क्यों गिरी HCLTech की चाल?
22 अप्रैल 2026 को HCL Technologies का शेयर लगभग 10% गिर गया। इसकी मुख्य वजह कंपनी की चौथी तिमाही (FY26) के नतीजे और FY27 के लिए जारी किया गया थोड़ा निराशाजनक रेवेन्यू फोरकास्ट रहा। कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 12.3% बढ़कर ₹33,981 करोड़ हो गया, लेकिन नेट प्रॉफिट में धीमी 4.2% की ग्रोथ ही दर्ज की गई, जो ₹4,490 करोड़ रहा। इसकी वजह ईबीआईटी मार्जिन (EBIT Margin) का 16.5% तक गिर जाना रहा।
FY27 का गाइडेंस और एनालिस्ट्स की चिंता
HCLTech ने अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान सिर्फ 1% से 4% के बीच रहने का जताया है, जो कि इंडस्ट्री के लिए काफी कम है। इस आउटलुक के कारण एनालिस्ट्स ने भी कंपनी के अर्निंग्स प्रेडिक्शन (Earnings Predictions) को नीचे कर दिया है। कंपनी को टेलीकॉम, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल जैसे सेक्टर्स से क्लाइंट्स की तरफ से डिस्क्रिशनरी प्रोजेक्ट्स (Discretionary Projects) में खर्च में कमी का सामना करना पड़ रहा है।
AI का डबल रोल: ग्रोथ या लागत?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) HCLTech के लिए एक दोधारी तलवार साबित हो रहा है। एक ओर, AI के एडवांस्ड AI सेगमेंट में 20% की शानदार ग्रोथ देखी गई, जिसका रेवेन्यू $146 मिलियन रहा। AI से ऑटोमेशन और बेहतर डेटा एनालिसिस जैसे फायदे मिल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, AI के कारण कंपनी की ट्रेडिशनल सर्विसेज (Traditional Services) की लागत में 3% से 5% की बढ़ोतरी का अनुमान है। यह कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती है कि कैसे AI सर्विसेज से होने वाली ग्रोथ, पुरानी सर्विसेज से आने वाले रेवेन्यू में कमी की भरपाई कर सके।
वैल्यूएशन और पीयर्स से तुलना
मौजूदा समय में HCLTech का शेयर अपने प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो के हिसाब से 21.4 से 27.5 के बीच ट्रेड कर रहा है, जो इंडस्ट्री एवरेज के आसपास है। हालांकि, रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 22-25% के साथ यह TCS (48.29%) और Infosys (31.88%) जैसे अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी पीछे है। यह दिखाता है कि कंपनी शेयरधारकों के फंड का इस्तेमाल उतना प्रभावी ढंग से नहीं कर पा रही है, जितना कि दूसरे बड़े प्लेयर्स। एनालिस्ट्स का एवरेज टारगेट प्राइस ₹1,641 के आसपास है।
ओवरऑल सेक्टर और प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल
पूरे आईटी सेक्टर में भी इन दिनों थोड़ी अनिश्चितता है, Nifty IT इंडेक्स साल 2026 में अब तक 25% तक गिर चुका है। FY26 में HCLTech का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 4.3% घटा है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या रेवेन्यू ग्रोथ को मुनाफे में बदला जा रहा है। कंपनी के ₹60 प्रति शेयर वाले डिविडेंड (Dividend) ने भी निवेशकों को निराश किया है। करेंसी गेन्स (Currency Gains) का इस्तेमाल AI इंवेस्टमेंट में करने की रणनीति ने भी निकट भविष्य में मार्जिन सुधार की उम्मीदों को कम किया है।
