HEG Limited की गेम-चेंजर रणनीति जारी है, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी के क्षेत्र में। आज, कंपनी की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी TACC Limited ने इंडस्ट्री गैस के बड़े प्लेयर INOX Air Products (INOXAP) के साथ एक अहम लॉन्ग-टर्म डील की है।
इस कोलैबोरेशन के तहत, INOXAP, TACC के मध्य प्रदेश के देवास में बन रहे नए फैसिलिटी में एक खास ऑनसाइट नाइट्रोजन प्लांट लगाएगी और उसे मैनेज करेगी।
यह कदम TACC के लिए बहुत ज़रूरी है क्योंकि हाई-प्योरिटी वाले नाइट्रोजन की लगातार सप्लाई लिथियम-आयन बैटरी-ग्रेड ग्रेफाइट एनोड मैटेरियल जैसे एडवांस्ड मैटेरियल्स बनाने के लिए बेहद ज़रूरी है। इस डील से TACC की प्रोसेस एफिशिएंसी बढ़ेगी और प्रोडक्ट क्वालिटी भी बेहतर होगी, जिससे कंपनी EV बैटरी इकोसिस्टम में अपनी पकड़ मजबूत कर सकेगी।
HEG, जो ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स की लीडर है, अपनी सब्सिडियरी TACC के ज़रिए एडवांस्ड कार्बन और ग्रेफाइट मैटेरियल्स में डाइवर्सिफाई कर रही है। TACC देवास में एक बड़ा ग्रेफाइट एनोड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बना रही है, जिसके लिए SBI से फंड भी सिक्योर किया गया है। इस फैसिलिटी का लक्ष्य हर साल 20,000 मीट्रिक टन लिथियम-आयन बैटरी-ग्रेड ग्रेफाइट एनोड मैटेरियल का उत्पादन करना है।
INOX Air Products भारत में 48 से ज़्यादा लोकेशंस पर ऑपरेट करती है और 4,200 TPD से ज़्यादा लिक्विड गैस की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी रखती है, जो 1,800 से ज़्यादा मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन्स को सर्विस देती है।
HEG का यह कदम उसे EV बैटरी सप्लाई चेन में दूसरे भारतीय प्लेयर्स जैसे Graphite India के साथ खड़ा करता है, जो सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड मैटेरियल्स में ₹4,330 करोड़ का निवेश कर रही है। इसी तरह, Epsilon Advanced Materials भी भारत में ₹4,000 करोड़ का सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड प्लांट लगा रही है।
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर नज़र रखनी चाहिए। HEG के प्रमोटर ग्रुप के सदस्यों पर हाल ही में इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए SEBI ने पेनाल्टी लगाई थी। कंपनी को पहले ₹282.34 करोड़ का बड़ा GST डिमांड नोटिस भी मिला था। TACC का ग्रेफाइट एनोड प्रोजेक्ट बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़ा है, इसलिए समय पर एग्जीक्यूशन और डिमांड का पूरा होना ज़रूरी होगा।