मुनाफे में वापसी का कमाल!
HFCL ने Q4 FY26 में अपने वित्तीय नतीजों से सबको चौंका दिया है। कंपनी ने पिछले साल के ₹83.30 करोड़ के शुद्ध घाटे से वापसी करते हुए इस तिमाही में ₹184.45 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। वहीं, कुल रेवेन्यू में 127.8% का शानदार उछाल आया और यह ₹1,824.12 करोड़ पर पहुंच गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो, कंपनी का कुल रेवेन्यू 21.8% बढ़कर ₹4,949.27 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 90.1% बढ़कर ₹329.44 करोड़ हो गया। कंपनी के बोर्ड ने ₹0.10 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड का भी प्रस्ताव रखा है।
शेयर में लगी आग!
इन दमदार नतीजों के दम पर HFCL के शेयर में तूफानी तेजी देखने को मिली। पिछले पांच हफ्तों में शेयर करीब 110% चढ़ चुका है। सोमवार, 11 मई 2026 को शेयर 6.09% बढ़कर ₹149.75 पर बंद हुआ और दिन के कारोबार में ₹151.80 का 52-हफ्ता हाई भी छुआ। यह तेजी तब आई जब Nifty 50 इंडेक्स 1.27% गिर रहा था।
वैल्यूएशन की चिंताएं?
हालांकि, इस शानदार तेजी के बीच HFCL का वैल्यूएशन निवेशकों के लिए चिंता का सबब बन गया है। शुरुआती मई 2026 तक, शेयर का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 65.65x से 74.2x के बीच है, जो कि भारतीय टेलीकॉम सेक्टर के औसत P/E 33.4x से कहीं ज्यादा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह P/E 297.89x या 347x तक भी बताया जा रहा है। यह वैल्यूएशन Indus Towers (P/E 14.93x) और RailTel Corporation (P/E 31.8x) जैसे अपने साथियों से काफी ऊपर है। एनालिस्ट्स ने 'Buy' रेटिंग के साथ औसतन ₹150 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा भाव से ज्यादा दूर नहीं है।
पुरानी कमाई में उतार-चढ़ाव
यह समझना ज़रूरी है कि HFCL के शेयर में यह तेजी एक अस्थिर कमाई के इतिहास के बाद आई है। पिछले पांच सालों में कंपनी की सालाना कमाई औसतन 11.2% गिरी थी। पिछले साल 75.7% की जोरदार ग्रोथ के बावजूद, शेयर में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। पिछले एक महीने में 92% चढ़ने के बाद, 8 मई 2026 को शेयर 2% गिरा था, जो मुनाफावसूली का संकेत था। शेयर का 52-हफ्ता रेंज ₹59.82 से ₹147.67 तक रहा है।
सेक्टर और कॉम्पिटिशन का दबाव
HFCL प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है। Sterlite Technologies जैसे प्रतिद्वंद्वियों का वैल्यूएशन और भी ज्यादा है। ओवरऑल टेलीकॉम सेक्टर की चाल पिछले एक साल से सपाट रही है। जहां सरकार 6G के लिए तैयारी कर रही है, वहीं सेक्टर का भविष्य मिला-जुला है। Bharti Airtel जैसे स्टॉक्स का P/E 84.09x है, वहीं Vodafone Idea जैसी कंपनियां वित्तीय मुश्किलों से जूझ रही हैं।
फाइनेंशियल हेल्थ पर भी सवाल
शेयरों में आई आक्रामक तेजी कंपनी की बुनियादी वित्तीय सेहत से थोड़ी ज्यादा लगती है। HFCL की कमाई और सेल्स ग्रोथ में अस्थिरता है (5 साल की सेल्स ग्रोथ सिर्फ 2.27%)। रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 7.27% है और प्रॉफिट मार्जिन लगभग 6.22% है। कंपनी पर कर्ज का बोझ भी है, जिसके चलते नेट कैश का घाटा -₹13.87 बिलियन है। पिछले 12 महीनों में नेगेटिव फ्री कैश फ्लो -₹6.08 बिलियन रहा है, जो कर्ज चुकाने और ग्रोथ को फंड करने की क्षमता पर सवाल खड़े करता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बताता है कि शेयर ओवरबॉट (ज्यादा खरीदा हुआ) है, जो बड़ी गिरावट का संकेत दे सकता है।
एनालिस्ट्स क्या कहते हैं?
ज़्यादातर एनालिस्ट्स HFCL पर 'Buy' रेटिंग बनाए हुए हैं और ₹150 का टारगेट प्राइस दे रहे हैं। यह बताता है कि नज़दीकी अवधि में ज्यादा तेजी की उम्मीद कम है। कंपनी डिफेंस और डेटा सेंटर मार्केट में विस्तार कर रही है, जो भविष्य में ग्रोथ की संभावनाएँ पैदा करता है। हालांकि, भारी वैल्यूएशन प्रीमियम, ऑपरेशनल अस्थिरता के जोखिम और टेलीकॉम सेक्टर की धीमी चाल इन संभावनाओं को थोड़ा कम कर सकती है। निवेशकों को ग्रोथ स्टोरी में बने रहने या वैल्यूएशन करेक्शन के लिए तैयार रहने के बीच फैसला करना होगा।
