द ही और जानकारी देंगे। इस देरी से हांगकांग की एक प्रमुख रेगुलेटेड डिजिटल एसेट हब बनने की योजनाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

HKMA का सतर्क रवैया

यह देरी हांगकांग के डिजिटल एसेट को रेगुलेट करने के धीमे और जोखिम-नियंत्रण पर केंद्रित तरीके को दर्शाती है। कई दूसरे देशों की तुलना में, हांगकांग तेजी से बाजार में आने की बजाय, व्यापक फाइनेंशियल सिस्टम के साथ एकीकरण और मजबूत निगरानी को प्राथमिकता दे रहा है। HKMA का यह सतर्क रुख उसके पिछले वित्तीय संकटों और हांगकांग डॉलर (HKD) को अमेरिकी डॉलर से जोड़ने वाली उसकी अपनी करेंसी बोर्ड प्रणाली (Linked Exchange Rate System) के कारण है। ऐसे में, प्राइवेट स्टेबलकॉइन्स को लेकर HKMA स्वाभाविक रूप से सतर्क रहता है, ताकि करेंसी सिस्टम की स्थिरता भंग न हो। सिंगापुर जैसे देशों के मुकाबले, जो एक स्पष्ट फ्रेमवर्क के साथ ग्लोबल इश्यूअर्स को आकर्षित करने पर जोर दे रहे हैं, हांगकांग का यह कदम कहीं अधिक रूढ़िवादी है। HKMA ने HK$25 मिलियन (लगभग US$3.2 मिलियन) की पूंजी की शर्त और रिजर्व एसेट मैनेजमेंट पर कड़े नियम लागू किए हैं, जिसका मकसद 'गोल्ड स्टैंडर्ड' लाइसेंस बनाना है।

ग्लोबल मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

दुनिया भर में स्टेबलकॉइन मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2025 तक $300 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क भी स्पष्ट हो रहे हैं। यूरोप के MiCA रेगुलेशन, सिंगापुर का MAS-रेगुलेटेड स्टेबलकॉइन फ्रेमवर्क (अगस्त 2023 में फाइनल हुआ) और अमेरिका का GENIUS Act (जनवरी 2027 तक प्रभावी) इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हांगकांग की धीमी गति इन देशों को डिजिटल एसेट रेगुलेशन और इनोवेशन में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका दे सकती है। इस देरी से मार्केट पार्टिसिपेंट्स उन ज्यूरिसडिक्शन्स की ओर जा सकते हैं जहाँ नियमों का रास्ता ज्यादा स्पष्ट या तेज हो।

कौन थे लाइसेंस की दौड़ में?

माना जा रहा था कि हांगकांग के प्रमुख बैंक जैसे HSBC और Standard Chartered, साथ ही Standard Chartered, Animoca Brands और HKT के एक संयुक्त वेंचर (Joint Venture) पहले लाइसेंस पाने वालों में शामिल होंगे। इन कंपनियों ने HKMA के स्टेबलकॉइन इश्यूअर सैंडबॉक्स (Sandbox) में भी हिस्सा लिया था।

लंबी राह और शुरुआती चुनौतियां

HKMA की सख्त पूंजी आवश्यकताएं और धीमी गति छोटे फिनटेक स्टार्टअप्स के लिए प्रवेश में बड़ी बाधाएं खड़ी कर सकती हैं। इससे स्टेबलकॉइन की पेशकशों में विविधता और इनोवेशन कम हो सकता है। वहीं, हांगकांग की करेंसी बोर्ड प्रणाली के कारण, किसी भी प्राइवेट स्टेबलकॉइन को मौजूदा करेंसी सिस्टम के साथ जटिल नियमों का सामना करना पड़ता है, जो शायद अन्य रेगुलेटरी माहौल में न हो। इस इंतजार से सिंगापुर और यूरोप जैसे प्रतिस्पर्धी मार्केट शेयर कैप्चर कर सकते हैं।

आगे का रास्ता

HKMA ने संकेत दिया है कि लाइसेंसिंग प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और जल्द ही घोषणाएं की जाएंगी। सफल आवेदकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप मजबूत संचालन और जोखिम प्रबंधन दिखाना होगा। स्टेबलकॉइन्स का सफल एकीकरण हांगकांग के टोकनाइज्ड फाइनेंस एजेंडा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। HKMA को अपनी कड़ी निगरानी को इनोवेशन को बढ़ावा देने की जरूरत के साथ संतुलित करना होगा।

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