HFCL की इंटरनेशनल मार्केट में दमदार पकड़
टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HFCL ने अपने ग्लोबल विस्तार की ओर एक और अहम कदम बढ़ाया है। कंपनी ने $11.07 मिलियन (लगभग ₹106.19 करोड़) मूल्य के ऑप्टिकल फाइबर केबल के लिए एक एक्सपोर्ट ऑर्डर जीता है। इस डील को HFCL की ओवरसीज सब्सिडियरी पूरा करेगी और यह अगस्त 2026 तक निष्पादित की जानी है।
यह नया ऑर्डर HFCL की FY26 में हासिल किए गए $1.1 बिलियन के बड़े ग्लोबल सप्लाई एग्रीमेंट के अतिरिक्त है। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि कंपनी सफलतापूर्वक अपने रेवेन्यू स्रोतों में विविधता ला रही है और डोमेस्टिक टेन्डर्स पर निर्भरता कम कर रही है। यह कदम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ग्लोबल स्तर पर फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि 2026 में यह मार्केट $14.22 बिलियन का हो जाएगा और 2031 तक $22.74 बिलियन तक पहुंच सकता है, जिसका मुख्य कारण 5G, डेटा सेंटर्स और ब्रॉडबैंड प्रोजेक्ट्स हैं।
शेयर में तूफानी तेजी और वैल्यूएशन
हाल के महीनों में HFCL के स्टॉक में जबरदस्त उछाल देखा गया है, जिसने 52-हफ्ते की नई ऊंचाई को छुआ है। मई 2026 के मध्य तक, कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹22,636 करोड़ थी। इसका ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 70x से 75x के दायरे में है, जो लगातार उच्च ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है।
कंपनी के Q4 FY26 के नतीजों ने इस भरोसे को और बढ़ाया है। इस तिमाही में रेवेन्यू साल-दर-साल दोगुना होकर ₹1,824.12 करोड़ पर पहुंच गया, और कंपनी ने ₹184.45 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज कर मुनाफे में वापसी की। HFCL का एक्सपोर्ट पर जोर, जिसका लक्ष्य FY27 तक कुल रेवेन्यू का 50% से ज़्यादा रखना है (जो FY26 में 41% था), इसके वैल्यूएशन को सपोर्ट करने वाला एक प्रमुख कारक है।
एनालिस्ट्स की राय और कॉम्पिटिशन
बाजार के जानकारों का HFCL पर भरोसा कायम है। कई एनालिस्ट्स ने 'BUY' रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹150 से ₹188.50 तक के टारगेट प्राइस सुझाए हैं। यह उम्मीदें कंपनी के मजबूत ऑर्डर बुक पर आधारित हैं, जो ₹21,000 करोड़ से ज़्यादा है और आने वाले सालों के लिए रेवेन्यू की स्पष्टता प्रदान करती है।
हालांकि, HFCL के सामने कॉम्पिटिशन भी बढ़ रहा है। Sterlite Technologies जैसी कंपनियां, जिनकी वैल्यू चेन मजबूत है, इस बढ़ती डिमांड का फायदा उठा रही हैं। ग्लोबल स्तर पर Corning, Prysmian, और Sumitomo Electric जैसी बड़ी कंपनियां भी इस स्पेस में मौजूद हैं, ऐसे में HFCL के लिए लगातार इनोवेशन और लागत दक्षता बनाए रखना जरूरी होगा।
वैल्यूएशन जोखिम और चुनौतियां
HFCL का 70x से ऊपर का P/E रेशियो भारतीय टेलीकॉम सेक्टर के औसत से काफी ज्यादा है, जो ओवरवैल्यूएशन की चिंता पैदा करता है। अगर मार्केट सेंटीमेंट बदलता है या ग्रोथ की उम्मीदें कमजोर पड़ती हैं, तो शेयर की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। ऑप्टिकल फाइबर केबल मार्केट में ऐतिहासिक रूप से अस्थिरता रही है, और HFCL को भी अतीत में स्टॉक प्राइस में गिरावट का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही, बढ़ते इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट्स के एग्जीक्यूशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को मैनेज करना भी महत्वपूर्ण होगा। कंपनी का 3-साल का एवरेज रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 6.95% है, जो हालिया बढ़त के बावजूद, परिचालन सुधार और मार्जिन बढ़ाने की जरूरत को बताता है।