HFCL Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q4 में कंपनी ने किया मुनाफे का बड़ा उलटफेर, शेयर ने पकड़ी तूफानी रफ्तार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
HFCL Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q4 में कंपनी ने किया मुनाफे का बड़ा उलटफेर, शेयर ने पकड़ी तूफानी रफ्तार
Overview

HFCL लिमिटेड के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी ने Q4 FY26 में जबरदस्त वापसी करते हुए पिछले साल के नेट लॉस (Net Loss) को भारी मुनाफे में बदल दिया है। इस दौरान रेवेन्यू **128%** बढ़ा और ऑर्डर बुक **₹21,206 करोड़** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इन दमदार नतीजों के दम पर HFCL के शेयर **52-हफ्ते** की नई ऊंचाई पर पहुंच गए, वो भी तब जब शेयर बाजार में गिरावट देखी जा रही थी।

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मुनाफे में कैसे आई कंपनी?

HFCL लिमिटेड के वित्तीय नतीजों ने बाजार का ध्यान खींचा है। कंपनी ने Q4 FY26 में ₹178.5 करोड़ का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया है, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में ₹81.43 करोड़ का नेट लॉस था। कंपनी की आय (Revenue) इयर-ऑन-इयर 128% बढ़कर ₹1,824.12 करोड़ पर पहुंच गई, और कुल आय ₹1,846.38 करोड़ रही। इन शानदार नंबरों के चलते HFCL का शेयर 10% से ज्यादा उछलकर ₹118.76 के 52-हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और सेक्टर की मजबूती

शेयर में इस तेजी की एक बड़ी वजह कंपनी की ₹21,206 करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक है। यह बड़ा ऑर्डर बैकलॉग आने वाले समय में कंपनी के लिए मजबूत रेवेन्यू की गारंटी देता है। कंपनी को ऑप्टिकल फाइबर केबल, टेलीकॉम नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स में काफी मांग दिख रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि ऑर्डर बुक की क्वालिटी भी सुधरी है, जिसमें एक्सपोर्ट, लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स और हाई-मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स का हिस्सा बढ़ा है।

भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में 5G के तेजी से विस्तार, डेटा की बढ़ती खपत और सरकारी नीतियों के चलते जबरदस्त ग्रोथ देखी जा रही है। AI के बढ़ते चलन से डेटा सेंटर और हाई-कैपेसिटी नेटवर्क की मांग भी बढ़ रही है, जिसका फायदा HFCL जैसी कंपनियों को मिल रहा है।

वैल्युएशन का बड़ा रिस्क

इन सब सकारात्मक बातों के बावजूद, HFCL की वैल्यूएशन (Valuation) एक बड़ी चुनौती है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 260x से भी ऊपर चला गया है, जो इंडस्ट्री एवरेज 23.07x से बहुत ज्यादा है। यह हाई P/E बताता है कि बाजार कंपनी से आने वाले सालों तक लगभग परफेक्ट एग्जीक्यूशन और लगातार हाई ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है।

टेक्निकल चार्ट्स पर भी RSI14 89 पर है, जो 'अत्यधिक ओवरबॉट' (Extremely Overbought) की स्थिति का संकेत दे रहा है, यानी छोटी अवधि में गिरावट का खतरा बना हुआ है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹16,400 करोड़ है, जिसे बनाए रखने के लिए मैनेजमेंट को अपने बड़े ऑर्डर बुक और स्ट्रैटेजिक प्लान्स को लगातार मुनाफे में बदलना होगा।

आगे क्या? एग्जीक्यूशन ही है कुंजी

मैनेजमेंट का मानना है कि HFCL एक मजबूत और स्थिर ग्रोथ फेज में प्रवेश कर रही है। कंपनी अपनी क्षमता का विस्तार कर रही है, एक्सपोर्ट बढ़ा रही है और डिफेंस सेक्टर में भी विस्तार की योजनाएं हैं। ऑप्टिकल फाइबर प्रीफॉर्म में बैकवर्ड इंटीग्रेशन और डिफेंस सेक्टर में विस्तार से मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

हालांकि, विश्लेषक अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹5.00 प्रति शेयर EPS का अनुमान लगा रहे हैं और Geojit ने ₹150 का टारगेट प्राइस दिया है। लेकिन इन सबके बीच, HFCL के लिए अपनी ऊंची वैल्यूएशन को सही ठहराने का सबसे बड़ा मंत्र उसकी एग्जीक्यूशन क्षमता ही होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.